'न्यायपालिका ने अच्छा किया...', कुलदीप सेंगर की जमानत पर योगी के मंत्री दयाशंकर सिंह का बयान
Lucknow News: साल 2017 में उन्नाव से बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर नाबालिग लड़की के अपहरण और रेप का आरोप लगा था. 2019 में दिल्ली की अदालत ने उन्हें दोषी माना और उम्रकैद की सजा सुनाई थी.

उत्तर प्रदेश के उन्नाव से बीजेपी के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर रेप केस में आरोपी ठहराए जाने के बाद उम्रकैद की सजा काट रहे हैं लेकिन 23 दिसंबर को दिल्ली हाईकोर्ट ने उनकी सजा निलंबित कर जमनात दे दी. जिसको लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं. इस मामले में यूपी सरकार में परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बेहद चौंकाने वाला बयान दिया है. उन्होंने कहा, "न्यायपालिका ने अच्छा किया, न्याय मिला लेकिन देर से मिला, फैसले का स्वागत करते हैं." जिसके बाद उनकी आलोचना हो रही है.
परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने यह प्रतिक्रिया कुलदीप सिंह सेंगर की जमानत पर पूछे गए सवाल पर दिया था, जिसमें उन्होंने कहा कि उन्हें न्याय मिला लेकिन देर से मिला और आगे कोर्ट के फैसले को सही ठहराया. जबकि पीडिता ने कुलदीप सेंगर को जमानत दिए जाने पर दिल्ली में इंडिया गेट पर प्रदर्शन भी किया. विपक्षी नेताओं ने भी कुलदीप सेंगर को जमानत मिलने पर बीजेपी सरकार की आलोचना की है.
दयाशंकर सिंह की प्रतिक्रिया
दयाशंकर सिंह उत्तर प्रदेश सरकार में परिवहन मंत्री हैं. उन्होंने कुलदीप सेंगर को जमानत मिलने ए फैसले का स्वागत करते हुए इसे अच्छा बता. उन्होंने कहा, "न्यायपालिका ने अच्छा किया, न्याय मिला लेकिन देर से मिला, फैसले का स्वागत करते हैं." जिसके बाद यह बयान सुर्खियाँ बटोर रहा है. जबकि इससे पहले कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने भी हंसते हुए प्रतिक्रिया दी थी.
दयाशंकर की टिप्पणी के बाद विपक्ष के निशाने पर प्रदेश की यूपी सरकार आ गई है. इस केस में लापरवाही को लेकर ही मामला दिल्ली शिफ्ट किया गया था, क्योंकि पीड़िता ने प्रदेश में इंसाफ नहीं मिलने की बात कही थी.
उन्नाव रेप केस- क्या है पूरा मामला?
बता दें कि 2017 में उन्नाव से बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर नाबालिग लड़की के अपहरण और रेप का आरोप लगा था. 2019 में दिल्ली की अदालत ने उन्हें दोषी माना और उम्रकैद की सजा सुनाई थी. इसके साथ ही कुलदीप सिंह सेंगर पीड़िता के पिता की हत्या का भी आरोप है, जिसमें भी वे सजा काट रहे हैं.
दिल्ली हाईकोर्ट ने दी जमानत
उन्नाव रेप केस का यह मामला तब फिर से उछला जब बीती 23 दिसंबर को दिल्ली हाईकोर्ट ने उम्रकैद की सज़ा को निलम्बित कर दिया. जिसके बाद इसका खासा विरोध देखने को मिल रहा है. ऐसे संवेदनशील मामले में बीजेपी नेताओं और मंत्रियों की प्रतिक्रिया आरोपी के पक्ष में आने से बीजेपी और निशाने पर आ चुकी है.
Source: IOCL





















