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कैसे एक पतली सी केबल पहुंचाती है हजारों GB डेटा? जानें क्या है Fiber Optic की टेक्नोलॉजी

Fiber Optic Technology: फाइबर ऑप्टिक केबल बहुत पतले कांच या प्लास्टिक के रेशों से तैयार होते हैं. ये रेशे इतने पतले होते हैं कि कई बार इंसान के सिर के बालों से भी पतले दिखते हैं.

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  • यह कम डेटा हानि के साथ भरोसेमंद गति प्रदान करता है।

Fiber Optic Technology: इंटरनेट आज की डिजिटल दुनिया में लोगों की जरूरत बन चुका है. ऑनलाइन पेमेंट से लेकर स्मार्ट टीवी और सोशल मीडिया जैसे प्लेटफॉर्म, लगभग सभी चीजों के लिए इंटरनेट की जरूरत पड़ती है. लेकिन क्या आपने कभी सोच है कि इतना तेज इंटरनेट आपके पास पहुंचता कैसे है? दरअसल, ऑप्टिकल फाइबर टेक्नोलॉजी की मदद से इंटरनेट लोगों तक पहुंचता है. आइए जानते हैं कि ये तकनीक कैसे काम करती है.

लाइट के जरिए कैसे पहुंचता है डेटा

जानकारी के अनुसार, फाइबर ऑप्टिक टेक्नोलॉजी की सबसे बड़ी खास बात यह है कि इसमें डेटा को Light Pulses में बदल दिया जाता है. अब जब भी कोई मैसेज या जानकारी भेजी जाती है तो केबल के एक साइड से लाइट रेज छोड़ी जाती हैं. यह रौशनी केबल के अंदर मौजूद कोर (Core) में आगे बढ़ता है और बाहर मौजूद क्लैडिंग (Cladding) से लगातार टकराकर रिफ्लेक्ट होता रहता है. इस पूरे प्रोसेस को टोटल इंटरनल रिफ्लेक्शन (Total Internal Reflection) कहा जाता है.

अब चूंकी रौशनी बाहर नहीं निकल पाती है इसलिए वह लंबी दूरी तक बहुत बिना किसी नुकसान के ट्रैवल कर सकती है. जब ये सिग्नल अपने जगह तक पहुंचता है तो एक ऑप्टिकल रिसीवर उसे फिर से इलेक्ट्रिकल सिग्नल में बदल देता है जिसे कंप्यूटर, मोबाइल या टीवी समझ सकते हैं.

क्या होती है फाइबर ऑप्टिक केबल?

फाइबर ऑप्टिक केबल बहुत पतले कांच या प्लास्टिक के रेशों से तैयार होते हैं. ये रेशे इतने पतले होते हैं कि कई बार इंसान के सिर के बालों से भी पतले दिखते हैं. इन केबलों का काम डेटा को Light के रूप में एक जगह से दूसरे जगह तक पहुंचाना होता है. इसी वजह से फाइबर नेटवर्क पुराने कॉपर वायर की तुलना में कहीं ज्यादा तेज और भरोसेमंद माना जाता है.

क्या डेटा लॉस हो सकता है?

हालांकि फाइबर ऑप्टिक टेक्नोलॉजी बेहद एडवांस मानी जाती है लेकिन फिर भी इतनी लंबी दूरी तक ट्रैवल करने में कुछ हद तक डेटा लॉस या सिग्नल कमजोर होने की संभावना बनी रहती है. हालांकि, पुराने तारों की तुलना में ये एडवांस टेक्नोलॉजी कम डेटा लॉस करती है.

इसीलिए ऑप्टिकल फाइबर टेक्नोलॉजी सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में इंटरनेट पहुंचाने का एक सफल तरीका बन चुका है. इसके साथ ही इस तकनीक में डेटा लॉस काफी कम होता है जिससे कमजोर, स्लो इंटरनेट जैसी समस्याएं कम होती हैं और लोगों को तेज इंटरनेट मिल जाता है.

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स्मार्टफोन, गैजेट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी और इंटरनेट टेक्नोलॉजी की दुनिया में मेरा इंटरेस्ट काफी ज्यादा है. मैं यानी हिमांशु तिवारी, ABP LIVE में टेक और डिजिटल सेक्शन का हिस्सा हूं. मैं नई टेक्नोलॉजी को आसान और दिलचस्प अंदाज में पाठकों तक पहुंचाने का काम करता हूं. स्मार्टफोन लॉन्च, वायरल टेक ट्रेंड्स, AI अपडेट्स, सोशल मीडिया फीचर्स और साइबर फ्रॉड जैसे विषयों पर मेरी पकड़ मजबूत है.

टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरों को सिर्फ जानकारी तक सीमित नहीं रखता, बल्कि उन्हें आम लोगों की जरूरत और रोजमर्रा की जिंदगी से जोड़कर पेश करता हूं. खासतौर पर ऐसी खबरों पर काम करना पसंद करता हूं, जो लोगों के डिजिटल एक्सपीरियंस को सीधे प्रभावित करती हैं.

इसके अलावा मुझे नई टेक्नोलॉजी एक्सप्लोर करना, स्मार्टफोन फीचर्स को समझना और डिजिटल ट्रेंड्स पर रिसर्च करना पसंद है. मैं आसान भाषा और आकर्षक अंदाज में लिखने के लिए जाना जाता हूं, जिससे कठिन टेक्निकल बातें भी पाठकों के लिए समझना आसान हो जाती हैं. मैंने परास्नातक माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से उत्तीर्ण की है.

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