क्या एआई के पास भी होता है कॉमन सेंस, जानिए AI और AGI क्या होते हैं और इनमें कितना है फर्क?
AI Vs AGI: आज हम जिस AI का इस्तेमाल करते हैं उसे Narrow AI कहा जाता है. यह खास-खास कामों के लिए बनाया जाता है जैसे वॉइस असिस्टेंट, चैटबॉट या कंटेंट रिकमेंडेशन सिस्टम.

- विशेषज्ञों की राय में AGI के आने में अभी समय लग सकता है।
AI Vs AGI: इन दिनों इंटरनेट पर AGI आ गया जैसे दावे खूब सुर्खियां बटोर रहे हैं. हाल ही में Jensen Huang ने Lex Fridman के पॉडकास्ट में कहा कि शायद हम AGI हासिल कर चुके हैं. इस बयान के बाद टेक दुनिया में नई बहस छिड़ गई है कि क्या सच में मशीनें अब इंसानों जैसी सोचने लगी हैं या अभी लंबा रास्ता बाकी है?
AGI क्या होता है?
AGI यानी Artificial General Intelligence ऐसी तकनीक को कहा जाता है जो किसी एक काम तक सीमित न रहकर इंसानों की तरह हर तरह के काम समझ सके. यह सिर्फ आदेश मानने वाली मशीन नहीं होती बल्कि नई परिस्थितियों को समझकर खुद फैसले लेने की क्षमता रखती है. उदाहरण के तौर पर, AGI एक ही सिस्टम में कोड लिख सकता है नई स्किल सीख सकता है, प्लानिंग कर सकता है और बदलते हालात के हिसाब से खुद को ढाल सकता है. आसान शब्दों में कहें तो यह सोचने वाली मशीन का कॉन्सेप्ट है.
आज का AI और AGI में फर्क
आज हम जिस AI का इस्तेमाल करते हैं उसे Narrow AI कहा जाता है. यह खास-खास कामों के लिए बनाया जाता है जैसे वॉइस असिस्टेंट, चैटबॉट या कंटेंट रिकमेंडेशन सिस्टम. यह AI अपने दायरे में तो अच्छा काम करता है लेकिन उस सीमा के बाहर जाकर कुछ नया नहीं कर सकता. वहीं AGI का मकसद बिल्कुल अलग है. यह किसी एक काम तक सीमित नहीं होगा बल्कि हर तरह की समस्या को समझकर उसका हल निकाल सकेगा. आसान शब्दों में समझें तो AI एक स्पेशलिस्ट है जबकि AGI एक ऑल-राउंडर है.
क्या आज का AI AGI बन चुका है?
Jensen Huang का मानना है कि अगर कोई AI सिस्टम एक बड़ी कंपनी को सफलतापूर्वक चला सकता है तो उसे AGI कहा जा सकता है. इस नजरिए से देखें तो हम AGI के काफी करीब लग सकते हैं. लेकिन पुरानी परिभाषा इससे अलग है. उसमें AGI का मतलब है ऐसी मशीन जो हर क्षेत्र में इंसानों के बराबर या उससे बेहतर सोच सके. इस मानक के हिसाब से आज का AI अभी उस स्तर तक नहीं पहुंचा है.
विशेषज्ञों की अलग-अलग राय
AI और AGI को लेकर दुनिया के बड़े विशेषज्ञों के बीच भी एकमत नहीं है. Geoffrey Hinton, Yann LeCun और Yoshua Bengio जैसे दिग्गज मानते हैं कि AGI अभी दूर की चीज है. उनके अनुसार, असली AGI वही होगा जो इंसानों की तरह लगातार सीख सके और नई समस्याओं को खुद हल कर सके. वहीं Demis Hassabis का कहना है कि मौजूदा AI अभी लंबी अवधि की योजना बनाने और लगातार सीखने में कमजोर है. उनका अनुमान है कि AGI आने में कुछ साल और लग सकते हैं. दूसरी ओर Elon Musk का मानना है कि AGI जल्द ही हकीकत बन सकता है.
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Source: IOCL


























