एक्सप्लोरर

हार्ट रेट का कैसे पता लगाती है स्मार्टवॉच, जानें टेक्नोलॉजी

How Do Smartwatches Measure Heart Rate: स्मार्टवॉच में हार्ट रेट सेंसर लगे होते हैं, जो कलाई से ही धड़कन का पता लगा लेते हैं. आखिर इनके पीछे कौन-सी टेक्नोलॉजी काम कर रही होती है.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • स्मार्टवॉच स्वास्थ्य हेतु हृदय गति पर नज़र रखती है।
  • PPG सेंसर हरे प्रकाश से रक्त की मात्रा मापता है।
  • ECG सेंसर हृदय विद्युत संकेतों को मापकर धड़कन बताता है।
  • ECG सेंसर PPG से अधिक सटीक माने जाते हैं।

How Do Smartwatches Measure Heart Rate: बीते कुछ वर्षों से स्मार्टवॉच की पॉपुलैरिटी बढ़ी है और इसके पीछे सबसे बड़ा कारण हेल्थ और फिटनेस ट्रैकिंग है. यह आपके कदमों की संख्या, कितनी कैलोरी बर्न हुई, स्ट्रेस लेवल और नींद की क्वालिटी जैसी कई चीजों को ट्रैक कर सकती है. हालांकि, हमेशा ये रीडिंग्स करेक्ट नहीं होती और इनमें गलती भी हो सकती है. इन आंकड़ों को ट्रैक करने में हार्ट रेट की सबसे अहम भूमिका होती है. स्मार्टवॉच आपके रेस्टिंग हार्ट रेट यानी आराम की स्थिति वाली हार्ट रेट को मॉनिटर कर सकती है, जिससे हार्ट रेट में बदलाव, स्ट्रेस और आपके एक्टिविटी लेवल का अंदाजा लगाया जाता है. रेस्टिंग हार्ट रेट से आपकी हार्ट और फिटनेस की स्थिति के बारे में भी जानकारी मिल सकती है. कई लोगों के मन में यह सवाल भी उठ सकता है कि स्मार्टवॉच हार्ट रेट का कैसे पता लगाती है? आज हम इसका जवाब जानने की कोशिश करेंगे. 

हार्ट रेट कैसे मापती है स्मार्टवॉच?

स्मार्टवॉच के हार्ट रेट मापने का तरीका अलग-अलग होता है. कुछ मॉडल PPG (फोटोप्लेथिस्मोग्राफी) ऑप्टिकल हार्ट रेट मॉनिटर यूज करते हैं. इसमें ग्रीन लाइट के जरिए यह देखा जाता है कि नसों में कितनी रफ्तार से खून बह रहा है. कई मॉडल ECG (इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम) हार्ट रेट सेंसर लगा होता है. यह ब्लड के इलेक्ट्रिकल सिग्नल को मापकर हार्ट रेट का पता लगाता है.

PPG सेंसर कैसे काम करता है?
हार्ट रेट का कैसे पता लगाती है स्मार्टवॉच, जानें टेक्नोलॉजी

PPG स्मार्टवॉच में पाया जाने वाला एक कॉमन हार्ट रेट मॉनिटर है. यह मॉनिटर सेंसर की मदद से खून की मात्रा में बदलाव को डिटेक्ट करता है. दरअसल, जब स्किन और शरीर के दूसरे ऑर्गन के पास ब्लड ट्रांसफर होता है तो हार्ट बीट के साथ कैपिलरीज एक्सपैंड और कॉन्ट्राक्ट होती है. इसी दौरान स्मार्टवॉच में लगा PPG हार्ट रेट मॉनिटर स्किन पर ग्रीन लाइट फेंककर यह रिकॉर्ड करता है कि कितनी लाइट वापस आई है. फिर उस नंबर को रीडेबल फॉर्मेट में स्क्रीन पर दिखाया जाता है. जब नस खून से भरी होती है तो वो ग्रीन लाइट को पूरी तरह सोख लेती है. इससे स्मार्टवॉच के लिए यह पता लगाना आसान हो जाता है कि कैपिलरी कब खून से भरी हुई है और कब वह खाली है. 

