यूपी: रविवार को बजट पेश करने पर धर्म का हवाला देकर सपा ने उठाए सवाल, अब संतों ने क्या कहा?
Budget 2026: सपा सांसद ने कहा कि मैं बता दूं हिंदू धर्म में रविवार को कोई काम शुरू नहीं होता है. इस पर अब संतों ने प्रतिक्रिया देते हुए निराधार बताया है.

वित्तीय वर्ष 2026 का बज सत्र संसद में शुरू हो चुका है. इस बार का बजट रविवार (1 फरवरी) को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के द्वारा पेश किया जाएगा. इसको लेकर अब विवाद शुरू हो गया है. सपा सांसद रमाशंकर राजभर ने रविवार को बजट पेश करने को लेकर सवाल उठा दिया है.
सपा सांसद ने कहा कि मैं बता दूं हिंदू धर्म में रविवार को कोई काम शुरू नहीं होता है. लेकिन ये सरकार धर्म की आड़ में छिपती है. सपा सांसद के इस बयान पर अब संत समाज आगे आ गया है. संतों ने उनके इस बयान को निराधार बताया है.
मामले पर दिनेश शर्मा फलाहारी महाराज ने दी प्रतिक्रिया
मामले परदिनेश शर्मा फलाहारी महाराज ने बताया कि समाजवादी पार्टी के संसद के द्वारा जो आरोप लगाया गया है. वह निराधार है. सरकार बजट तो कभी भी पेश कर सकती है, उसमें रविवार हो, शुक्रवार हो या सोमवार हो. उसमें धर्म नहीं देखा जाता, क्योंकि बजट की लिखा पड़ी तो पहले ही हो जाती है.
उन्होंने आगे कहा कि उसमें यह देखा जाता है कि बजट में सबका साथ सबका विकास है या नहीं. बीजेपी सरकार में तो गरीबों के लिए मध्यम वर्ग के लिए अच्छी-अच्छी योजनाओं का बजट पेश किया जाता है. सरकार का यही ध्यान रहता है कि किसी को नुकसान ना हो और जो खाने पीने की चीजें हैं वह सस्ती हो.
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य यही रहता है कि कैसे भी किसी भी प्रकार जो हमारे भारतीय हैं देशवासी उनका लाभ धर्म को बजट में नहीं घुस जाता है यह द्वारा आप लगते हैं यह निराधार है
सांसद के बयान पर आचार्य रामविलास चतुर्वेदी ने क्या कहा?
आचार्य रामविलास चतुर्वेदी ने जानकारी देते हुए बताया कि धर्म अनुसार रविवार के दिन अनेक-अनेक जगह के मुहूर्त तथा शुभारंभ होते हैं. पंचांगों में रविवार के दिन शुभ नक्षत्र, शुभ तिथियों में अनेक मुहूर्त का वर्णन है. सूर्य प्रकाश प्रदान करने वाला है, इसलिए रविवार के दिन कार्य प्रारंभ नहीं करना चाहिए.
उन्होंने बताया कि ऐसा किसी भी शास्त्र में वर्णित नहीं है जिस तरह से यह आम बजट रविवार के दिन संसद में पेश किया जा रहा है उसके लिए मुहूर्त यदि निकल जाए तो वह रविवार को भी निकल सकता है इसमें किसी भी प्रकार से कोई निषेध नहीं है. वहीं राम दास महाराज ने कहा कि हर चीज को धर्म से जोड़कर नहीं देखना चाहिए और बजट को भी धर्म से जोड़कर नहीं देखना चाहिए.
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