Ayodhya News: यूपी सरकार ने अयोध्या राम मंदिर जमीन सौदे में जांच के दिए आदेश, एक हफ्ते के अंदर मांगी रिपोर्ट
राज्य सरकार ने राम मंदिर के लिए हुए भूमि सौदे की जांच करवाने का निर्णय लिया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस जांच की रिपोर्ट भी एक हफ्ते के भीतर मांगी है.

UP Government On Ayodhya Ram Mandir Land Deal: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने अयोध्या राम मंदिर में भूमि सौदे को लेकर बड़ा फैसला लिया है. दरअसल, राज्य सरकार ने राम मंदिर के लिए हुए भूमि सौदे की जांच करवाने का निर्णय लिया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस जांच की रिपोर्ट भी एक हफ्ते के भीतर मांगी है. उत्तर प्रदेश रेवेन्यू डिपार्टमेंट में एडिशनल चीफ सेक्रेटरी मनोज कुमार सिंह ने इस जानकारी पर मुहर लगाते हुए बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस संबंध में जरुरी दस्तावेज मंगवाए हैं. इसके अलावा मुख्यमंत्री ने इसकी रिपोर्ट भी 4-5 दिनों में मंगवाई है.
सीएम ने एक हफ्ते के भीतर मांगी रिपोर्ट
इंडियन एक्सप्रेस के खबर के मुताबिक राज्य सरकार के अधिकारियों के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों और रिश्तेदारों ने अयोध्या में जमीन के टुकड़े खरीदे. अब इस खबर का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री योगी ने इस पर जांच करने का आदेश दिया है. रेवेन्यू डिपार्टमेंट के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस खबर के आधार पर एक जांच टीं बनई है. जिसमें स्पेशल सेक्रेटरी पूरे मामले की जांच करेंगे. इस पूरे मामले की जांच स्पेशल सेक्रेटरी श्याम मिश्रा करेंगे.
कई लोग हैं जांच के दायरे में
अयोध्या राम मंदिर भूमि पार्सल के कम से कम 15 खरीदारों में स्थानीय विधायक, नौकरशाहों के करीबी रिश्तेदार, जो अयोध्या में हैं या सेवा कर रहे हैं, और स्थानीय राजस्व अधिकारी जिनका काम भूमि लेनदेन को प्रमाणित करना था. इन लेन-देन का एक सेट औचित्य और हितों के टकराव के और सवाल उठाता है, यह देखते हुए कि तीन मामलों में विक्रेता, महर्षि रामायण विद्यापीठ ट्रस्ट (MRVT), दलित ग्रामीणों से जमीन की खरीद में कथित अनियमितताओं के लिए जांच के दायरे में है. जिन अधिकारियों के रिश्तेदारों ने जमीन खरीदी है.
ये तीन अधिकारी एमपी अग्रवाल, संभागीय आयुक्त, अयोध्या, 30 नवंबर, 2019 से हैं; 20 जुलाई 2018 से 10 सितंबर 2021 के बीच अयोध्या के मुख्य राजस्व अधिकारी रहे पुरुषोत्तम दास गुप्ता; और दीपक कुमार, जो 26 जुलाई, 2020 और 30 मार्च, 2021 के बीच पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) थे. एमआरवीटी ने एक दर्जन दलित परिवारों से 21 बीघा (करीब 52,000 वर्ग मीटर) का अधिग्रहण किया था. मौजूदा सर्किल रेट पर इसकी कीमत 4.25 करोड़ रुपये से 9.58 करोड़ रुपये के बीच है.
12 अन्य निर्वाचित प्रतिनिधि जिन्होंने खुद जमीन खरीदी
अन्य 12 निर्वाचित प्रतिनिधि और अधिकारी जिन्होंने या तो खुद जमीन खरीदी या जिनके रिश्तेदारों ने जमीन खरीदी: अयोध्या के मेयर ऋषिकेश उपाध्याय, अयोध्या शहर के विधायक वेद प्रकाश गुप्ता, गोसाईगंज के विधायक इंद्र प्रताप तिवारी (अब अयोग्य), तत्कालीन जिलाधिकारी अनुज झा, राज्य सूचना आयुक्त हर्षवर्धन शाही, ओबीसी आयोग के सदस्य बलराम मौर्य, पूर्व अनुमंडल दंडाधिकारी आयुष चौधरी जो अब कानपुर में हैं, अंचल अधिकारी, प्रांतीय पुलिस सेवा अधिकारी, अरविंद चौरसिया जो अब मेरठ में हैं; यूपी कैडर के सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी उमाधर द्विवेदी, गांजा सुधांशु रंजन सहित कई गांवों के कानूनगो, तत्कालीन गांजा गांव बद्री उपाध्याय के लेखपाल और एमआरवीटी के खिलाफ मामलों की सुनवाई कर रहे सहायक अभिलेख अधिकारी भान सिंह के पेशकर दिनेश ओझा हैं.
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