नमाज विवाद पर सपा सांसद इकरा हसन ने सरकार को घेरा, कहा- 'मुस्लिमों को किया जा रहा टारगेट'
UP News: कैराना सांसद इकरा हसन ने सड़क पर नमाज को लेकर सरकार और प्रशासन पर जोरदार निशाना साधा है. सपा सांसद ने कहा है कि, ईद की सिर्फ 10 मिनट की नमाज से किसी को दिक्कत नहीं होनी चाहिए.

Namaz Controversy: आज माहे रमजान का आखिरी जुमा है और जुमे की नमाज को लेकर देश की सियासत में नई जंग छिड़ी हुई है. अब सड़क पर नमाज पढ़ने के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे भाजपा विधायकों पर सपा सांसद इकरा हसन ने प्रतिक्रिया दी है.
सपा सांसद इकरा हसन ने कहा, "2014 से यह सरकार सिर्फ नफरत फैला रही है. अब जब पूरा देश 'सौगात-ए-मोदी' की बात कर रहा है, तो मुसलमानों के लिए सबसे बड़ी सौगात यही होगी कि उन्हें उनका हक दिया जाए. हमारे बुजुर्गों का खून इस देश की मिट्टी में समाया हुआ है और हम कहीं नहीं जाएंगे. सरकारें आती-जाती रहती हैं. आज उनकी तानाशाही चल रही है, लेकिन यह हमेशा नहीं चलेगी."
वक्फ संशोधन विधेयक के खिलाफ एआईएमपीएलबी के काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन के आह्वान पर उन्होंने कहा है कि "मुझे खुशी है कि सरकार से जुड़े कुछ लोग इतनी समझ रखते हैं कि वे आगे आकर इसके (वक्फ संशोधन विधेयक) खिलाफ बोल रहे हैं. उम्मीद है कि सरकार समझेगी और ऐसे तानाशाही आदेश वापस लेगी."
मुसलमानों को टारगेट कर रही है सरकार- सांसद
कैराना सांसद इकरा हसन ने सड़क पर नमाज़ को लेकर सरकार और प्रशासन पर जोरदार निशाना साधा है. सपा सांसद ने कहा है कि, "ईद की सिर्फ 10 मिनट की नमाज़ से किसी को दिक्कत नहीं होनी चाहिए, लेकिन सरकार सिर्फ मुसलमानों को टारगेट कर रही है. संभल के सीओ के बयानों को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए और कहा कि यूपी सरकार की तानाशाही 2027 में जनता जवाब देगी.
वहीं नमाज विवाद पर फैजाबाद से सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा है कि, "आज अलविदा की नमाज है. ईद के पहले होता है. इसमें नमाज पढ़ने वाले अमन चैन और भाईचारा और खुशहाली के लिए प्रार्थना करते हैं और यह परंपरा है."
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Source: IOCL


