ECG हार्ट रेट मॉनिटर का क्या काम?
हार्ट रेट का कैसे पता लगाती है स्मार्टवॉच, जानें टेक्नोलॉजी

ECG हार्ट रेट मॉनिटर को प्रीमियम स्मार्टवॉचेज में ज्यादा इस्तेमाल किया जाता है. ये हार्ट मॉनिटर दिल की धड़कन को कंट्रोल करने वाले इलेक्ट्रिकल सिग्नल को मापते हैं. इसके लिए वॉच के सेंसर का स्किन के संपर्क में रहना जरूरी होता है. जब यह स्किन से टच रहता है तो इलेक्ट्रिकल चेंजेज को मापकर हार्ट रेट की रफ्तार और उसकी टाइमिंग का पता लगाता है. यह मॉनिटर एट्रियल फिब्रिलेशन जैसी हार्ड रेट में होने वाली अनियमितता को भी डिटेक्ट कर सकते हैं. PPG मॉनिटर में यह फीचर नहीं होता.

ECG v PPG में से कौन-सा बेहतर?

एक्सपर्ट्स का मानना है कि ECG हार्ट रेट मॉनिटर ज्यादा सटीक होते हैं. PPG मॉनिटर की सटीकता हाथ पर बने टैूट, डार्क स्किन और हाथ हिलने आदि फैक्टर से प्रभावित हो सकती है. इसलिए अगर आपको सटीक हार्ट रेट मॉनिटरिंग चाहिए तो ECG मॉनिटर वाली स्मार्टवॉच खरीदने पर विचार करें.

PPG मॉनिटर ग्रीन लाइट क्यों यूज करते हैं?

हमारे ब्लड में हीमोग्लोबिन होता है, जो ऑक्सीजन के कॉन्टैक्ट में आकर लाल हो जाता है. यह ज्यादातर लाइट को अब्जॉर्ब कर लेता है और स्पेसिफिक वेवलेंग्थ वाली लाइट को ही रिफ्लेक्ट करता है. कोई भी लाल ऑब्जेक्ट ग्रीन लाइट को पूरी तरह अब्जॉर्ब करता है. इसलिए जब कैपिलरी खून से भरी होती है तो वो ग्रीन लाइट को पूरी तरह सोख लेती है. इससे कोई लाइट वापस नहीं जाती, जिससे मॉनिटर को पता लग जाता है कि इस समय कैपिलरी खून से भरी हुई है. वहीं जब लाइट वापस आती है तो पता चलता है कि अभी कैपिलरी पूरी तरह खून से भरी हुई नहीं है. इसके अलावा ग्रीन लाइट स्किन में उतना अंदर नहीं जा पाती है, जितने बाकी कलर की लाइट जाती है. इस कारण स्मार्टवॉच बॉडी के सरफेस से ही रीडिंग उठाकर सटीक मेजरमेंट बताती है.

ये भी पढ़ें-

iPhone 18 Pro Max vs Pixel 11 Pro XL: किसमें होगा ज्यादा दम?

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन से पढ़ाई पूरी करने के बाद पिछले एक दशक से मीडिया इंडस्ट्री में सक्रिय हूं. फिलहाल एबीपी न्यूज के साथ काम कर रहा हूं और यहां टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरों, गैजेट्स, ऐप्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सोशल मीडिया और डिजिटल ट्रेंड्स पर लिख रहा हूं. फ्यूचर टेक, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और तेजी से बदलती डिजिटल दुनिया से जुड़े टॉपिक्स में विशेष रुचि है. पिछले 10 वर्षों में नेशनल, पॉलिटिक्स, इंटरनेशनल, ऑटो, बिजनेस और टेक समेत कई बीट्स पर काम करने का अनुभव रहा है. इस दौरान टाइम्स इंटरनेट, दैनिक जागरण और न्यूजबाइट्स जैसे कई मीडिया संस्थानों में काम करने का अवसर मिला. 

विभिन्न बीट्स पर काम करने के अनुभव ने खबरों को अलग-अलग नजरिए से समझने और पेश करने की समझ दी. रिपोर्टिंग और कंटेंट लिखने के दौरान हमेशा कोशिश रही कि खबरों को आसान और भरोसेमंद तरीके से रीडर तक पहुंचाया जाए. 2019 के लोकसभा चुनावों के दौरान ग्राउंड रिपोर्टिंग करने और कई नेताओं के इंटरव्यू लेने का भी अवसर मिला. 

