बांग्लादेश में नहीं होगा IPL का प्रसारण, क्या इसके खिलाफ एक्शन ले सकता है BCCI?
Bangladesh IPL Broadcast Banned: मुस्तफिजुर रहमान से शुरू हुआ विवाद अब आईपीएल बैन तक पहुंच गया है. ऐसे में सवाल यह है कि क्या राजनीति क्रिकेट पर भारी पड़ेगी.

क्रिकेट सिर्फ खेल नहीं, भावनाओं और रिश्तों का भी नाम है, लेकिन जब यही खेल देशों के बीच टकराव की वजह बनने लगे, तो सवाल बड़े हो जाते हैं. बांग्लादेश और भारत के क्रिकेट रिश्तों में इन दिनों तनाव साफ दिख रहा है. एक खिलाड़ी को आईपीएल से बाहर किए जाने का मामला अब इतना बढ़ गया है कि बांग्लादेश में अब आईपीएल का प्रसारण नहीं होगा. ऐसे में सवाल है कि क्या BCCI इसके खिलाफ कुछ एक्शन ले सकता है?
मुस्तफिजुर रहमान विवाद से शुरू हुआ पूरा मामला
बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को लेकर शुरू हुआ विवाद अब सिर्फ क्रिकेट तक सीमित नहीं रहा. मामला तब गरमाया जब भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी BCCI ने कोलकाता नाइट राइडर्स को निर्देश दिया कि वे मुस्तफिजुर रहमान को टीम से रिलीज करें. इस फैसले को बांग्लादेश में कई लोगों ने अपने खिलाड़ी के साथ अन्याय के तौर पर देखा है. धीरे-धीरे यह मुद्दा क्रिकेट बोर्ड से निकलकर सरकार तक पहुंच गया और दो देशों के बीच का मुद्दा बन गया है.
T Sports और Viacom18 की बड़ी डील
बांग्लादेश में आईपीएल के प्रसारण अधिकार फिलहाल स्पोर्ट्स चैनल T Sports के पास हैं. यह अधिकार 2023 में Viacom18 के साथ हुई डील के तहत मिले थे, जो 2027 तक वैध हैं. यानी कानूनी तौर पर अभी आईपीएल दिखाने का पूरा अधिकार T Sports के पास है. इसके बावजूद अब यह खबर आ गई है कि बांग्लादेश सरकार ने आईपीएल 2026 के प्रसारण पर रोक लगा दी है.
सरकार की एंट्री से बढ़ी चिंता
मुस्तफिजुर रहमान के मामले ने जब राजनीतिक रंग लिया, तो बांग्लादेश सरकार भी सक्रिय हो गई है. कुछ सरकारी सलाहकारों और नेताओं ने सार्वजनिक तौर पर कहा कि अगर बांग्लादेशी खिलाड़ियों के साथ ऐसा व्यवहार होगा, तो आईपीएल जैसे टूर्नामेंट का देश में प्रसारण क्यों किया जाए.
क्या BCCI इस फैसले को रोक सकता है?
यह सबसे बड़ा सवाल है. लेकिन सच्चाई यह है कि BCCI का अधिकार भारत तक सीमित है. आईपीएल के प्रसारण अधिकार हर देश में अलग-अलग ब्रॉडकास्टर और स्थानीय कानूनों के तहत होते हैं. अगर बांग्लादेश सरकार अपने देश में आईपीएल के प्रसारण पर रोक लगा रही है, तो यह उसका स्थानीय फैसला है. BCCI न तो किसी दूसरे देश की सरकार को आदेश दे सकता है और न ही वहां के प्रसारण नियमों में सीधा हस्तक्षेप कर सकता है.
ICC की भूमिका भी सीमित
कई लोग यह भी पूछ रहे हैं कि क्या ICC इस मामले में दखल दे सकता है, लेकिन यहां भी स्थिति साफ है. ICC अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के नियम और टूर्नामेंट देखता है, जबकि आईपीएल एक घरेलू लीग है. प्रसारण अधिकार पूरी तरह कॉन्ट्रैक्ट और बिजनेस समझौतों से जुड़े होते हैं. जब तक किसी समझौते का उल्लंघन नहीं होता, ICC के पास भी इसमें हस्तक्षेप करने की खास वजह नहीं बनती है.
कानूनी लड़ाई का रास्ता खुला
बांग्लादेश सरकार आईपीएल प्रसारण पर आधिकारिक रोक लगा रही है, तो अगला कदम कानूनी हो सकता है. T Sports और Viacom18 के बीच हुए समझौते में यह तय है कि किन हालात में प्रसारण रोका जा सकता है. अगर बिना ठोस कानूनी आधार के बैन लगाया जाता है, तो ब्रॉडकास्टर मुआवजे या कोर्ट का रास्ता अपना सकते हैं. यानी मामला सिर्फ क्रिकेट नहीं, बल्कि करोड़ों की डील और अंतरराष्ट्रीय बिजनेस से भी जुड़ा है.
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