कहीं आप फर्जी वेबसाइट पर साइबर क्राइम की जानकारी तो नहीं दे रहे? सरकार ने दी वॉर्निंग
Cyber Crime Prevention: इन दिनों स्कैमर्स नकली साइबर क्राइम पोर्टल का यूज कर लोगों को फंसाने की कोशिश कर रहे हैं. इसे देखते हुए सरकार ने वॉर्निंग जारी की है.

- साइबर अपराधी फर्जी पोर्टल से लोगों को ठगने का नया तरीका अपना रहे हैं।
- सरकार ने ऐसे फर्जी पोर्टलों से सावधान रहने की चेतावनी जारी की है।
- साइबर अपराध की रिपोर्ट के लिए सीधे cybercrime.gov.in का उपयोग करें।
- संदिग्ध वेबसाइटों की शिकायत करें, धोखाधड़ी पर 1930 पर कॉल करें।
Cyber Crime Prevention: साइबर अपराधियों ने इन दिनों स्कैम का एक नया तरीका निकाल लिया है. इसे लेकर सरकार की तरफ से वॉर्निंग जारी की गई है. नए तरीके में साइबर अपराधी नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के स्क्रीनशॉट और इस जैसी दिखने वाली फर्जी वेबसाइट के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसाने की कोशिश कर रहे हैं. इस स्कैम में उन लोगों को टारगेट किया जा रहा है, जो किसी साइबर क्राइम की जानकारी देने के लिए सरकारी पोर्टल को सर्च करते हैं. आइए जानते हैं कि यह स्कैम कैसे काम कर रहा है और इससे बचाव के लिए क्या करना चाहिए.
कैसे किया जा रहा है लोगों को टारगेट?
लोगों को अपने जाल में फंसाने के लिए साइबर अपराधी सरकार के असली पोर्टल की नकल करते हुए फर्जी वेबसाइट बना रहे हैं. जब कोई साइबर क्राइम की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए पोर्टल की सर्च करता है तो उसे फर्जी पोर्टल भी दिख रहा है. अगर कोई गलती से साइबर क्रिमिनल वाले फर्जी पोर्टल पर पहुंच जाता है तो यहां उससे पर्सनल डिटेल्स और डिवाइस को अनलॉक करने के लिए पैसे मांगे जाते हैं.
सरकार ने दी यह वॉर्निंग
सरकार की तरफ से जारी वॉर्निंग में कहा गया है कि नकली वेबसाइट पर ऐसा दावा किया जा सकता है कि आपका डिवाइस ब्लॉक हो गया है और इसे अनलॉक करने के लिए आपसे पैसे की डिमांड की जाएगी. ऐसी स्थिति में आपको घबराना नहीं है और न ही उस पेज पर कोई पेमेंट करनी है. ध्यान रहे कि सरकार के असली पोर्टल पर पॉप-अप्स या लिंक के जरिए पेमेंट नहीं मांगी जाती है.
क्या है ऐसे स्कैम से बचाव का तरीका?
सरकार ने इस तरह के स्कैम से बचने के लिए कुछ तरीके बताए हैं-
- साइबर क्राइम रिपोर्ट करने के लिए ब्राउजर के सर्च बॉक्स में http://cybercrime.gov.in लिखकर सर्च करें. यह आपको सीधे सरकारी पोर्टल पर लेकर जाएगा.
- ऐसे पॉप-अप्स को इग्नोर करें, जिनमें आपका डिवाइस ब्लॉक करने का मैसेज दिखाया जा रहा है.
- सरकार कभी पॉप-अप्स और रैंडम लिंक के जरिए पेमेंट या जुर्माने की डिमांड नहीं करती.
- संदिग्ध वेबसाइट और लिंक की शिकायत करने के लिए http://cybercrime.gov.in वेबसाइट के "Check & Report" सेक्शन का यूज करें.
- अगर आपके साथ साइबर फ्रॉड हुआ है तो 1930 पर कॉल कर इसकी जानकारी दें.
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