गोरखपुर में बनेगा उत्तर भारत का पहला वानिकी विश्वविद्यालय, मिलेंगे पढ़ाई के नए अवसर
UP News: गोरखपुर में वानिकी विश्वविद्यालय के लिए यूपी कैबिनेट ने मंगलवार को मंजूरी दे दी है. गोरखपुर के इस पांचवें विश्वविद्यालय में कई पाठ्यक्रम शामिल होंगे जो शिक्षा क्षेत्र में नई क्रांति लायेंगे.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार (7 अप्रैल) को कैबिनेट की बैठक में एक नए विश्वविद्यालय को मंजूरी दी गई. यह मंजूरी गोरखपुर में नए ‘उत्तर प्रदेश वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय’ बनाने को लेकर है. कैबिनेट ने इसके लिए 'उत्तर प्रदेश वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय अध्यादेश-2026' के प्रख्यापन को स्वीकृति प्रदान की है. यह विश्वविद्यालय लगभग 50 हेक्टेयर जमीन पर कैम्पियरगंज क्षेत्र में 491 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनाया जाएगा.
योगी सरकार ने इस साल के राज्य के बजट में भी वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय के लिए 50 करोड़ रुपये आंवटित किये थे. गोरखपुर में बनने वाला यह पांचवां विश्वविद्यालय वानिकी, औद्यानिकी, वन्य जीव संरक्षण, जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, एग्रोफॉरेस्ट्री, फल एवं बागवानी सहित कई आधुनिक विषयों में बीएससी, एमएससी, पीएचडी और डिप्लोमा पाठ्यक्रम संचालित करेगा. इसका उद्देश्य जंगल और हरित क्षेत्र बढ़ाना, जैव विविधता संरक्षण को मजबूत करना, किसानों और छात्रों को आधुनिक प्रशिक्षण देना तथा कृषि और पर्यावरण के क्षेत्र में शोध को बढ़ावा देना है.
जटायु संरक्षण केंद्र के पास होगा वानिकी विश्वविद्यालय
इस फैसले से प्रदेश में हरित विकास, खाद्य सुरक्षा और पर्यावरण संतुलन को नई दिशा मिलने की उम्मीद है. वानिकी एवं औद्यानिकी विश्वविद्यालय की स्थापना से गौरखपुर और योगी सरकार को वन एवं पर्यावरण संरक्षण में एक और बड़ी उपलब्धि मिलेगी. इसके पहले सरकार ने गोरखपुर में दुनिया के पहले राजगिद्ध (जटायु) संरक्षण केंद्र की स्थापना की थी. 6 सितंबर 2024 को कैम्पियरगंज में इस राजगिद्ध जटायु (रेड हेडेड वल्चर) संरक्षण एवं प्रजनन केंद्र के उद्घाटन अवसर पर सीएम योगी ने जटायु संरक्षण केंद्र के समीप ही वानिकी विश्वविद्यालय खोलने की घोषणा की थी.
नए कोर्स और रोजगार के अवसर
अब इसे कैबिनेट की भी मंजूरी मिल गई है. यह उत्तर भारत का पहला वानिकी विश्वविद्यालय होगा. इस विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए गोरखपुर वन प्रभाग ने 50 हेक्टेयर जमीन जटायु संरक्षण केंद्र के पास चिह्नित कर ली गई है और तैयारियां शुरू हो गई हैं. गोरखपुर के प्रभागीय वनाधिकारी (DFO) विकास यादव के अनुसार, इस विश्वविद्यालय में वानिकी के अलावा कृषि वानिकी, सामाजिक वानिकी और औद्यानिक में भी डिग्री और डिप्लोमा कोर्स संचालित कराने की योजना है. इससे बड़ी संख्या में युवाओं को नौकरी और रोजगार के व्यापक अवसर मिलेंगे. उन्होंने बताया कि कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद अब शिलान्यास की तैयारी तेज कर दी जाएगी.
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL


























