AI की मदद से मिली नई Gene Editing System, CRISPR से क्या है कनेक्शन?
Anthropic के AI मॉडल Claude ने DNA से जुड़े एक नए सिस्टम की पहचान की है, जिसे ART यानी Array-associated Reverse Transcriptase नाम दिया गया है. जानिए ART में क्या खास और इसका CRISPR से कितना कनेक्शन.

Anthropic के AI मॉडल Claude ने DNA से जुड़े एक ऐसे सिस्टम की पहचान की है, जो अपनी बनावट के कारण वैज्ञानिकों का ध्यान खींच रहा है. इसे ART यानी Array-associated Reverse Transcriptase नाम दिया गया है. खास बात यह है कि इसमें मौजूद DNA के दोहराए गए हिस्सों की बनावट CRISPR सिस्टम जैसी नजर आती है, हालांकि अभी ART को नई जीन एडिटिंग तकनीक कहना सही नहीं होगा. वैज्ञानिक अभी यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि यह सिस्टम शरीर में असल में क्या काम करता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि इसका CRISPR से क्या कनेक्शन है.
Claude ने आखिर क्या खोजा?
ART मुख्य रूप से उन bacteriophages में पाया गया है, जो बैक्टीरिया को संक्रमित करने वाले वायरस होते हैं. इस सिस्टम में तीन प्रमुख हिस्से बताए गए हैं. जिसमें पहला reverse transcriptase, दूसरा उसके साथ मौजूद एक partner gene और तीसरा लंबे DNA repeats का एक व्यवस्थित array.
Reverse transcriptase एक ऐसा एंजाइम है, जो RNA से DNA तैयार करता है. सामान्य तौर पर genetic जानकारी के इस्तेमाल की दिशा इससे उलट मानी जाती है. इस एंजाइम के बारे में पहले से जानकारी थी, लेकिन Claude ने इसके आसपास मौजूद DNA की खास बनावट को पहचाना है.
CRISPR से इसका कनेक्शन क्या है?
ART को खास बनाने वाली चीज इसका repeat array है. इसकी संरचना CRISPR array जैसी दिखाई देती है. शुरुआती प्रयोगों में पाया गया कि ART का repeat array अलग-अलग छोटे RNA में बदलता है. इसी वजह से वैज्ञानिकों को लगता है कि यह हिस्सा CRISPR में पाए जाने वाले RNA arrays की तरह कोई भूमिका निभा सकता है. अभी यह सिर्फ एक संभावित समानता है. ART सच में क्या काम करता है, यह अभी साफ नहीं है.
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AI Agents ने कैसे खोजा?
इस खोज के लिए Claude के करीब 950 अलग-अलग AI agents का इस्तेमाल किया गया. इन agents ने 2 लाख से ज्यादा known reverse transcriptases का विश्लेषण करीब 21 घंटे में किया. इस पूरी प्रक्रिया में लगभग 210 million tokens का इस्तेमाल हुआ. वहीं करीब 3,500 संभावित सिस्टम्स में से AI ने 20 को ज्यादा जरूरी माना, इनमें से एक सिक्वेंस में लंबे और समान दूरी वाले DNA repeats दिखाई दिए, जिसकी तुलना CRISPR जैसे पैटर्न से की गई.
लैब में भी हुई जांच
कंप्यूटर पर ART की पहचान करने के बाद Anthropic ने इसे अपनी molecular biology lab में भी जांचा. प्रयोगों में सामने आया कि इसके DNA repeats से अलग-अलग छोटे RNA बनते हैं. इससे Claude से की गई शुरुआती पहचान को लैब स्तर पर भी समर्थन मिला. Anthropic ने 23 सितंबर को इस खोज पर एक preprint जारी किया है, लेकिन अभी इस शोध की विशेषज्ञों ने समीक्षा नहीं की है. अब कंपनी ART के असल जैविक काम को समझने के लिए अकादमिक और औद्योगिक साझेदारों के साथ आगे रिसर्च करने की तैयारी में है.
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