एक्सप्लोरर

Cockroach Nuclear Attack: क्या न्यूक्लियर अटैक के बाद भी जिंदा रहेंगे कॉकरोच? जानें इस बात में कितनी सच्चाई

Cockroach Nuclear Attack: अक्सर ही यह दावा किया जाता है कि कॉकरोच परमाणु हमले में भी जिंदा रह सकते हैं. आइए जानते हैं क्या है इस बात का सच.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • परमाणु हमले में कॉकरोच सीधे धमाके से नहीं बचेंगे।
  • ज़मीन के नीचे छिपकर कॉकरोच शॉकवेव्स और गर्मी से बच सकते हैं।
  • धीमी कोशिका विभाजन से कॉकरोच ज़्यादा रेडिएशन झेल सकते हैं।
  • इंसानों की तुलना में कॉकरोच ज़्यादा रेडिएशन सहन कर सकते हैं।

Cockroach Nuclear Attack: अभिजीत दीपके द्वारा स्थापित कॉकरोच जनता पार्टी के तेजी से लोकप्रिय होने की वजह से इंटरनेट पर एक सबसे पुरानी वैज्ञानिक भ्रांति एक बार फिर से चर्चा में आ चुकी है.‌ क्या कॉकरोच परमाणु हमले में जिंदा रह सकते हैं? यह दावा दशकों से चला आ रहा है और जब भी कॉकरोच की जबरदस्त सहनशक्ति पर चर्चा होती है तो अक्सर इसे दोहराया जाता है. आइए जानते हैं इस बात के पीछे कितना सच है.

कॉकरोच सीधे धमाके में जिंदा नहीं रह सकते 

जब कोई परमाणु हथियार फटता है तो इसके सबसे घातक प्रभाव होते हैं. काफी ज्यादा गर्मी, जबरदस्त शॉक वेव्स और कुछ सेकंड में निकलने वाला तीव्र रेडिएशन. ग्राउंड जीरो यानी कि धमाके के ठीक केंद्र पर तापमान इतना ज्यादा बढ़ सकता है कि वह सूरज की सतह के तापमान के बराबर हो जाए. ऐसा तापमान लाखों डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है और आसपास की लगभग हर चीज को पल भर में भाप बनाकर उड़ा देता है. जो कॉकरोच सीधे इस गर्मी और दबाव के संपर्क में आएंगे वे इंसानों और दूसरे जीवित जीवों की तरह ही तुरंत जलकर राख हो जाएंगे.

बचना सिर्फ धमाके से दूर ही संभव है 

यह भ्रांति इस वजह से लोकप्रिय हुई क्योंकि कॉकरोच धमाके के सीधे क्षेत्र से काफी दूर स्थित इलाकों में जिंदा रह सकते हैं. कॉकरोच अक्सर जमीन के काफी नीचे, पतली दरारों में, पाइपलाइनों में या फिर कंक्रीट की इमारतों के अंदर छिपे रहते हैं. ये जगह उन्हें शुरुआती गर्मी और शॉकवेव्स से बचा सकती है. अगर वे सीधे धमाके से बच जाते हैं तो कुछ कॉकरोच धमाके के बाद फैलने वाले रेडियोधर्मी वातावरण में कुछ समय तक जिंदा रह सकते हैं.

रेडिएशन कॉकरोच पर अलग तरह से असर डालता है 

इसका वैज्ञानिक स्पष्टीकरण इस बात में छिपा है कि रेडिएशन जीवित कोशिकाओं को किस तरह नुकसान पहुंचाता है. रेडिएशन मुख्य रूप से उन कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाता है जो तेजी से विभाजित होती हैं और अपनी संख्या बढ़ाती हैं. इंसानी कोशिकाएं लगातार और तेजी से विभाजित होती रहती हैं. इससे इंसानी शरीर रेडिएशन से होने वाले नुकसान के प्रति काफी ज्यादा संवेदनशील हो जाता है. 

इसके उलट कॉकरोच में कोशिकाओं के विभाजन का चक्र काफी धीमा होता है. उनकी कोशिकाएं आमतौर पर मोल्टिंग के दौरान ही विभाजित होती हैं. यह वह प्रक्रिया होती है जिसमें वे अपने बाहरी खोल को उतार फेंकते हैं.

इंसानों की तुलना में कहीं ज्यादा रेडिएशन सहन करने की शक्ति

वैज्ञानिक लंबे समय से कीड़ों में रेडिएशन सहन करने की क्षमता का अध्ययन करते आ रहे हैं. अगर इंसानों को लगभग 1000 रैड रेडिएशन संपर्क में लाया जाए तो उनकी  कुछ ही समय में मौत होने की पूरी संभावना होती है. लेकिन कॉकरोच काफी ज्यादा डोज में भी जिंदा रह सकते हैं.

