UP News: ‘चुनावी चंदे की मार अबकी...', इलेक्टोरल बॉन्ड को लेकर अखिलेश यादव का बीजेपी पर बड़ा हमला
Akhilesh Yadav on Electoral Bond: सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा इलेक्टोरल बॉन्ड चंदा नहीं बल्कि वसूली है. केंद्रीय जांच एजेंसियों के छापे की डर से चुनावी चंदा दिया जा रहा था.

Akhilesh Yadav on Electoral Bond Scheme: सुप्रीम कोर्ट की तरफ से इलेक्टोरल बॉन्ड योजना असंवैधानिक करार होने के बाद बीजेपी पर विपक्ष हमलावर है. सपा ने कहा है कि इलेक्टोरल बॉन्ड काले धन को सफेद करने की भाजपाई गारंटी है. अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "इलेक्टोरल बॉन्ड Black Money Tourism है, यानी पैसा बाहर ले जाकर वापस लाने के शुद्धीकरण की भाजपाई गारंटी." अखिलेश यादव ने इलेक्टोरल बॉन्ड को बीजेपी की वसूली बताया. उन्होंने कहा कि बीजेपी के पास राजनीति करने को मुद्दे नहीं हैं.
'इलेक्टोरल बॉन्ड काले धन को सफेद करने की भाजपाई गारंटी'
बता दें कि अखिलेश यादव मीडियो को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि इलेक्टोरल बॉन्ड चंदा नहीं बल्कि वसूली है. केंद्रीय जांच एजेंसियों के छापे की डर से चुनावी चंदा दिया जा रहा था. उन्होंने कहा कि बीजेपी ने चंदा ईडी, इनकम टैक्स और सीबीआई को आगे करके लिया है. बीजेपी सरकार पीडीए के हक का आरक्षण मारने के लिए सरकारी नौकरी समाप्त कर रही है. सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि निजी कंपनियों का मुनाफा इलेक्टोरल बॉन्ड के माध्यम से बीजेपी हड़प कर रही है.
‘चुनावी चंदे’ की मार
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) March 15, 2024
अबकी भाजपा बाहर
'युवाओं के भविष्य को मारने की गारंटी है इलेक्टोरल बॉन्ड योजना'
उन्होंने कहा कि नौकरी और बेरोजगारी का समाधान बीजेपी के हटे बिना नहीं होगा. उन्होंने सरकारी नौकरियों में भर्तियों की कटौती को इलेक्टोरल बॉन्ड से जोड़ा. अखिलेश यादव ने कहा कि शायद इलेक्टोरल बॉन्ड ही सरकारी नौकरियों को खत्म करने की वजह है. इलेक्टोरल बॉन्ड योजना के जरिए चंदा सरकार में शामिल पार्टियों को मिला है. अखिलेश यादव ने कहा कि युवाओं के भविष्य को मारने की गारंटी इलेक्टोरल बॉन्ड योजना है. गौरतलब है कि पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने 15 फरवरी को इलेक्टोरल बॉन्ड योजना को रद्द कर दिया था. सुप्रीम कोर्ट की हिदायत पर एसबीआई ने चुनावी चंदे का डेटा निर्वाचन आयोग को सौंप दिया है.



















