UP Politics: मायावती ने रोकी सपा-कांग्रेस गठबंधन की धड़कनें! हर दांव पर नजर, खड़ी कर सकती हैं मुश्किल
UP Lok Sabha Chunav 2024: यूपी के लोकसभा चुनाव में बसपा सुप्रीमो मायावती अकेले मैदान में है. ऐसे में उनकी रणनीति विपक्षी दल सपा और कांग्रेस के लिए सिरदर्द बनी हुई है.

UP Lok Sabha Election 2024: उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव को लेकर सियासी घमासान तेज होता जा रहा है. एनडीए का मुकाबला करने के लिए सपा-कांग्रेस लगातार खुद को मजबूत करने में जुटी है. लेकिन बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने इंडिया अलाइंस की सांसे रोकी हुई हैं. मायावती के एक-एक कदम विपक्ष के लिए मुश्किल खड़ी कर सकता है.
कांग्रेस काफी समय से मायावती को मनाने की कोशिश कर रही है, लेकिन उनके सारे प्रयास फेल हो गए. बसपा सुप्रीमो इंडिया गठबंधन में आने को राजी नहीं हुई और अब वो जिस रणनीति के साथ आगे बढ़ रही हैं उससे सपा-कांग्रेस के लिए मुसीबत खड़ी होना तय है. विपक्षी दल भी इस ख़तरे को महसूस कर रहे हैं यही वजह है कि सपा की नजरें उनके हर एक दांव पर लगी हैं.
बसपा की चाल से डरे सपा-कांग्रेस
मायावती ने अभी तक बसपा प्रत्याशियों के नाम का एलान नहीं किया है. वो एक-एक जिले में कोऑर्डिनेटर प्रत्याशियों का एलान कर रही है. बसपा ने अब तक सात ऐसे प्रत्याशी घोषित किए हैं. इनमें से पांच मुस्लिम कैंडिडेट हैं. मुस्लिम उम्मीदवारों पर उनका दांव विपक्ष के समीकरण को खराब कर सकता है.
बसपा ने पीलीभीत से अनीस अहमद खान, मुरादाबाद से इरफान सैफी, कन्नौज से अकील अहमद पट्टा, अमरोहा से डॉक्टर मुजाहिद हुसैन, सहारनपुर से माजिद अली जैसे मुस्लिम उम्मीदवार बनाए हैं. ये सभी मुस्लिम बहुल सीटें है. इन्हीं सीटों पर सपा-कांग्रेस गठबंधन की भी नजर है, लेकिन बसपा के दांव के बाद विपक्ष के वोट में सेंध लग सकती है.
मायावती की ये चाल विपक्ष को किस हद तक नुक़सान पहुंचा सकती है ये आजमगढ़ लोकसभा उपचुनाव के दौरान दिखाई दी थी. जहां बसपा ने गुड्डू जमाली को मैदान में उतार दिया था जो सपा के धर्मेंद्र यादव की हार की सबसे बड़ी वजह बने थे और बीजेपी ने सपा के गढ़ पर कब्जा कर लिया था.
बीजेपी ने यूपी में अब तक 51 सीटों पर प्रत्याशियों के नाम का एलान कर दिया है. जबकि सपा अब तक 31 सीटों पर और कांग्रेस में तो अभी मंथन चल रहा है. राजनीतिक जानकारों के मुताबिक भले ही बसपा इन चुनाव में कोई सीट हासिल करे या न करे लेकिन, विपक्ष की हार में बड़ी वजह जरूर बन सकती है.
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Source: IOCL

























