योगी सरकार की सिंगल विंडो पहल से फार्मा उद्योग को मिले पंख, यूपी बना निवेश और रोजगार का हब
UP News: योगी सरकार की ओर से शुरू किया गया निवेशमित्र सिंगल विंडो पोर्टल से फार्मा उद्योग को नई उड़ान मिली है. फार्मा इंडस्ट्री में पिछले तीन सालों के दौरान 2845 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है.

Lucknow News: उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में फार्मास्युटिकल उद्योग को नई उड़ान मिली है. योगी सरकार द्वारा शुरू किया गया ‘निवेशमित्र’ सिंगल विंडो पोर्टल इस क्षेत्र के लिए गेम-चेंजर साबित हुआ है. इस ऑनलाइन पोर्टल से अब तक प्रदेश में फार्मा सेक्टर से जुड़े 1 लाख 70 हजार से अधिक लाइसेंस जारी किए जा चुके हैं, जो दिखाता है कि उत्तर प्रदेश अब फार्मा उद्योग में तेजी से उभरता हब बनता जा रहा है.
इस पोर्टल के जरिए फार्मा कंपनियों को अब लाइसेंस के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते. पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और पारदर्शी हो गई है. इससे न केवल समय की बचत हो रही है, बल्कि निवेशकों का भरोसा भी बढ़ा है.
2,845 करोड़ का निवेश, 70 हजार से ज्यादा को मिला रोजगार
फार्मा इंडस्ट्री में पिछले तीन वर्षों के दौरान लगभग 2,845 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है. इस निवेश से राज्य में 167 नई निर्माण इकाइयां स्थापित हुई हैं, जिनसे करीब 3,340 लोगों को सीधा रोजगार मिला. इसके अलावा, 195 नए रक्त केंद्रों और 32,475 औषधि विक्रय प्रतिष्ठानों की स्थापना से क्रमशः 1,365 और 64,995 युवाओं को काम मिला. यानी तीन साल में कुल 70 हजार से अधिक लोगों को रोज़गार मिला.
नीति से मिली स्टांप ड्यूटी में राहत, बढ़ा निवेश
उत्तर प्रदेश सरकार ने फार्मा उद्योग को प्रोत्साहित करने के लिए 2023 में ‘यूपी फार्मास्युटिकल एवं चिकित्सा उपकरण नीति’ लागू की. इस नीति के तहत फार्मा कंपनियों को लगभग 3.89 करोड़ रुपये की स्टांप ड्यूटी में छूट दी गई है. इससे छोटे और मझोले निवेशकों को भी बड़ी राहत मिली है.
ड्रग लाइसेंसिंग भी हुई डिजिटल
केंद्र सरकार के ‘केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO)’ के साथ मिलकर राज्य सरकार ने ‘नेशनल ड्रग लाइसेंसिंग सिस्टम (ONDLS)’ पोर्टल भी लागू किया है. इससे दवाओं, कॉस्मेटिक उत्पादों और ब्लड बैंकों के लाइसेंस अब तेजी से और ऑनलाइन दिए जा रहे हैं.
योगी मॉडल बना देश के लिए उदाहरण
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल से उत्तर प्रदेश में फार्मा उद्योग के लिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (व्यवसाय करने की सरलता) में बड़ी प्रगति हुई है. सरकार की पारदर्शी और तकनीक आधारित नीति के चलते आज यूपी सिर्फ एक कृषि प्रधान राज्य नहीं, बल्कि एक उभरता औद्योगिक केंद्र बन रहा है.
बता दें कि भारत की फार्मा इंडस्ट्री दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इंडस्ट्री है, जो हर साल अरबों डॉलर का कारोबार करती है. इस इंडस्ट्री में उत्तर प्रदेश का योगदान अब तेजी से बढ़ रहा है. आने वाले समय में योगी सरकार की ये नीतियां प्रदेश को फार्मा उत्पादन और रोजगार का बड़ा केंद्र बना सकती हैं.
सरकार की मंशा है कि प्रदेश के युवा यहीं पर रोजगार पाएं और निवेशक बिना किसी बाधा के अपने कारोबार को बढ़ा सकें. ‘निवेशमित्र’ पोर्टल और फार्मा नीति इसके मजबूत उदाहरण बन चुके हैं.
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Source: IOCL























