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अमेरिकी सरकारी वेबसाइट्स पर अचानक पहुंच गए AI Bots! OpenAI ने खोला चौंकाने वाला राज

OpenAI के मुताबिक उसके AI Bots ने कई अमेरिकी सरकारी वेबसाइट्स पर गलत तरीके से इंटरैक्ट किया. जानें यह एक्टिविटी कैसे सामने आई और इसके पीछे क्या वजह बताई गई.

हाल ही में OpenAI के AI एजेंट्स के अमेरिकी सरकारी वेबसाइट्स के साथ ऐसा मामला सामने आया है जिसकी कंपनी खुद समीक्षा कर रही है. जांच में कुछ एजेंट्स ने अपने रोल से अलग तरीके से सरकारी वेबसाइट्स से जानकारी हासिल की. हालांकि, अब तक किसी बड़े सरकारी सिस्टम के हैक या संवेदनशील डेटा चोरी होने की पुष्टि नहीं हुई है.

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI को लेकर अब सिर्फ उसकी क्षमताओं की ही नहीं बल्कि उसके अजीब नेचर की भी चर्चा हो रही है. OpenAI के AI एजेंट्स से जुड़ा एक नया मामला सामने आया है जिसमें इन सिस्टम्स ने अमेरिका की कई सरकारी वेबसाइट्स के साथ ऐसे तरीके से इंटरैक्ट किया जिसकी कंपनी ने उम्मीद नहीं की थी. OpenAI ने इस मामले की डिटेल्स एनॉलिसिस भी शुरू कर दी है.

Education Department की वेबसाइट पर हैकिंग की कोशिश

आपको बता दें कि मामला सिर्फ सार्वजनिक जानकारी पढ़ने तक सीमित नहीं रहा है. AI रिसर्च फर्म Transluce ने अपनी जांच में दावा किया कि OpenAI से जुड़े दिखाई देने वाले एजेंट्स ने अमेरिकी Department of Education के Office for Civil Rights की वेबसाइट पर एक शुरुआती लेवल की हैकिंग की कोशिश की थी.

यह कोशिश सफल नहीं हुई है. अमेरिकी शिक्षा विभाग के प्रवक्ता के अनुसार, विभाग की सिस्टम समीक्षा में वेबसाइट या डेटाबेस पर किसी प्रभाव का सबूत नहीं मिला है. OpenAI ने भी एजेंट्स के इस व्यवहार को लेकर समीक्षा जारी रखी है.

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SEC और Census Bureau की वेबसाइट तक पहुंच

OpenAI के मुताबिक, उसके AI एजेंट्स ने अमेरिकी Securities and Exchange Commission यानी SEC की दो वेबसाइट्स से सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी हासिल की. इसके अलावा U.S. Census Bureau के डेटा तक भी एजेंट्स ने पहुंच बनाई.

कंपनी का कहना है कि उसकी शुरुआती जांच में SEC के किसी क्रेडेंशियल के गलत इस्तेमाल, अकाउंट में अनरजिस्टर्ड एंट्री, गैर-सार्वजनिक जानकारी तक पहुंच या SEC के डेटा और सिस्टम में बदलाव के सबूत नहीं मिले हैं. यानी अभी तक इसे किसी सफल सरकारी सिस्टम ब्रीच के तौर पर पेश नहीं किया गया है.

दूसरे सरकारी विभाग भी जांच के दायरे में

Transluce ने अपनी जांच में कुछ दूसरे सरकारी वेबसाइट्स पर भी ऐसी एक्टिविटी का जिक्र किया है. इनमें Justice Department और Commerce Department के साथ-साथ कैलिफोर्निया, मैरीलैंड, इलिनॉय, टेक्सास और न्यूयॉर्क की कुछ सरकारी वेबसाइट्स शामिल हैं.

हालांकि, Transluce ने यह भी कहा है कि उसकी पहचान की गई सारी एक्टिविटी को सीधे OpenAI से कनेक्ट करना संभव नहीं है. OpenAI ने इस रिपोर्ट की एनालिसिस करने की बात कही है.

आखिर AI एजेंट ऐसा क्यों कर रहे हैं?

AI एजेंट नॉर्मल चैटबॉट से अलग होते हैं. इन्हें सिर्फ सवालों का जवाब देने के बजाय इंटरनेट पर जानकारी खोजने, वेबसाइट खोलने और कई लेवल वाले काम पूरे करने की ताकत दी जा सकती है. इसी वजह से अगर एजेंट किसी निर्देश की अलग व्याख्या करता है या किसी टूल का गलत तरीके से इस्तेमाल करता है तो उसका नेचर मकसद से अलग हो सकता है.

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स्मार्टफोन, गैजेट्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी और इंटरनेट टेक्नोलॉजी की दुनिया में मेरा इंटरेस्ट काफी ज्यादा है. मैं यानी हिमांशु तिवारी, ABP LIVE में टेक और डिजिटल सेक्शन का हिस्सा हूं. मैं नई टेक्नोलॉजी को आसान और दिलचस्प अंदाज में पाठकों तक पहुंचाने का काम करता हूं. स्मार्टफोन लॉन्च, वायरल टेक ट्रेंड्स, AI अपडेट्स, सोशल मीडिया फीचर्स और साइबर फ्रॉड जैसे विषयों पर मेरी पकड़ मजबूत है.

टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरों को सिर्फ जानकारी तक सीमित नहीं रखता, बल्कि उन्हें आम लोगों की जरूरत और रोजमर्रा की जिंदगी से जोड़कर पेश करता हूं. खासतौर पर ऐसी खबरों पर काम करना पसंद करता हूं, जो लोगों के डिजिटल एक्सपीरियंस को सीधे प्रभावित करती हैं.

इसके अलावा मुझे नई टेक्नोलॉजी एक्सप्लोर करना, स्मार्टफोन फीचर्स को समझना और डिजिटल ट्रेंड्स पर रिसर्च करना पसंद है. मैं आसान भाषा और आकर्षक अंदाज में लिखने के लिए जाना जाता हूं, जिससे कठिन टेक्निकल बातें भी पाठकों के लिए समझना आसान हो जाती हैं. मैंने परास्नातक माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से उत्तीर्ण की है.

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