'हम अंग्रेजों से लड़ रहे थे, तो कुछ लोग...', महिला आरक्षण बिल पास न होने पर भड़के संजय निषाद
Women Reservation Bill: महिला आरक्षण बिल पास नहीं होने पर संजय निषाद ने कहा कि जो भी गरीब शोषित और वंचितों के खिलाफ रहा है, वह आज गर्त में है. कांग्रेस, सपा और बसपा ने धोखा दिया गर्त में हैं.

संसद के तीन दिवसीय विशेष सत्र के दौरान महिला आरक्षण 131वें संशोधन बिल को पास नहीं कराया जा सका. इस बिल को दो तिहाई बहुमत यानी 352 वोटों की जरूरत थी. यानी जरूरत से 54 वोट कम पड़े. महिला आरक्षण बिल के लोकसभा में गिरने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इसका विरोध करने वालों को लंबे समय तक इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी. पीएम मोदी के इस बयान पर यूपी के मंत्री संजय निषाद की प्रतिक्रिया सामने आई है.
यूपी के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने कहा कि, जो भी गरीब शोषित और वंचितों के खिलाफ रहा है, वह आज गर्त में है. कांग्रेस ने धोखा दिया गर्त में गया, सपा और बसपा ने भी धोखा दिया आज उसकी स्थिति देख लीजिए. देश की आजादी में शोषित वंचित समाज के लोगों का योगदान रहा है, ऐसे लोगों को आरक्षण मिलना चाहिए.
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'जो महिलाओं का विरोध करेगा वो सत्ता से हमेशा लिए हो जाएगा दूर'
उन्होंने कहा कि महिलाओं ने भी लड़ाई लड़ी है, इसीलिए आज के समय में महिलाओं को सम्मान मिलना चाहिए और जो उसके विरोध में रहेगा वह सत्ता से हमेशा के लिए दूर हो जाएगा. इंदिरा गांधी 16 साल देश की प्रधानमंत्री रहीं, लेकिन कोई महिला सुरक्षा बिल नहीं लाईं. इसके अलावा दर्जनभर महिलाएं मुख्यमंत्री रहीं लेकिन उन लोगों ने भी महिलाओं की सुरक्षा के बारे में नहीं सोचा. हम आधी आबादी की बात करते हैं. उन्होंने कहा कि किसी भी तरह से यह लागू हो जाए, बाद में कोई भी कमी होने पर संशोधन होता रहता है.
'मुस्लिम और ईसाई थे देश को गुलाम बनाने वाले लोग'
उन्होंने कहा कि धर्म के नाम पर आरक्षण नहीं है, क्योंकि हम मुगलों से लड़ रहे थे तो कुछ मुगलों का साथ भी दे रहे थे. हम अंग्रेजों से लड़ रहे थे, तो कुछ लोग अंग्रेजों का भी साथ दे रहे थे. 10 अगस्त 1950 को अधिसूचना जारी हुई थी कि मुस्लिम और ईसाई को अनुसूचित जाति का लाभ नहीं मिलेगा, क्योंकि देश को गुलाम बनाने वाले लोग यही लोग थे.
देश की 570 जातियों ने आजादी में दिया योगदान
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में 193 जातियां हैं, देश में 570 जातियां है. उनके लिए आरक्षण लागू ही करना पड़ेगा, क्योंकि 570 जातियों ने देश की आजादी में अपना योगदान दिया है. उन्हीं संघर्षों का परिणाम है कि उन सभी लोगों ने अंग्रेजों को उठाकर भारत से बाहर फेंका है. ऐसे में विपक्षियों को विरोध नहीं करना चाहिए. संजय निषाद ने कहा कि पीएम मोदी का कहना है कि इसका श्रेय पक्ष और विपक्ष दोनों लोगों को जाना चाहिए.

























