घर-घर पहुंचेगी जनगणना टीम, गलत जानकारी देने पर होगा एक्शन, धामी सरकार ने जारी किए दिशा-निर्देश
Uttarakhand News In Hindi: उत्तराखण्ड शासन ने आगामी जनगणना की तैयारियों के लेकर दिशा निर्देश जारी किए हैं. इसमें मकानों की दशा, बुनियादी सुविधाएं, धर्म और जनसांख्यिकी से जुड़ी जानकारियां दर्ज होंगी.

देश में आगामी जनगणना की तैयारियां अब जमीनी स्तर पर शुरू हो गई हैं. उत्तराखण्ड शासन ने इस महाअभियान को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए विस्तृत दिशा निर्देश जारी किए हैं. सचिव जनगणना दीपक कुमार की ओर से जारी इन निर्देशों में प्रदेशवासियों से अपेक्षा की गई है कि वे जनगणना कर्मियों को पूरा सहयोग दें और पूछे गए सवालों के सही-सही जवाब दें
जनता के लिए क्यों जरूरी है जनगणना?
जनगणना महज आंकड़ों का संग्रह नहीं है, यह देश की योजनाओं की नींव है. इससे मकानों की दशा, बुनियादी सुविधाएं, साक्षरता दर, धर्म, आर्थिक गतिविधियां, प्रवासन और जनसांख्यिकी से जुड़ी तमाम जानकारियां गांव और शहर दोनों स्तरों पर दर्ज होती हैं.
केंद्र और राज्य सरकारें इन्हीं आंकड़ों के आधार पर नीतियां बनाती हैं, योजनाएं तैयार करती हैं और प्रशासनिक फैसले लेती हैं. इतना ही नहीं, संसदीय व विधानसभा क्षेत्रों के परिसीमन से लेकर पंचायत स्तर तक के आरक्षण का निर्धारण भी इन्हीं जनगणना आंकड़ों के आधार पर होता है.
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जनगणना अधिकारी को तय सवाल पूछने का अधिकार
शासन ने साफ किया है कि जनगणना अधिकारी को अपने निर्धारित क्षेत्र में घर-घर जाकर केंद्र सरकार द्वारा तय सवाल पूछने का पूरा अधिकार होगा. हर नागरिक का यह कानूनी फर्ज है कि वह अपनी जानकारी के अनुसार सही और स्पष्ट जवाब दें. हालांकि, महिलाओं की गरिमा का पूरा ध्यान रखा गया है. किसी भी व्यक्ति को परिवार की किसी महिला सदस्य का नाम बताने के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा. इसी तरह, कोई भी महिला अपने पति या किसी ऐसे व्यक्ति का नाम बताने के लिए बाध्य नहीं होगी जिसका उल्लेख सामाजिक परंपराओं के विरुद्ध हो.
इसके अलावा, घर के मालिक या किरायेदार को जनगणना अधिकारी को अपने परिसर में आने की अनुमति देनी होगी. यदि घर पर जनगणना से जुड़े कोई चिन्ह, अक्षर या संख्या अंकित करनी हो, तो उसके लिए भी सहमति जरूरी होगी.
गलत जानकारी दी तो होगी कार्यवाही
शासन ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि जनगणना के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही या बेईमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. अगर कोई व्यक्ति जानबूझकर गलत जानकारी देता है, सवालों का जवाब देने से मना करता है, जनगणना अधिकारी को घर में प्रवेश से रोकता है, जनगणना से जुड़े चिन्हों को हटाता या नुकसान पहुंचाता है, तो उसके विरुद्ध कानूनी कार्यवाही और दंड का प्रावधान है.
जो लोग अपनी निजी जानकारी साझा करने को लेकर चिंतित हैं, उनके लिए यह जानना जरूरी है कि जनगणना के दौरान जो भी जानकारी दर्ज की जाती है. वह रजिस्टर हो, अनुसूची हो या कोई अभिलेख उसे कोई भी आम व्यक्ति देख या जांच नहीं सकता. यह डेटा पूरी तरह गोपनीय और संरक्षित रहता है.
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