यह भी पढ़ेंः चीन बना सेंट्रल ऑफ पॉवर तो किसे होगा ज्यादा नुकसान, रूस या अमेरिका? यहां देखें आंकड़े

स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

Sonam Wangchuk Hunger Strike: देश में किसने की थी सबसे लंबी भूख हड़ताल, अब कहां हैं वह शख्सियत?
देश में किसने की थी सबसे लंबी भूख हड़ताल, अब कहां हैं वह शख्सियत?
Psychological Pricing: 59,99,199... ज्यादातर चीजों की कीमत इस तरह ही क्यों होती है, जानें राउंड फिगर में क्यों नहीं रखे जाते नंबर?
59,99,199... ज्यादातर चीजों की कीमत इस तरह ही क्यों होती है, जानें राउंड फिगर में क्यों नहीं रखे जाते नंबर?
भारत में कितनी मातृभाषाएं, पहले नंबर पर हिंदी तो दूसरे नंबर पर सबसे ज्यादा कौन सी लैंग्वेज बोलते हैं लोग?
भारत में कितनी मातृभाषाएं, पहले नंबर पर हिंदी तो दूसरे नंबर पर सबसे ज्यादा कौन सी लैंग्वेज बोलते हैं लोग?
Musk Deer: क्या हिरण के पेट में सच में होती है कस्तूरी, जानें हिरण और इंसान दोनों के किस काम आती है यह?
क्या हिरण के पेट में सच में होती है कस्तूरी, जानें हिरण और इंसान दोनों के किस काम आती है यह?
Advertisement

वीडियोज

Kiku Sharda ने खोला Kapil Sharma Show का बड़ा राज
Jennifer Winget की दूसरी शादी की खबरों ने बढ़ाई फैंस की खुशी
अफवाह या सच? Kiara Advani की दूसरी प्रेग्नेंसी की चर्चा तेज
'The Odyssey' Review: Christopher Nolan का विजुअल मास्टरपीस, IMAX में मिलेगा असली रोमांच
Supreme Court ने Samay Raina को लगाई सख्त फटकार, बढ़ीं मुश्किलें
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
क्या अमेरिका के सैनिकों में हो गई मर्दाना कमी? चर्चा में ट्रंप प्रशासन का अनोखा फैसला
क्या अमेरिका के सैनिकों में हो गई मर्दाना कमी? चर्चा में ट्रंप प्रशासन का अनोखा फैसला
सोनम वांगचुक का अनशन जारी, अब AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने सरकार से कर दी ये मांग
सोनम वांगचुक का अनशन जारी, अब AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने सरकार से कर दी ये मांग
JJD की वीणा मानवी ने बताया क्यों रद्द हुआ नामांकन, बोलीं- 'आज नीतीश कुमार CM होते तो…'
JJD की वीणा मानवी ने बताया क्यों रद्द हुआ नामांकन, बोलीं- 'आज नीतीश कुमार CM होते तो…'
रोहित शर्मा फिर हुए फ्लॉप, तो ये खिलाड़ी करने लगा ट्रेंड, टीम इंडिया में लाने की मांग तेज
रोहित शर्मा फिर हुए फ्लॉप, तो ये खिलाड़ी करने लगा ट्रेंड, टीम इंडिया में लाने की मांग तेज
OTT Watchlist: 6 महीने में ओटीटी पर सबसे ज्यादा देखे गए ये 6 सीरीज-फिल्में, 'धुरंधर' से आगे निकला ये शो
6 महीने में ओटीटी पर सबसे ज्यादा देखे गए ये 6 सीरीज-फिल्में, 'धुरंधर' से आगे निकला ये शो
Explained: क्या 7 महीनों में जाएगी बालेन शाह की सत्ता? कैसे नेपाली PM बनाने वाले Gen-Z खिलाफ हुए, जानें पूरा मामला
क्या 7 महीनों में जाएगी बालेन शाह की सत्ता? कैसे नेपाली PM बनाने वाले Gen-Z खिलाफ हुए?
मानसून सत्र: ‘फिर वही करने जा रही सरकार’, परिसीमन बिल लाने की खबर से भड़के खरगे, PM मोदी को लेटर
‘फिर वही करने जा रही सरकार’, संसद में परिसीमन बिल लाने की खबर से भड़के खरगे, PM मोदी को लिखा लेटर
ममता को झटके पर झटका! मदन मित्रा के बाद अब कोयल मलिक का इस्तीफा, भूपेन्द्र यादव से की मुलाकात
ममता को झटके पर झटका! मदन मित्रा के बाद अब कोयल मलिक का इस्तीफा, भूपेन्द्र यादव से की मुलाकात
Embed widget