एक्सप्लोरर

भारत छोड़ सकता है WhatsApp? जानिए प्राइवेसी विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने क्यों लगाई फटकार, यहां जानिए पूरा मामला

Whatsapp: भारत में WhatsApp सिर्फ एक मैसेजिंग ऐप नहीं बल्कि रोजमर्रा की ज़िंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है. परिवार की बातचीत हो, ऑफिस का काम या फिर पेमेंट और बिज़नेस चैट हर जगह WhatsApp मौजूद है.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom

Whatsapp: भारत में WhatsApp सिर्फ एक मैसेजिंग ऐप नहीं बल्कि रोजमर्रा की ज़िंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है. परिवार की बातचीत हो, ऑफिस का काम या फिर पेमेंट और बिज़नेस चैट हर जगह WhatsApp मौजूद है. ऐसे में जब देश की सर्वोच्च अदालत ने WhatsApp की पैरेंट कंपनी Meta को कड़े शब्दों में चेतावनी दी तो यह मामला सुर्खियों में आ गया. अगर हमारे संविधान का पालन नहीं कर सकते तो भारत छोड़ दीजिए जैसी टिप्पणी ने साफ संकेत दिया कि यूजर्स की निजता को लेकर कोर्ट किसी भी तरह की ढील देने के मूड में नहीं है.

WhatsApp की प्राइवेसी विवाद की शुरुआत कैसे हुई

इस पूरे विवाद की जड़ साल 2021 में आई WhatsApp की नई प्राइवेसी पॉलिसी है. इस अपडेट के जरिए यूजर्स को बताया गया कि WhatsApp, Meta समूह की अन्य कंपनियों के साथ कुछ यूजर डेटा साझा कर सकता है. पॉलिसी में कहा गया था कि इस डेटा का इस्तेमाल सेवाओं को बेहतर बनाने, कस्टमाइजेशन और मार्केटिंग से जुड़े कामों के लिए किया जाएगा.

सबसे बड़ी परेशानी यह थी कि यूजर्स के सामने दो ही विकल्प थे या तो नई शर्तें स्वीकार करें या फिर WhatsApp अकाउंट डिलीट कर दें. डेटा शेयरिंग से अलग रहते हुए ऐप इस्तेमाल करने का कोई विकल्प नहीं दिया गया जिससे लोगों में नाराज़गी बढ़ गई.

एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन के बावजूद चिंता क्यों बढ़ी

WhatsApp ने यह स्पष्ट किया कि दोस्तों और परिवार के बीच होने वाली निजी चैट एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड रहती हैं. हालांकि, बिज़नेस अकाउंट्स के साथ की गई बातचीत से जुड़ा डेटा एकत्र किया जा सकता है और इसका इस्तेमाल विज्ञापनों के लिए भी हो सकता है. भारत जैसे देश में, जहां करोड़ों लोग WhatsApp पर निर्भर हैं यह बात लोगों को ज्यादा सुकून नहीं दे पाई.

2026 में फिर क्यों गरमाया मामला

यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक तब पहुंचा, जब WhatsApp और Meta ने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) के उस आदेश को चुनौती दी जिसमें 213.14 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया था. CCI का मानना था कि नई प्राइवेसी पॉलिसी ने यूजर्स की पसंद और प्रतिस्पर्धा दोनों को नुकसान पहुंचाया है.

सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश की अगुवाई वाली बेंच ने सख्त रुख अपनाया. कोर्ट ने सवाल उठाया कि जब यूजर्स के पास मानो या छोड़ो जैसा विकल्प हो तो सहमति को असली कैसे माना जा सकता है. इसे बनावटी सहमति करार दिया गया जिसमें यूजर्स पर दबाव डालकर हामी भरवाई जाती है.

सुप्रीम कोर्ट की कड़ी टिप्पणी

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि WhatsApp की मजबूत पकड़ के कारण लोगों के पास व्यावहारिक रूप से कोई दूसरा विकल्प नहीं बचता क्योंकि लगभग हर कोई यही ऐप इस्तेमाल करता है. अदालत ने साफ कहा कि निजता का अधिकार किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जा सकता और कारोबारी फायदे संविधान से ऊपर नहीं हो सकते.

WhatsApp और Meta का पक्ष क्या है

WhatsApp ने इस मुद्दे पर सार्वजनिक रूप से टिप्पणी करने से इनकार किया, लेकिन अदालत में Meta के वकीलों ने दलील दी कि यह सेवा मुफ्त है और यूजर्स से कोई शुल्क नहीं लिया जाता. उनका कहना था कि सभी तरह का डेटा साझा नहीं किया जाता और निजी संदेशों तक कंपनी की पहुंच नहीं होती. फिर भी, कोर्ट इन तर्कों से संतुष्ट नजर नहीं आया.

Meta को मिला 9 फरवरी तक का अल्टीमेटम

इस मामले में सबसे अहम मोड़ तब आया जब सुप्रीम कोर्ट ने Meta और WhatsApp से हलफनामा दाखिल करने को कहा. कोर्ट चाहता है कि कंपनियां साफ तौर पर यह भरोसा दें कि यूजर्स का डेटा साझा नहीं किया जाएगा. इस मुद्दे पर अंतरिम आदेश जारी करने के लिए 9 फरवरी की तारीख तय की गई है. अगर यह भरोसा नहीं दिया गया तो WhatsApp की अपीलें खारिज हो सकती हैं.

