मिशन 2027 के लिए हिन्दुत्व के रथ पर सवार होंगे अखिलेश यादव? केशव बोले- कुछ भी कर लें लेकिन...
Samajwadi Party की प्रस्तावित रथ यात्रा पर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने तीखी टिप्पणी की है. वहीं सपा ने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए हैं.

उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव सितंबर के पहले सप्ताह से 'समाजवादी पीडीए रथ यात्रा' शुरू करने की तैयारी में हैं.
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, यह यात्रा पूरे प्रदेश के सभी जिलों और विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंचेगी. बताया जा रहा है कि यात्रा की शुरुआत किसी हिंदू धार्मिक स्थल से हो सकती है, हालांकि अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व और स्वयं अखिलेश यादव करेंगे.
पार्टी का मानना है कि धार्मिक स्थल से यात्रा की शुरुआत कर बीजेपी को राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर घेरने की रणनीति बनाई जा रही है.
सपा प्रवक्ता ने लगाए गंभीर आरोप
एबीपी न्यूज़ से बातचीत में समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने कहा कि सितंबर के पहले सप्ताह में रथ यात्रा शुरू होगी. उन्होंने बताया कि जिलेवार बैठकों के पूरा होने के बाद यात्रा का शुभारंभ किया जाएगा और अखिलेश यादव सभी जिलों तथा विधानसभा क्षेत्रों में पहुंचेंगे. यात्रा कहां से शुरू होगी, इस पर उन्होंने कहा कि इसका निर्णय राष्ट्रीय अध्यक्ष करेंगे, लेकिन यात्रा सभी धर्मों के धार्मिक स्थलों से होकर गुजरेगी.
बीजेपी द्वारा सपा को सनातन विरोधी बताए जाने पर उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि पूर्व डिप्टी सीएम का माता सीता पर दिया गया बयान और मंत्री संजय निषाद का भगवान राम को लेकर दिया गया बयान जनता को याद है.
उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर में चढ़ावा चोरी हुई है, जिसे रामभक्त भी देख रहे हैं. साथ ही उन्होंने 2011 की अखिलेश यादव की रथ यात्रा का हवाला देते हुए कहा कि उसके बाद 2012 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनी थी और उन्हें विश्वास है कि 2027 में भी पार्टी पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाएगी.
सपा की रथ यात्रा पर क्या बोले केशव?
वहीं, समाजवादी पार्टी की प्रस्तावित रथ यात्रा पर बीजेपी ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी है. उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि अखिलेश यादव चाहे रथ यात्रा निकालें, पदयात्रा करें या साइकिल यात्रा, जनता अब प्रतीकों से नहीं बल्कि काम और नेतृत्व के आधार पर फैसला करती है. उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी का राजनीतिक आधार लगातार सिमट रहा है, जबकि बीजेपी जनता के विश्वास की सबसे बड़ी ताकत बनी हुई है.
मौर्य ने कहा कि 2047 तक सत्ता के सपने देखना अलग बात है, लेकिन लोकतंत्र में अंतिम फैसला जनता करती है और आज उसकी प्राथमिकता साफ है. उन्होंने विश्वास जताया कि 2027 में एक बार फिर बीजेपी की सरकार बनेगी और कहा, सपा होगी साफ, 2027 में फिर आएगी बीजेपी.



