काम के सिलसिले में कई बड़े कार्यक्रमों, प्रेस कॉन्फ्रेंस और विशेष आयोजनों को कवर करने का मौका मिला, जहां अलग-अलग पहलुओं को समझने का अवसर मिला. डिजिटल मीडिया के लगातार बदलते दौर में नई चीजें सीखने और खुद को अपडेट रखने की कोशिश रहती है, ताकि कंटेंट को बेहतर और रीडर के समझने के लिए आसान बनाया जा सके.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

हार्ट रेट का कैसे पता लगाती है स्मार्टवॉच, जानें टेक्नोलॉजी
हार्ट रेट का कैसे पता लगाती है स्मार्टवॉच, जानें टेक्नोलॉजी
Google ने Pixel Tablet बनाना क्यों बंद कर दिया? सामने आ गई बड़ी वजह
Google ने Pixel Tablet बनाना क्यों बंद कर दिया? सामने आ गई बड़ी वजह
स्कैम करने के लिए ChatGPT जैसा एआई बना रहे हैकर्स, रहें सावधान
स्कैम करने के लिए ChatGPT जैसा एआई बना रहे हैकर्स, रहें सावधान
Best Refrigerators For Small Family : 2 लोगों की फैमिली के 10 हजार के अंदर आने वाले फ्रिज
2 लोगों की फैमिली के 10 हजार के अंदर आने वाले फ्रिज
Advertisement

वीडियोज

Baramati Crime: पत्नी ने रची पति को रास्ते से हटाने की खौफनाक साजिश? | Sansani
Janhit with Chitra Tripathi: CM Soren से छात्र..'हमको झुका ना पाओगे'! | Jharkhand Students Protest
Kanwar Yatra 2026: बुर्के में कांवड़, मुस्लिम महिला और हिंदू पति! नोटिस के बाद भी नहीं रुकी तमन्ना !
Assam Flood Crisis: असम में बाढ़ का तांडव, 98 मौतें, समय रैनाने भेजे 10 लाख, अब CM वापस लेंगे FIR?
Sansani: बेवफा बीवी की तेजाबी साजिश
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
ईरान का खौफ या कोई और बात? तुर्किए से छुपके से निकले डोनाल्ड ट्रंप
ईरान का खौफ या कोई और बात? तुर्किए से छुपके से निकले डोनाल्ड ट्रंप
'सरकार अपना बहुमत...', CM मान पर राजा वडिंग के दावे से पंजाब में हलचल
'सरकार अपना बहुमत...', CM मान पर राजा वडिंग के दावे से पंजाब में हलचल
रोहित समेत कितने भारतीय बल्लेबाजों ने वनडे में बनाए हैं 200? लिस्ट कर देगी हैरान
रोहित समेत कितने भारतीय बल्लेबाजों ने वनडे में बनाए हैं 200? लिस्ट कर देगी हैरान
Toxic से यश ने वसूली सबसे मोटी रकम, जानें- कियारा आडवाणी से नयनतारा तक किसे मिली कितनी फीस?
'टॉक्सिक' से यश ने वसूली सबसे मोटी रकम, जानें- कियारा सहित बाकी स्टार कास्ट की फीस
जनवरी में होनी थी शादी, ट्रेकिंग से गायब हुआ IIT इंजीनियर, तलाश में जुटे 100 लोग
जनवरी में होनी थी शादी, ट्रेकिंग से गायब हुआ IIT इंजीनियर, तलाश में जुटे 100 लोग
Fact Check: अरुणाचल प्रदेश में घुस गई है चीनी सेना? वायरल वीडियो का सच
Fact Check: अरुणाचल प्रदेश में घुस गई है चीनी सेना? वायरल वीडियो का सच
Video: बुलडोजर से निकली कांवड़ यात्रा, अनोखा अंदाज देख लोग हैरान
बुलडोजर से निकली कांवड़ यात्रा, अनोखा अंदाज देख लोग हैरान
 Solar Crop Dryer Subsidy: फसल सुखाने के लिए खरीदें सोलर क्रॉप ड्रायर, मिल रही 1.40 लाख की सब्सिडी
फसल सुखाने के लिए खरीदें सोलर क्रॉप ड्रायर, मिल रही 1.40 लाख की सब्सिडी
Embed widget