अमरोहा में 5 साल के मासूम के साथ कुकर्म के आरोपी को उम्रकैद की सजा, जुर्माना भी लगाया
Amroha News: अमरोहा में 9 नवंबर 2024 को खेत के नौकर अर्जुन उर्फ बहरा ने बच्चे को बहलाकर गन्ने के खेत में ले गया और उसके साथ कुकर्म किया. कोर्ट ने आरोपी को उम्रकैद की सजा के साथ जुर्माना भी लगाया है.

यूपी के अमरोहा जनपद के रजबपुर थाना क्षेत्र से जुड़ा एक सनसनीखेज मामला आखिरकार अंजाम तक पहुंच गया. विशेष पॉक्सो एक्ट प्रथम की अदालत ने पांच वर्षीय मासूम बच्चे से दुष्कर्म करने वाले आरोपी नौकर अर्जुन उर्फ बहरा (निवासी रिवा, मध्य प्रदेश) को उम्रकैद की सजा सुनाई है. साथ ही न्यायालय ने दोषी पर 16 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है.
यह मामला शनिवार (9 नवंबर 2024) का है. रजबपुर क्षेत्र के एक गांव में किसान का पांच वर्षीय बेटा घर के बाहर खेल रहा था. उसी दौरान पास ही खेत में काम करने वाला नौकर अर्जुन उर्फ बहरा बच्चे को बहलाकर गन्ने के खेत में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया.
सूचना पाते ही परिजनों में मच गया था हड़कंप
घटना की जानकारी होते ही परिवार में हड़कंप मच गया. बताया जाता है, कि जब बच्चे के चाचा और अन्य परिजन विरोध करने पहुंचे तो आरोपी ने उनके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी भी दी. इसके बाद पीड़ित परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई.
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई की. घटना के अगले दिन यानी रविवार (10 नवंबर 2024) को मुकदमा दर्ज कर आरोपी अर्जुन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया. इस दौरान एफएसएल रिपोर्ट ने केस को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई.
मुकदमे की सुनवाई
मुकदमे की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश विशेष पॉक्सो एक्ट प्रथम की अदालत में हुई. अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक रतनलाल लोधी ने पैरवी की. अदालत में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और गवाहों के बयान दर्ज होने के बाद आखिरकार सोमवार, 8 सितंबर 2025 को अदालत ने अपना फैसला सुनाया.
रिपोर्ट में बच्चे के साथ हुई दरिंदगी की पुष्टि हुई, जिसके बाद आरोपी के खिलाफ चार्जशीट तैयार की गई. पुलिस ने 40 दिन के भीतर ही 120 पन्नों की चार्जशीट न्यायालय में दाखिल कर दी. इससे स्पष्ट हो गया कि विवेचना में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती गई.
कोर्ट ने सुनाया फैसला
साक्ष्यों और गवाहियों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी अर्जुन उर्फ बहरा को दोषी करार दिया. अदालत ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई और 16 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया. फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने राहत की सांस ली और कहा कि उन्हें न्याय मिलने का भरोसा फिर से जगा है.
वहीं एसपी अमरोहा ने कहा, यह फैसला न केवल पीड़ित परिवार के लिए न्याय की बड़ी जीत है, बल्कि समाज के लिए भी एक सख्त संदेश है कि मासूम बच्चों के साथ दरिंदगी करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा. अमरोहा के न्यायिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है.
साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने आरोपी को किया दोषसिद्ध
पुलिस की सख्त पैरवी और साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने आरोपी को दोषसिद्ध करार दिया और BNS की धाराओं के तहत उम्रकैद की सजा सुनाकर स्पष्ट संदेश दिया कि जघन्य अपराध करने वालों के लिए अब बच निकलने की कोई गुंजाइश नहीं है.
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला न सिर्फ जिले बल्कि पूरे प्रदेश के लिए नजीर साबित होगा और भविष्य में पीड़ितों को तेजी से न्याय मिलने का रास्ता खोलेगा. यह अमरोहा जनपद का पहला मामला है, जिसमें नवीन भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के अंतर्गत अपराधी को दोषी करार देकर सजा सुनाई गई है.
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Source: IOCL






















