Digital arrest से लेकर UPI fraud तक, सबसे खतरनाक साइबर क्राइम से बचाव के लिए करें ये काम
Cyber Crime Prevention Tips: साइबर क्राइम के तेजी से बढ़ते मामलों के बीच अलर्ट रहना बहुत जरूरी है. जरा-सी लापरवाही से बहुत बड़ा नुकसान झेलना पड़ सकता है.

- साइबर अपराध बढ़ रहे हैं, डिजिटल अरेस्ट, KYC स्कैम से सावधान।
- डिजिटल अरेस्ट: वीडियो कॉल पर गिरफ्तारी फर्जी, तुरंत कॉल काटें।
- KYC अपडेट कॉल पर न दें, आधिकारिक प्लेटफॉर्म ही उपयोग करें।
- अजनबियों से निजी जानकारी साझा न करें, शिकायत दर्ज कराएं।
Cyber Crime Prevention Tips: साइबर क्राइम का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है. एआई आने के बाद ये क्राइम इतने एडवांस्ड हो गए हैं कि पढ़े-लिखे लोगों के लिए असली-नकली का अंतर करना मुश्किल हो गया है. यही कारण है कि रोजाना बड़ी संख्या में लोग इन क्राइम का शिकार होते हैं और अपनी मेहनत की कमाई गंवा बैठते हैं. आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि डिजिटल अरेस्ट और KYC स्कैम जैसे खतरनाक साइबर क्राइम से बचने के लिए आपको क्या करना चाहिए.
डिजिटल अरेस्ट स्कैम से कैसे करें बचाव?
डिजिटल अरेस्ट के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं. इसमें स्कैमर पुलिस, जज, कस्टम या बैंक अधिकारी आदि बनकर कॉल करते हैं और किसी झूठे मामले में फंसाने का डर दिखाते हैं. पीड़ित को डराने के लिए ये वीडियो कॉल पर फर्जी पुलिस अधिकारी और थाने भी दिखा देते हैं. आपको यह ध्यान रखना है कि कोई भी सरकारी एजेंसी आपको वीडियो कॉल के जरिए अरेस्ट नहीं कर सकती और न ही वीडियो कॉल के जरिए पूछताछ हो सकती है. ऐसी कॉल आने पर तुरंत डिस्कनेक्ट कर दें और साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर इसकी जानकारी दें.
KYC Scam से बचने का तरीका
इस तरह के स्कैम में स्कैमर बैंक अधिकारी या टेलीकॉम ऑपरेटर बनकर कॉल करता है और आपके अकाउंट, सिम कार्ड, डिजिटल वॉलेट, पैन कार्ड आदि डॉक्यूमेंट को अपडेट करने की बात कहता है. डराने के लिए वो ऐसा न करने पर सिम कार्ड या अकाउंट ब्लॉक होने की भी धमकी देते हैं. इससे बचाव के लिए ध्यान रखें कि अपने अकाउंट, डॉक्यूमेंट या सिम कार्ड आदि की KYC अपडेट कभी भी कॉल पर पूरी न करें. इसके लिए संबंधित कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप का इस्तेमाल करें.
बॉस स्कैम से ऐसे बचें
बॉस स्कैम में साइबर अपराधी किसी कंपनी के सीनियर लीडर बनकर कर्मचारियों से बात करते हैं. बातचीत में उन पर पैसे भेजने या सेंसेटिव इंफोर्मेशन शेयर करने को कहा जाता है. आमतौर पर इस स्कैम की शुरुआत व्हाट्सऐप मैसेज, ईमेल या फोन कॉल से होती है. इससे बचने के लिए हमेशा जानकारी शेयर करने या पैसा भेजने से पहले रिक्वेस्ट या इंस्ट्रक्शन को वेरिफाई कर लें. बिना वेरिफिकेशन के किसी भी तरह की ट्रांजेक्शन न करें.
इस बात का ध्यान रखना है सबसे जरूरी
कभी भी किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी पर्सनल और सेंसेटिव डिटेल्स शेयर न करें. भले ही कोई आपको डरा-धमकाकर या लालच देकर OTP या दूसरी जानकारी मांग रहा है तो तुरंत कॉल डिस्कनेक्ट कर दें और पुलिस या हेल्पलाइन पर इसकी शिकायत दें.
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