देहरादून की महिलाओं की सुरक्षा रिपोर्ट पर पुलिस का एक्शन, सर्वे कंपनी को दस्तावेजों के साथ पेश होने का समन भेजा
Dehradun News: समन केवल पूछताछ के उद्देश्य से जारी किया गया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्होंने सर्वेक्षण किस प्रकार किया और उनके लक्षित समूह कौन थे, सर्वेक्षण में कई गलतियों का दावा है.

देहरादून को महिलाओं के लिए देश के 10 सबसे असुरक्षित शहरों में से एक बताने वाली सर्वेक्षण रिपोर्ट को प्रकाशित करने वाली एक निजी कंपनी को उत्तराखंड पुलिस ने समन जारी कर समस्त दस्तावेजों के साथ पेश होने को कहा है. एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी.
देहरादून के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि रिपोर्ट तैयार करने वाली टीम और सर्वेक्षण कराने वाली कंपनी ‘पी वैल्यू एनालिटिक्स’ के प्रबंध निदेशक को समन भेजा गया है और एक सप्ताह के भीतर उपस्थित होकर यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि उनके दावों का आधार क्या है.
सर्वे में तथ्यात्मक गलती का दावा
उन्होंने कहा कि समन केवल पूछताछ के उद्देश्य से जारी किया गया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्होंने सर्वेक्षण किस प्रकार किया और उनके लक्षित समूह कौन थे, आदि. उन्होंने दावा किया कि रिपोर्ट में ‘‘तथ्यात्मक गलतियां’’ हैं.
अकादमिक शोध के लिए हुआ था सर्वे
कंपनी के एक प्रतिनिधि मयंक ढय्या मंगलवार को एसएसपी के समक्ष उपस्थित हुए और बताया कि उक्त सर्वेक्षण को विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों के अकादमिक शोध के उद्देश्य के लिए किया गया था. उन्होंने कहा कि यह काम दो टीम के माध्यम से कराया गया जिसमें एक टीम ने सर्वेक्षण कर डाटा इकट्ठा किया तथा दूसरी टीम ने उस डाटा का विश्लेषण किया.
हांलांकि, पुलिस के अनुसार, सर्वेक्षण रिपोर्ट के आधार तथा अन्य सवालों पर ढय्या कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाए.
सर्वे में कई चीजें अधूरी
एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि इस पर कंपनी के प्रबंध निदेशक, डाटा इकट्ठा करने वाली और उसका विश्लेषण करने वाली टीम के सदस्यों को एक सप्ताह के भीतर शोध व सर्वेक्षण के सभी दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने को कहा गया है.
एसएसपी ने कहा कि उदाहरण के लिए, यह स्पष्ट नहीं है कि सर्वेक्षण में शामिल महिलाएं किस आयु वर्ग की थीं, वे कामकाजी महिलाएं थीं या कॉलेज जाने वाली छात्राएं या फिर गृहणियां, पर्यटक या बुजुर्ग महिलाएं थीं.
उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण रिपोर्ट में दिया गया डाटा भी भ्रामक है, क्योंकि रिपोर्ट में दावा किया गया है कि देहरादून की 33 फीसदी महिलाएं पुलिस की गश्त से संतुष्ट हैं लेकिन इसी पैमाने पर 11 प्रतिशत पाने वाले एक शहर को महिलाओं की सुरक्षा की दृष्टि से देहरादून से बेहतर रैंक दिया गया है.
नकारात्मक धारणा बनी
एसएसपी ने कहा कि सर्वेक्षण के माध्यम से इस तरह की नकारात्मक धारणा बनाए जाने से उन माता-पिताओं में अनावश्यक घबराहट पैदा हो सकती है जिनकी बेटियां इस शहर में पढ़ रही हैं.
उन्होंने कहा कि मैं उन्हें आश्वस्त करना चाहता हूं कि देहरादून महिलाओं के लिए सुरक्षित शहर है. संकटग्रस्त महिलाओं के लिए एक टोल-फ्री नंबर 112 है जिस पर प्रतिक्रिया समय 14 मिनट से भी कम है.
14 हजार सीसीटीवी करते हैं निगरानी
उन्होंने कहा कि देहरादून की सड़कों पर 14,000 सीसीटीवी कैमरे चौबीसों घंटे निगरानी रखते हैं. उन्होंने बताया कि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुरू किए गए गौरा शक्ति ऐप को 16,000 महिलाओं ने डाउनलोड किया हुआ है.
पुलिस अधिकारी ने कहा कि देहरादून में होटल एसोसियेशन ने रिपोर्ट पर नाराजगी जाहिर की है, क्योंकि इससे देहरादून की छवि को नुकसान पहुंचा है और इससे उनके होटलों की बुकिंग प्रभावित हुई है.
एसएसपी ने कहा कि अगर कंपनी द्वारा इस अवधि में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया जाता या उनके द्वारा उपलब्ध कराए गए तथ्य आधारहीन पाए गए तो उसके विरुद्ध आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
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Source: IOCL






















