'अनपढ़ रहेगा इंडिया, तभी तो...', संजय सिंह ने BJP पर साधा निशाना
यूपी के बस्ती में आम आदमी पार्टी के सांसद संजय ने बीजेपी पर तीखा प्रहार किया. उन्होंने वोट चोरी, चंदा चोरी और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर बीजेपी और सरकार को घेरा.

आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता व राज्यसभा सांसद संजय सिंह गुरुवार को उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले पहुंचे, जहां उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ तीखा राजनीतिक हमला बोला. हर्रैया तहसील क्षेत्र स्थित बीआर इंटर कॉलेज के प्रांगण में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने वोट चोरी, चंदा चोरी, महंगाई, बेरोजगारी और लोकतंत्र के गिरते स्तर को लेकर सत्तारूढ़ दल को जमकर आड़े हाथों लिया.
जनसभा में उमड़ी समर्थकों और कार्यकर्ताओं की भीड़ के सामने उन्होंने देश की वर्तमान चुनावी व्यवस्था की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े किए. संजय सिंह ने जनसभा में सरकार की नीतियों पर प्रहार करते हुए कहा कि आज देश की आम जनता महंगाई और बेरोजगारी की मार झेल रही है, जबकि सरकार का पूरा ध्यान जनहित के मुद्दों से भटक चुका है.
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अनपढ़ रहेगा इंडिया, तभी तो अंधभक्त बनेगा इंडिया की सोच के तहत जनता के बुनियादी अधिकारों को दबाने का प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सबसे बड़ी ताकत जनता का एक वोट होता है, और अगर चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं रहेगी तो लोकतंत्र का अस्तित्व ही खतरे में पड़ जाएगा.
संविधान की रक्षा के लिए लोगों से की अपील
संजय सिंह ने उपस्थित कार्यकर्ताओं और आम लोगों से अपने लोकतांत्रिक अधिकारों और संविधान की रक्षा के लिए बिना डरे आवाज बुलंद करने का आह्वान किया. सभा के बाद मीडिया प्रतिनिधियों से बात करते हुए आप सांसद संजय सिंह ने मतदाता सूची के आंकड़ों को सामने रखते हुए चुनाव आयोग और सरकार की कार्यशैली पर बेहद संगीन आरोप लगाए.
उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में मतदाता पुनरीक्षण अभियान के दौरान आंकड़ों में व्यापक विसंगति देखने को मिली है. मुख्य निर्वाचन अधिकारी के बयानों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में कुल 84 लाख नए वोट जोड़े जाने का दावा किया गया था, लेकिन जब जमीनी स्तर पर और आधिकारिक दस्तावेजों में बढ़ाए गए कुल मतों का वास्तविक मिलान किया जा रहा है, तो यह आंकड़ा केवल 71 लाख पर ही सिमट कर रह जाता है.
उन्होंने सवाल उठाया कि अगर कुल 84 लाख वोट जोड़े गए तो बाकी के 13 लाख वोट कहां गायब हो गए? यह साफ तौर पर केवल उत्तर प्रदेश में हुआ 13 लाख मतों का बड़ा घपला है. इसके अलावा, उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और चुनाव आयोग की आंतरिक कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए.
बंगाल चुनाव को लेकर क्या बोले संजय सिंह?
संजय सिंह ने कहा कि बंगाल चुनाव के संदर्भ में भी लाखों वोटर्स के नाम काटने और जोड़ने के फैसलों को लेकर खुद आयोग के भीतर मतभेद रहे हैं और निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को 'Z+' सुरक्षा श्रेणी दिए जाने पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि यह कोई सुरक्षा नहीं बल्कि तंत्र के जरिए एक व्यक्ति को बचाने का प्रयास है, और खुद प्रधानमंत्री इस व्यवस्था को संरक्षण दे रहे हैं.
शिवराज सिंह चौहान के बयान पर दी यह प्रतिक्रिया
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा विपक्ष पर दिए गए बयान वोट चोरी नहीं, विपक्ष का दिमाग चोरी हुआ है पर पलटवार करते हुए संजय सिंह ने बेहद कड़े लहजे में जवाब दिया. उन्होंने कहा कि शिवराज सिंह चौहान सिर्फ प्रधानमंत्री मोदी की तरफदारी करने में जुटे हैं.
उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि क्या शिवराज जी यह कहना चाहते हैं कि आयोग से जुड़े अन्य चुनाव आयुक्तों (संधू जी और जोशी जी) का दिमाग चोरी हो गया है? उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष का दिमाग नहीं, बल्कि सरकार और उसके चहेते अधिकारियों ने मिलकर चुनाव प्रक्रिया से जनता के मतों की चोरी की है.
आगामी चुनाव और गठबंधन की संभावनाओं के सवाल पर आप सांसद ने स्थिति पूरी तरह स्पष्ट की. उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी एक लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत काम करती है. जिस दिन पार्टी की सर्वोच्च नीति निर्धारक इकाई यानी राजनीतिक मामलों की समिति और पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल यह तय कर लेंगे कि उत्तर प्रदेश में किस रणनीति और कितनी सीटों पर चुनाव लड़ना है, उस दिन सभी जानकारियों को आधिकारिक तौर पर मीडिया और जनता के सामने साझा कर दिया जाएगा.
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