वाह रे सिस्टम! यूपी के बदायूं में पोस्टमार्टम हाउस के बाहर लावारिस शव को कुत्ते ने नोच-नोचकर खाया
Badaun News: पोस्टमार्टम के बाद शव को एक प्लास्टिक की पन्नी में लपेटकर पुलिस को सौंप दिया गया, लेकिन इसके बाद जो हुआ उसने न केवल पुलिस की लापरवाही उजागर की बल्कि मानवीय संवेदनाओं को भी ठेस पहुंचाई.

UP News: उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. यहां पोस्टमार्टम हाउस के बाहर एक अज्ञात शव को कुत्ते द्वारा नोच-नोचकर खाने का वीडियो वायरल हो गया है, जिसने आमजन से लेकर अधिकारियों तक को झकझोर दिया है. यह शर्मनाक घटना जनपद के उझानी कोतवाली क्षेत्र के भागीरथी कछला गंगा घाट की बताई जा रही है.
जानकारी के मुताबिक, चार दिन पहले गंगा घाट पर पुलिस को एक अज्ञात शव मिला था. शव की शिनाख्त नहीं हो सकी, जिसके चलते पुलिस ने शव को पहचान के लिए पोस्टमार्टम हाउस में सुरक्षित रखवा दिया था. लेकिन जब चार दिन बाद भी किसी ने शव की पहचान नहीं की तो पुलिस ने अज्ञात शव का पोस्टमार्टम करवाया.
पोस्टमार्टम के बाद शव को एक प्लास्टिक की पन्नी में लपेटकर पुलिस को सौंप दिया गया, लेकिन इसके बाद जो हुआ उसने न केवल पुलिस की लापरवाही उजागर की बल्कि मानवीय संवेदनाओं को भी ठेस पहुंचाई. बताया जा रहा है कि शव को अंतिम संस्कार या दफनाने के बजाय ऐसे ही लावारिस हालत में छोड़ दिया गया था. इसी दौरान आवारा कुत्ते उस पन्नी में लिपटे शव तक पहुंच गए और उसे नोच-नोचकर खाने लगे.
10 मिनट तक चलता रहा यह शर्मनाक दृश्य
स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह शर्मनाक दृश्य करीब 10 मिनट तक चलता रहा लेकिन न तो वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने हस्तक्षेप किया और न ही किसी अधिकारी ने इसपर ध्यान दिया. शव के साथ हुई इस अमानवीय हरकत का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे पुलिस विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.
प्रशासन पर उठे सवाल, कार्रवाई की मांग तेज
इस घटना के सामने आने के बाद आम जनता में आक्रोश है. लोगों का कहना है कि अगर समय रहते शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया होता तो यह शर्मनाक दृश्य नहीं देखने को मिलता. बदायूं प्रशासन और पुलिस विभाग पर सवाल उठ रहे हैं कि क्यों अज्ञात शव को यूं ही लावारिस छोड़ दिया गया? क्या संवेदनाएं सिर्फ कागजों में ही बची हैं?
स्थानीय सामाजिक संगठनों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने इस मामले में उच्चस्तरीय जांच और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है. उधर, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
इंसान की गरिमा केवल जीते जी नहीं, मौत के बाद भी उतनी ही जरूरी
यह घटना न केवल पुलिस और जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि मृतकों के साथ भी हमारे सिस्टम में किस तरह का बर्ताव होता है. इंसान की गरिमा केवल जीते जी नहीं, मौत के बाद भी उतनी ही जरूरी है लेकिन बदायूं की यह घटना उस गरिमा की धज्जियां उड़ाती नजर आई.
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