रिटायर्ड एयरफोर्स कर्मचारी की हत्या का खुलासा, करोड़ों की संपत्ति के लिए बेटे ने ही उतारा मौत के घाट
Haridwar News: पुलिस को सूचना दी गई थी कि कार में सफर करते समय अज्ञात बदमाशों ने भगवान सिंह को गोली मार दी. वे उस वक्त किसी शादी समारोह में जा रहे थे. पुलिस को पूछताछ में बेटे पर शक हुआ.

उत्तराखंड के हरिद्वार में 29 नवम्बर को रिटायर्ड एयरफोर्स कर्मी भगवान सिंह की अज्ञात हमलावरों ने बहादराबाद थाना क्षेत्र में गोली मारकर हत्या कर दी थी. जिसका सोमवार (1 दिसम्बर) को पुलिस ने चौंकाने वाले खुलासा किया है. एयरफोर्सकर्मी की हत्या उसके सगे बेटे यशपाल ने करोड़ों की प्रॉपर्टी के लालच में की थी. उसके साथ दो दोस्त मोहन उर्फ़ राजन और शेखर भी शामिल थे. पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया है.
शुरू में भगवान सिंह की मौत को लूट दर्शाया गया, ताकि किसी को शक न हो. इसके बाद पूछताछ में बयान बदलने से पुलिस का शक बढ़ा और फिर आरोपी ने वारदात क़ुबूल कर ली.
क्या था पूरा मामला ?
जानकारी के मुताबिक 29 नवंबर को पुलिस को सूचना दी गई थी कि कार में सफर करते समय अज्ञात बदमाशों ने भगवान सिंह को गोली मार दी. वे उस वक़्त किसी शादी समारोह में जा रहे थे. सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में भेजकर छानबीन शुरू की. बेटे यशपाल ने पहले लूटपाट की बात बताई.
ऐसे हुआ पुलिस को शक
एसएसपी हरिद्वार प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि शुरुआत में लूट की कहानी बताई गई, लेकिन पुलिस को बेटे के बदलते बयान और विरोधाभासों पर शक हुआ. कड़ी पूछताछ में यशपाल टूट गया और उसने हत्या की साजिश कबूल की. उसने अपने दोस्तों को 30 लाख रुपये और स्कॉर्पियो देने का लालच देकर वारदात को अंजाम दिलाया.
यशपाल पिता को शादी में ले जाने के बहाने नहर पटरी पर ले गया, जहां राजन ने 315 बोर के तमंचे से दो गोलियां मारकर उनकी हत्या कर दी. पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर हथियार, कारतूस और हत्या में प्रयुक्त सामान बरामद कर लिया. मामले में आगे की कार्रवाई जारी है.
सगे बेटे द्वारा पिता की इस तरह से हत्या से हरकोई हैरान है. कि अकहिर महज सम्पत्ति के लालच में एक बेटा अपने ही पिता का इतना बड़ा दुश्मन कैसे हो सकता है.
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Source: IOCL




























