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Cockroach Janta Party: कितने रुपये में बन जाती है Cockroach Janta Party जैसी वेबसाइट, किन बातों का ध्यान रखना जरूरी?

सीजेपी के संस्थापक बताए जा रहे हैं अभिजीत दीपके ने एक इंटरव्यू में दावा किया कि उन्होंने अपने दोस्तों के साथ मिलकर बिना किसी कोडिंग के कैसे 1 घंटे के अंदर पार्टी की पूरी वेबसाइट तैयार कर ली.

Cockroach Janta Party:  कॉकरोच जनता पार्टी इन दिनों सोशल मीडिया पर जबरदस्त चर्चा में है. महज कुछ दिनों के अंदर इस डिजिटल मूवमेंट ने इंस्टाग्राम पर करोड़ों फॉलोअर्स जोड़ लिए और बड़े राजनीतिक दलों को भी पीछे छोड़ दिया. खास बात यह है कि यह कोई ऑफिशियल राजनीतिक पार्टी नहीं बल्कि एक व्यंग्यात्मक डिजिटल कैंपेन है, जिसे एआई टूल्स और सोशल मीडिया की मदद से बहुत तेजी से तैयार किया गया है. इसके बाद इस पार्टी को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं कि आखिर कॉकरोच जनता पार्टी जैसी वेबसाइट बनाने में कितना कितना खर्च आता है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि कॉकरोच जनता पार्टी जैसी वेबसाइट बनाने में कितना खर्च आता है और इसे तैयार करने के लिए किन चीजों की जरूरत पड़ती है. 

दोस्तों के साथ मिलकर अभिजीत दीपके ने बनाई सीजेपी 

सीजेपी के संस्थापक बताए जा रहे हैं अभिजीत दीपके ने एक इंटरव्यू में दावा किया कि उन्होंने अपने दोस्तों के साथ मिलकर बिना किसी कोडिंग के कैसे 1 घंटे के अंदर कॉकरोच जनता पार्टी की पूरी वेबसाइट तैयार कर ली. उनका कहना है की वेबसाइट का डिजाइन, ग्राफिक्स और यहां तक की एंथम तैयार करने में भी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल किया गया. 

एआई टूल्स ने आसान बना दिया वेबसाइट बनाना 

पहले वेबसाइट तैयार करने के लिए महीनाें तक कोडिंग सीखनी पड़ती थी या डेवलपर की टीम हायर करनी होती थी. लेकिन अब एआई वेबसाइट बिल्डर की मदद से कुछ घंटों में पूरी वेबसाइट तैयार की जा सकती है. Framer AI, Dora, Relume.io और v0.dev जैसे टूल्स सिर्फ टेक्स्ट प्रॉम्प्ट के आधार पर वेबसाइट का लेआउट, डिजाइन, एनीमेशन और मोबाइल फ्रेंडली पेज तैयार कर देते हैं. अभिजीत दीपके के अनुसार उन्होंने एआई को सिर्फ निर्देश दिया और कुछ ही मिनट में ग्राफिक्स तैयार हो गया. वेबसाइट के लिए इस्तेमाल होने वाले कई प्रॉम्प्ट भी एआई की मदद से ही लेकर दिए गए. यही वजह है कि बहुत कम समय में यह डिजिटल कैंपेन तैयार हो गया. 

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वेबसाइट बनाने में कितना आता है खर्च? 

ऐसी वेबसाइट का खर्चा इस बात पर निर्भर करता है कि आप फ्री एआई टूल्स इस्तेमाल कर रहे हैं या प्रोफेशनल सर्विस. दरअसल बेसिक लेवल पर कोई व्यक्ति फ्री प्लेटफार्म और एआई टूल्स की मदद से लगभग बिना खर्च के भी वेबसाइट बना सकता है. हालांकि अगर कस्टम डोमेन, बेहतर डिजाइन, सरवर और प्रोफेशनल फीचर्स जोड़े जाए तो खर्च कुछ हजार रुपये से लेकर लाखों रुपये तक जा सकता है. 

कैसे वायरल हुई कॉकरोच जनता पार्टी? 

इस पार्टी की शुरुआत भारत के चीफ जस्टिस सूर्यकांत की एक टिप्पणी के बाद हुई. सीजेआई की टिप्पणी में युवाओं और एक्टिविस्ट के लिए कॉकरोच शब्द का इस्तेमाल होने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर मीम्स बनने लगे और फिर इसे एक व्यंग्यात्मक डिजिटल पार्टी के रूप में पेश किया गया. धीरे-धीरे यह मूवमेंट युवाओं के बीच वायरल हो गया. एआई से बने पोस्टर्स, वीडियो मीम्स और एंथम ने इसकी लोकप्रियता और को और बढ़ा दिया. रिपोर्ट के अनुसार कुछ ही दिनों में इसके इंस्टाग्राम फॉलोअर्स करोड़ों तक पहुंच गए, हालांकि एक्स पर इसका अकाउंट ब्लॉक होने की बात भी सामने आई.

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कविता गाडरी बीते कुछ साल से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता की दुनिया से जुड़ी हुई है. राजस्थान के जयपुर से ताल्लुक रखने वाली कविता ने अपनी पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय भोपाल से न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी में मास्टर्स और अपेक्स यूनिवर्सिटी जयपुर से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में की है. 
पत्रकारिता में अपना सफर उन्होंने राजस्थान पत्रिका से शुरू किया जहां उन्होंने नेशनल एडिशन और सप्लीमेंट्स जैसे करियर की उड़ान और शी न्यूज के लिए बाय लाइन स्टोरी लिखी. इसी दौरान उन्हें हेलो डॉक्टर शो पर काम करने का मौका मिला. जिसने उन्हें न्यूज़ प्रोडक्शन के लिए नए अनुभव दिए. 

इसके बाद उन्होंने एबीपी नेटवर्क नोएडा का रुख किया. यहां बतौर कंटेंट राइटर उन्होंने लाइफस्टाइल, करंट अफेयर्स और ट्रेडिंग विषयों पर स्टोरीज लिखी. साथ ही वह कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी लगातार सक्रिय रही. कविता गाडरी हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में दक्ष हैं. न्यूज़ राइटिंग रिसर्च बेस्ड स्टोरीटेलिंग और मल्टीमीडिया कंटेंट क्रिएशन उनकी खासियत है. वर्तमान में वह एबीपी लाइव से जुड़ी है जहां विभिन्न विषयों पर ऐसी स्‍टोरीज लिखती है जो पाठकों को नई जानकारी देती है और उनके रोजमर्रा के जीवन से सीधे जुड़ती है.

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