Agra: प्रिया हॉस्पिटल में भ्रूण लिंग जांच का पर्दाफाश, संचालक समेत 4 लोगों को पुलिस ने किया गिरफ्तार
Agra News: आगरा में स्वास्थ्य विभाग की मिलीभगत से प्रिया हॉस्पिटल (Priya Hospital) में भ्रूण लिंग परीक्षण का कारोबार चल रहा था. बगैर पंजीकरण के गर्भपात कराए जा रहे थे.

Fetal Sex Test in Agra Priya Hospital: आगरा (Agra) में 21 मई को हरियाणा STF और आगरा स्वास्थ्य विभाग (Health Department) के छापे में गर्भस्थ शिशु का लिंग परीक्षण (Fetal Sex Test) करने और अवैध गर्भपात (Illegal Abortion) का गंभीर मामला सामने आया है. हरियाणा (Haryana) और स्थानीय स्वास्थ्य विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से ट्रांस यमुना कॉलोनी फेस टू में प्रिया हॉस्पिटल (Priya Hospital) में छापेमारी कर पूरे मामले का खुलासा किया है. इस मामले में हॉस्पिटल संचालक डॉ राजीव कुमार (Dr Rajeev Kumar), नर्स, दलाल सहित 8 लोगों के खिलाफ नामजद और अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कराई गई है. हॉस्पिटल संचालक समेत 4 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार (Arrest) किया है.
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग की मिलीभगत से प्रिया हॉस्पिटल में भ्रूण लिंग परीक्षण का कारोबार चल रहा था. बगैर पंजीकरण के गर्भपात कराए जा रहे थे. गौरतलब है कि प्रिया हॉस्पिटल में ये मामला तीसरी बार पकड़ा गया है लेकिन पीसीपीएनडीटी प्रभारी ने आज तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की है. मामले के सरगना डॉ राजीव कुमार गर्भस्थ शिशु के लिंग परीक्षण के मामले में तीसरी बार पकड़ा गया है. 2016 में भी इसी मामले में प्रिया हास्पिटल को सील किया गया था और अल्ट्रासाउंड मशीन सहित नर्स सरिता की गिरफ्तारी हुई थी.
मशीनें और अन्य उपकरण बरामद
बता दें कि, हरियाणा के नूह जिले से आई स्वास्थ्य विभाग और एसटीएफ के साथ ही आगरा सीएमओ की टीम ने शनिवार को भ्रूण लिंग परीक्षण का प्रिया हॉस्पिटल में डमी गर्भवती की मदद से स्टिंग आपरेशन किया था. प्रिया हॉस्पिटल के संचालक डॉ राजीव कुमार ने 40 हजार रुपए में भ्रूण लिंग परीक्षण का सौदा किया था. इस पर हरियाणा और आगरा सीएमओ की टीम ने छापा मारा तो हॉस्पिटल से एक भ्रूण भी मिला था. भ्रूण लिंग परीक्षण में उपयोग करने वाली मशीनें और अन्य उपकरण बरामद किए गए. इस मामले में आरोपी डॉ राजीव कुमार और उसके एजेंट समेत 4 साथियों को हिरासत में लिया गया. पूछताछ की और सबूतों के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई है. इसके बाद आरोपियों को जेल भेजा गया है.
होगी सख्त कार्रवाई
प्रिया हॉस्पिटल के संचालक डॉ राजीव कुमार, टेक्नीशियन राजेश, उन्नाव निवासी एजेंट नौशाद और गर्भपात करने वाली महिला के पति अवनीश को गिरफ्तार करके जेल भेजा गया है. इस मामले में राम किशोर, नर्स सरिता, डॉ तसलीमा, डॉ अनुराग सिंह भी नामजद हैं. जांच में जो भी दोषी होगा. उसे जेल भेजा जाएगा. स्टिंग ऑपरेशन के दौरान डॉ राजीव कुमार ने 10 हजार रुपये डमी महिला कैंडिडेट से लिए थे. छापे के दौरान डमी कैंडिडेट के साथ ही ऑपरेशन थिएटर की तलाशी में 5 माह के कन्या भ्रूण मिलने से अवैध गर्भपात किए जाने का भी खुलासा हुआ है. डॉ राजीव कुमार के लगातार तीसरी बार भ्रूण परीक्षण के मामले में पकड़े जाने पर आईएमए सख्त कार्रवाई की बात कह रहा है.
ये है खास बात
पिछले पांच वर्षों में आगरा में लिंग परीक्षण और अवैध गर्भपात के लगभग डेढ़ दर्जन मामले पकड़े गए हैं जिनमें इस खास बात ये है कि सभी मामले राजस्थान और हरियाणा से आई टीमों की सूचना के आधार पर मारे गए. स्थानीय स्वास्थ्य विभाग इन मामलों में कार्रवाई को लेकर उदासीन बना हुआ है. पिछले 12 सालों में स्थानीय स्वास्थ्य विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की है. अब आईएमए आगरा ने डॉक्टर राजीव कुमार की आगरा से स्थानीय सदस्यता से निलंबित कर दिया है, वहीं हॉस्पिटल के उपकरणों को सील करके हॉस्पिटल का लाइसेंस निलंबित कर दिया है.
हरियाणा पुलिस से मिली सूचना
डॉ ओपी यादव अध्यक्ष आईएमए आगरा ने बताया कि हरियाणा पुलिस द्वारा ये सूचना प्राप्त होने पर कि प्रिया हॉस्पिटल में लिंग परिक्षण का कार्य किया जा रहा है. एक डमी ऑपरेशन किया गया. उस डमी ऑपरेशन में उनके द्वारा हमसे सहायता भी मांगी गई, जिसमें हमारी टीम ने उनके साथ मिलकर सामूहिक कार्रवाई की. इसमें ये देखा गया कि जो अल्ट्रासाउंड कर रहे हैं, उनके द्वारा कोई भी रिकॉर्ड मेंटेन नहीं किया जा रहा है. ये भी साक्ष्य पाया गया कि वो लिंग परीक्षण कर रहे थे और साथ में अस्पताल में एक और महिला जिसका वहां पर गर्भपात किया गया था, एक मृत भ्रूण भी पाया गया. इन सब चीजों को देखते हुए उनके ऊपर कार्रवाई की गई है.
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Source: IOCL






















