गोरखपुर: गुरु गोरखनाथ मंदिर में पहुंचे एएसपी अनुज चौधरी, पूर्व CM अखिलेश यादव ने साधा निशाना
UP News: संभल हिंसा में नाम आने के बाद एएसपी अनुज चौधरी गोरखपुर स्थित गुरु गोरखनाथ मंदिर में दर्शन करते नजर आए. कोर्ट के आदेश के बाद केस दर्ज होने पर अखिलेश यादव ने तीखा हमला बोला.

मकर संक्रांति पर 15 जनवरी की भोर में जब गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर के पट खुले, तो श्रद्धालुओं के साथ एक जाना-पहचाना चेहरा भी दर्शन के लिए पहुंचा. संभल हिंसा को लेकर चर्चा में आए एएसपी अनुज चौधरी मंदिर परिसर में गुरु गोरखनाथ के सामने हाथ जोड़कर खड़े नजर आए. काली जैकेट में सादे लिबास में मौजूद अनुज चौधरी को शुरुआत में बहुत कम लोग पहचान पाए.
मकर संक्रांति पर परंपरा के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सबसे पहले गुरु गोरखनाथ को खिचड़ी चढ़ाई. इसके तुरंत बाद मंदिर के पट आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए. इसी दौरान अनुज चौधरी मंदिर के अंदर मूर्ति के ठीक दाहिनी ओर खड़े दिखाई दिए.
मंदिर के पुजारी उन्हें अक्षत और जल देते भी नजर आए. वीडियो में अनुज चौधरी कुछ बुदबुदाते हुए दिखते हैं, जिससे ऐसा प्रतीत होता है कि वे मन ही मन गुरु गोरखनाथ से कोई अर्जी लगा रहे हों.
उस समय भले ही आम श्रद्धालु आगे बढ़ते रहे हों, लेकिन बाद में जब दर्शन के दौरान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तब लोगों को पता चला कि वह शख्स कोई और नहीं बल्कि संभल के एएसपी अनुज चौधरी हैं. इसके बाद यह मामला राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया.
संभल हिंसा केस और कोर्ट का आदेश
दरअसल, यूपी के संभल में हुई हिंसा के मामले में कोर्ट के आदेश के बाद एएसपी अनुज चौधरी समेत 12 पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं.
इसी आदेश के बाद अनुज चौधरी के मंदिर दर्शन को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं. कुछ लोग इसे निजी आस्था से जोड़कर देख रहे हैं, तो कुछ इसे मौजूदा हालात से जोड़ रहे हैं.
अखिलेश यादव का तीखा हमला
इस पूरे घटनाक्रम के बीच समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कोर्ट के आदेश का जिक्र करते हुए लिखा, “अब कोई बचाने नहीं आएगा…”.
अखिलेश यादव ने आगे लिखा कि अब ये पक्षपाती पुलिसकर्मी अकेले में बैठकर सब याद करेंगे. उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, “भाजपा का फ़ॉर्मूला नंबर 1 पहले इस्तेमाल करो, फिर बर्बाद करो. फ़ॉर्मूला नंबर 2: भाजपाई किसी के सगे नहीं हैं.”
अनुज चौधरी के गुरु गोरखनाथ मंदिर पहुंचने और उसी समय कोर्ट के आदेश के बाद अखिलेश यादव के ट्वीट ने इस पूरे मामले को और हवा दे दी है. एक तरफ इसे आस्था और परंपरा से जोड़ा जा रहा है, तो दूसरी तरफ विपक्ष इसे राजनीतिक संदेश के तौर पर देख रहा है.
फिलहाल, एएसपी अनुज चौधरी के दर्शन और संभल हिंसा केस दोनों ही मुद्दे यूपी की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में लगातार चर्चा में बने हुए हैं.
Source: IOCL
























