UP Politics: क्या समाजवाद के खिलाफ बोलना विशेषाधिकार में नहीं? सपा विधायक मनोज पांडेय ने उठाया सवाल
UP News: सदन में 6 पुलिसकर्मियों को सजा पर मनोज पांडेय ने कहा कि मैं इस बात से सहमत हूं कि विधायिका का सम्मान होना चाहिए क्योंकि अगर विधायिका पर हमला होगा तो डेमोक्रेसी कमजोर होगी.

Lucknow News: सपा विधायक और मुख्य सचेतक डॉ. मनोज पांडेय (Manoj Pandey) ने कहा कि दुनिया की सबसे मजबूत विचारधारा समाजवाद ही है. यह दुनिया के तमाम राष्ट्र अध्यक्षों ने कहा है. जर्मनी में इसी विचारधारा को लेकर सरकारें बनी है. दुनिया में सबसे ज्यादा मानने वाले लोग समाजवाद के हैं जिस समाजवाद की बात और कल्पना डॉक्टर लोहिया ने की. इसकी परिकल्पना महात्मा गांधी, सुभाष चंद्र बोस, चंद्रशेखर आजाद, मंगल पांडे ने की. दुनिया में एक विचारधारा समाजवाद है, जो गरीब और अमीर के बीच दूरी खत्म करता है.
समाजवाद ही एक ऐसी विचारधारा है जो अंतिम पंक्ति पर खड़े व्यक्ति को न्याय देने की बात करती है. समाजवादी विचारधारा है जो किसान, गरीब, कमजोर, नौजवान की बात करती है. समता और समानता की बात करने वाला समाजवाद है और आप समाजवाद को गाली देकर इस देश को कभी आगे नहीं बढ़ा सकते. ये लोग समाजवाद का अपमान कर उत्तर प्रदेश के किसानों, नौजवानों, गरीबों का अपमान कर रहे. मैं कहता हूं समाजवाद पर 1 दिन की चर्चा हो जानी चाहिए, इसी के साथ डॉ. मनोज पांडेय ने कहा कि हम अध्यक्ष से बात करेंगे कि 1 दिन सिर्फ समाजवाद पर चर्चा कराएं और आमंत्रित करते हैं उन्हें जो समाजवाद पर चर्चा करें.
6 पुलिसकर्मियों को सजा मिलने पर कही ये बात
सदन में 6 पुलिसकर्मियों को सजा पर मनोज पांडेय ने कहा कि मैं इस बात से सहमत हूं कि विधायिका का सम्मान होना चाहिए क्योंकि अगर विधायिका पर हमला होगा तो डेमोक्रेसी कमजोर होगी. लेकिन जैसे इस प्रकरण में कार्रवाई हुई, वैसे ही अन्य प्रकरण जिनमें विधायिका, विधायकों का अपमान हुआ उन सब पर कार्रवाई हो. समाजवादी पार्टी के विधायक पैदल सदन आ रहे थे. हम चाहे पैदल आये, गाड़ी से, मोटरसाइकिल से यह हमारा अपना संवैधानिक अधिकार है कि हम चाहे जैसे जहां जाएं. सदन चल रहा हो, विधायक आ रहे हो और किस तरह बेरिकेडिंग करके उनको रोका गया. धक्का-मुक्की मारपीट हुई, महिला विधायकों तक को नहीं छोड़ा गया, क्या यह विशेषाधिकार में नहीं आता.
सपा विधायक और मुख्य सचेतक डॉ. मनोज पांडेय ने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या समाजवाद के खिलाफ बोलना विशेषाधिकार में नहीं आएगा. हम चाहेंगे कि इसमें भी न्याय मिले, सदन में भी यह बात उठाएंगे. सदन में कृषि के बजट पर हुई चर्चा को लेकर मनोज पांडेय ने कहा कि कृषि मंत्री ने अपने जवाब में यह कहा कि 2017 में 10.7 एग्रीकल्चरल ग्रोथ रेट के सापेक्ष इस समय 7.7 परसेंट रेट है.जो कृषि मंत्री खुद स्वीकार कर रहे हो कि कन्नौज, फर्रुखाबाद, फिरोजाबाद में 3 रुपये किलो आलू बिक रहा है जिसकी लागत ही 4.45 रुपये हो. आज किसान अपनी लागत का मूल्य भी नहीं निकाल पा रहा है.
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