Varanasi News: सैलाब के दौर में भी लोगों के मोक्ष कामना में कमी नहीं, मणिकर्णिका घाट पर चुनौतियों के बीच शवदाह जारी
Varanasi Latest News: वाराणसी का गंगा घाट पूरी तरह जलमग्न है. मणिकर्णिका घाट और हरिश्चंद्र घाट पर घंटों इंतजार के बाद लोग अपने परिजनों का अंतिम संस्कार कर पा रहे हैं.

वाराणसी में गंगा और वरुणा नदी उफान पर है, जिसकी वजह से तटवर्ती सहित रिहायशी क्षेत्र बाढ़ की चपेट में है. वहीं काशी के गंगा घाटों का आम जनजीवन बीते हफ्तों से ही प्रभावित है. इस दौर में जनपद के साथ-साथ दूर दराज से अपने परिजनों के अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
मणिकर्णिका घाट और हरिश्चंद्र घाट पर घंटों इंतजार के बाद लोग अपने परिजनों का अंतिम संस्कार कर पा रहे हैं. मगर सबसे बड़ी बात यह है कि इस संकट के दौर में भी वह मोक्ष की कामना लेकर काशी पहुंचने में कतराते नहीं है.
मौजूदा समय में वाराणसी का गंगा घाट पूरी तरह जलमग्न है. आम जनजीवन बढ़ते गंगा जलस्तर की वजह से प्रभावित है. इस दौरान वाराणसी के दो प्रमुख घाट मणिकर्णिका घाट और हरिश्चंद्र घाट पर होने वाले अंतिम संस्कार शवदाह कार्य भी प्रभावित होते देखे जा रहे हैं.
घाट के छत पर किया जा रहा अंतिम संस्कार
एबीपी न्यूज़ की ग्राउंड रिपोर्ट में देखा गया कि लोग अपने परिजनों का शव नाव से लेकर गलियों से गुजरते हुए घाट के ऊपरी सतह तक पहुंच रहे हैं. हालांकि इस दौरान उन्हें करीब एक से दो घंटे तक इंतजार भी करना पड़ रहा है, क्योंकि घाट के छत पर निर्धारित संख्या में ही शव को जलाने की क्षमता है. नाव का सहारा लेते हुए गलियों से होकर गुजरते हुए घाट के छत पर जाना परिजनों के लिए एक बड़ी चुनौती है.
मोक्ष की कामना के लिए अभी भी काशी ही इच्छा
काशी के मणिकर्णिका घाट और हरिश्चंद्र घाट पर परिजनों का अंतिम संस्कार करने के लिए लोग मोक्ष की कामना लेकर आते हैं. हालांकि इस दौरान काशी का गंगा घाट बाढ़ की चपेट में है. लेकिन इस आपदा में भी लोगों की मोक्ष कामना बरकरार है.
तमाम चुनौतियों और मुसीबत को झेलते हुए लोग अपने परिजनों का अंतिम संस्कार करने के लिए काशी के इन घाटों पर पहुंच रहे हैं. वैसे अब देखना होगा कि काशी में गंगा का जलस्तर कब तक सामान्य होता है.
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