क्या वाकई भारत छोड़ सकता है WhatsApp

हालांकि कोर्ट की भाषा काफी सख्त रही, लेकिन WhatsApp का तुरंत भारत से जाना फिलहाल संभव नहीं लगता. भारत उसका सबसे बड़ा बाजार है और यहां से हटना कंपनी के लिए बड़ा झटका होगा. कोर्ट का मकसद WhatsApp को बाहर निकालना नहीं, बल्कि यह संदेश देना है कि भारत में काम करने के लिए संवैधानिक मूल्यों का सम्मान करना अनिवार्य है.

यह भी पढ़ें:

Google पर कैसे ट्रेंड होते हैं टॉपिक्स? जानिए क्या है इसके पीछे की टेक्नोलॉजी

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

तेलंगाना निकाय चुनाव: 'पंजे' ने दिखाया दम, BRS की कार हुई पंचर, जानें कहां-किसने लहराया परचम?
तेलंगाना निकाय चुनाव: 'पंजे' ने दिखाया दम, BRS की कार हुई पंचर, जानें कहां-किसने लहराया परचम?
मालेगांव की डिप्टी मेयर के दफ्तर में टीपू सुल्तान की तस्वीर, भड़की शिंदे की शिवसेना
मालेगांव की डिप्टी मेयर के दफ्तर में टीपू सुल्तान की तस्वीर, भड़की शिंदे की शिवसेना
पंडित नेहरू चीन के साथ क्यों चाहते थे पंचशील समझौता? CDS अनिल चौहान ने बताया 
पंडित नेहरू चीन के साथ क्यों चाहते थे पंचशील समझौता? CDS अनिल चौहान ने बताया 
T20 World Cup में भारत-पाक मैच के लिए श्रीलंका रवाना हुई टीम इंडिया, एयरपोर्ट पर क्यों गुस्साए सूर्यकुमार यादव?
T20 World Cup में भारत-पाक मैच के लिए श्रीलंका रवाना हुई टीम इंडिया, क्यों गुस्साए सूर्या?
Advertisement

वीडियोज

Janhit: Shankaracharya Avimukteshwaranand पर Yogi ने आज फिर उठाए सवाल! | Prayagraj
किम जोंग उन की बेटी..बनेगी नॉर्थ कोरिया की 'बेबी तानाशाह' ? | Janhit | ABP News
UP Police Fake Encounter Case: 'हाफ एनकाउंटर' का सच..जज के सामने कैदी ने खोल दी यूपी पुलिस की पोल!
Crime News : दिल्ली में ह़ॉरर कांड की LIVE पिक्चर | Sansani
Patna Neet Student Death: छात्रा छत से गिर गई या गिरा दी गई? परिजनों का गंभीर आरोप! | Bihar News
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement
Petrol Price Today
₹ 94.72 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.62 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
तेलंगाना निकाय चुनाव: 'पंजे' ने दिखाया दम, BRS की कार हुई पंचर, जानें कहां-किसने लहराया परचम?
तेलंगाना निकाय चुनाव: 'पंजे' ने दिखाया दम, BRS की कार हुई पंचर, जानें कहां-किसने लहराया परचम?
मालेगांव की डिप्टी मेयर के दफ्तर में टीपू सुल्तान की तस्वीर, भड़की शिंदे की शिवसेना
मालेगांव की डिप्टी मेयर के दफ्तर में टीपू सुल्तान की तस्वीर, भड़की शिंदे की शिवसेना
पंडित नेहरू चीन के साथ क्यों चाहते थे पंचशील समझौता? CDS अनिल चौहान ने बताया 
पंडित नेहरू चीन के साथ क्यों चाहते थे पंचशील समझौता? CDS अनिल चौहान ने बताया 
T20 World Cup में भारत-पाक मैच के लिए श्रीलंका रवाना हुई टीम इंडिया, एयरपोर्ट पर क्यों गुस्साए सूर्यकुमार यादव?
T20 World Cup में भारत-पाक मैच के लिए श्रीलंका रवाना हुई टीम इंडिया, क्यों गुस्साए सूर्या?
Box Office Update: 'ओ रोमियो' कर रही है धमाकेदार कमाई, Border का कलेक्शन घटा, Shahid Kapoor की फिल्म से Sunny Deol का बड़ा नुकसान
'बॉर्डर 2' की कमाई लाखों में सिमटी, ‘ओ रोमियो’ ने बॉक्स ऑफिस पर किया कब्जा, रात 10 बजे तक का कलेक्शन जानें
यादों के झरोखे में नॉर्थ और साउथ ब्लॉक, जहां कभी देश की तकदीर लिखी जाती थी!
यादों के झरोखे में नॉर्थ और साउथ ब्लॉक, जहां कभी देश की तकदीर लिखी जाती थी!
जब जिंदगी में नहीं है पापा की परी तो किस काम की 14 फरवरी? वैलेंटाइंस डे पर अजब-गजब मीम्स वायरल
जब जिंदगी में नहीं है पापा की परी तो किस काम की 14 फरवरी? वैलेंटाइंस डे पर अजब-गजब मीम्स वायरल
क्या दुनिया के सारे देश एक होकर भी नहीं कर सकते अमेरिका का मुकाबला, कितना ताकतवर है US?
क्या दुनिया के सारे देश एक होकर भी नहीं कर सकते अमेरिका का मुकाबला, कितना ताकतवर है US?
Embed widget