UP Vidhan Sabha 2026: यूपी विधानसभा में चली 'बोतल की बात' बीजेपी-सपा के बीच बढ़ा विवाद, जमकर हुआ शोर शराबा
UP Vidhan Sabha 2026 में बजट सत्र के आखिरी दिन बोतल की बात चली और पक्ष-विपक्ष एक दूसरे पर हमलावर हो गए.

उत्तर प्रदेश विधानसभा में महंगाई के मुद्दे पर चर्चा के दौरान उस वक्त माहौल हल्का लेकिन सियासी तौर पर तीखा हो गया, जब समाजवादी पार्टी के विधायकों ने शायरी के जरिए सरकार पर निशाना साधा और जवाब में सत्ता पक्ष से ‘बोतल’ वाला तंज आया. पूरे घटनाक्रम में सदन में ठहाके भी लगे और हंगामे के बीच राजनीतिक नोकझोंक भी देखने को मिली.
सबसे पहले सपा विधायक आशु मलिक ने महंगाई पर सवाल उठाते हुए कविता पढ़नी शुरू कर दी. इस पर स्पीकर सतीश महाना ने उन्हें टोकते हुए कहा कि प्रश्न पूछिए. मलिक ने जवाब दिया कि अभी एक मिनट ही हुआ है, लेकिन स्पीकर ने सख्त लहजे में कहा कि इसका मतलब यह नहीं कि कुछ भी बोलेंगे. इसके बावजूद मलिक ने कविता पढ़ते हुए महंगाई और कालाबाजारी पर सरकार को घेरा.
इसके बाद सपा विधायक आर.के. वर्मा ने भी महंगाई पर चर्चा के दौरान शायरी पढ़ी-
'तेल की बोतल पूछ रही है,
क्यों तुम इतना देख रहे हो यूं,
पहले तुम्हीं खरीदते थे मुझे,
अब इतना क्यों सोच रहे हो तुम.'
वर्मा की शायरी पर सत्ता पक्ष की ओर से गन्ना मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने तंज कसते हुए कहा कि इन्हें बोतल बहुत अखर रही है, उसके जरूर दाम बढ़ गए हैं, बोतल इन सबको अखर रही है. इस पर स्पीकर सतीश महाना ने बीच में पूछा- 'कौन सी बोतल?'
स्पीकर की इस टिप्पणी पर पूरे सदन में ठहाका लग गया और कुछ देर के लिए माहौल हल्का हो गया. मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने आगे कहा कि आज नेता प्रतिपक्ष बोलेंगे तो वे कह दें कि दाम बढ़ गए हैं, तो उस पर भी विचार कर लिया जाएगा. इसी दौरान सदन में शोर-शराबा भी हुआ.
स्थिति को संभालते हुए स्पीकर सतीश महाना ने कहा कि दोनों ने बोतल की बात की और दोनों ने अपने-अपने दिमाग से बोतल समझी.
सपा ने उठाया बेरोजगारी का मुद्दा
इसी बीच सपा ने बेरोजगारी भत्ता का मुद्दा भी उठाया और पूछा कि जब सरकार नौकरी नहीं दे पा रही तो क्या सपा सरकार की तरह बेरोजगारी भत्ता देगी. इस पर मंत्री अनिल राजभर ने साफ कहा कि सरकार कोई बेरोजगारी भत्ता देने नहीं जा रही है.
रोजगार के मुद्दे पर मंत्री के जवाब से असंतुष्ट होकर माता प्रसाद ने सपा विधायकों से वाकआउट करने को कहा. विधायक उठकर जाने लगे, तभी स्पीकर ने हल्के अंदाज में कहा- 'अरे, मन नहीं है जाने का… बैठ जाइए आप लोग, आज अंतिम दिन है, मैं चाहता हूं सब रहें.'
स्पीकर की इस टिप्पणी के करीब दस सेकंड बाद सपा के विधायक वापस मुड़कर अपनी सीटों पर बैठ गए. महंगाई से शुरू हुई बहस ‘बोतल’ वाले तंज और ठहाकों के बीच सियासी नोकझोंक के साथ आगे बढ़ती रही.
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Source: IOCL
























