6 जुलाई को राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में क्या होगा? संघ और विहिप पर क्यों टिकी हैं निगाहें
UP News: चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफ़ा स्वीकार किया जाता है, तो इनका विकल्प कौन होगा? चंपत राय विश्व हिंदू परिषद के बड़े नेता हैं और अनिल मिश्रा लंबे समय से संघ से जुड़े रहे हैं.

राम मंदिर में चढ़ावा चोरी विवाद के बीच 6 जुलाई को अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट की बड़ी बैठक होने जा रही है. श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा के इस्तीफ़े पर विचार होगा. राम मंदिर के चढ़ावे से चोरी की ख़बरों के बाद ट्रस्ट पर लगाकर भरोसे की कमी बढ़ती जा रही है. अब सवाल यह है कि आखिरकार इस बैठक में क्या होगा?
अयोध्या में होने वाली ट्रस्ट की इस बैठक में चंपत राय और अनिल मिश्र के भविष्य पर फैसला होना है. इसके साथ ही यह भी मंथन होगा कि राम मंदिर ट्रस्ट की व्यवस्था के लिए क्या किसी प्रशासनिक अधिकारी (CEO) की नियुक्ति की जाए या नहीं? यह एक बड़ा फैसला होगा, अगर राम मंदिर ट्रस्ट में CEO की नियुक्ति होती है तो राम मंदिर से जुड़े सभी प्रशासनिक अधिकार CEO के पास चले जाएंगे.
इसके अलावा अगर चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफ़ा स्वीकार किया जाता है, तो इनका विकल्प कौन होगा? चंपत राय विश्व हिंदू परिषद के बड़े नेता हैं और अनिल मिश्रा लंबे समय से संघ से जुड़े रहे हैं. अनिल मिश्रा अयोध्या-अंबेडकरनगर के स्थानीय नागरिक होने के नेता ट्रस्ट में नंबर 2 की पोजीशन पर माने जाते रहे हैं. हालाँकि आधिकारिक तौर पर अनिल मिश्रा सिर्फ सदस्य ही हैं. लेकिन अनिल मिश्रा के पास असीमित शक्तियां हैं. ऐसे में संघ और विहिप दोनों ही इनके विकल्प पर विचार विमर्श जरूर कर चुके होंगे. अगर दोनों की छुट्टी होती है तो इनके सापेक्ष विहिप और संघ जरूर अपने दूसरे व्यक्तियों को ट्रस्ट में शामिल करेंगे. क्योंकि विहिप और संघ दोनों ही किसी भी कीमत पर राम मंदिर ट्रस्ट से अपना कंट्रोल नहीं छोड़ना चाहेंगे.
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बजरंग लाल बागड़ा राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव पद की रेस में सबसे आगे
अगर चंपत राय का इस्तीफ़ा होता है तो विहिप के महामंत्री बजरंग लाल बागड़ा राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव पद की रेस में सबसे आगे बताए जा रहे हैं. वहीं संघ की तरफ से एक प्रचारक का नाम भी सामने आ रहा है, जो कि पेशे से चार्टेड अकाउंटेंट हैं. हालाँकि दोनों ही नामों पर अंतिम फैसला राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में ही लिया जाएगा. एक बड़ा सवाल यह भी है कि क्या चंपत राय की ट्रस्ट से परमानेंट छुट्टी कर दी जाएगी या सिर्फ महासचिव पद से हटाया जाएगा? इस सवाल का जवाब अभी तक किसी को भी नहीं मिल पा रहा है.
राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट भी पेश
राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट भी पेश की जाएगी. इस रिपोर्ट पर ट्रस्ट के सदस्य चर्चा करेंगे और राम मंदिर के प्रशासनिक कामकाज में सुधारों का फाइनल रूप भी दिया जा सकता है. राम मंदिर से जुड़े कई बड़े मुद्दों पर न्यास के सदस्य बातचीत करेंगे.
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास में कौन-कौन सदस्य है?
1. महंत नृत्य गोपाल दास, अध्यक्ष
2. चंपत राय, महासचिव
3. गोविंद देव गिरी, कोषाध्यक्ष
4. अनिल मिश्र, सदस्य
5. के परासरण, संस्थापक सदस्य
6. स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती, सदस्य
7. स्वामी विश्वप्रशन्नतीर्थ, सदस्य
8. युगपुरुष परमानंद गिरी, सदस्य
9. कृष्णमोहन, सदस्य
10. महंत दिनेन्द्र दास, सदस्य
11. प्रशांत लोखंडे, पदेन सदस्य (केन्द्रीय गृह मंत्रालय)
12. संजय प्रसाद, पदेन सदस्य (प्रमुख सचिव गृह, यूपी सरकार)
13. शशांक त्रिपाठी, पदेन सदस्य (ज़िलाधिकारी अयोध्या)
14. नृपेन्द्र मिश्रा, पदेन सदस्य (राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष)
अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक ज़रूर होगी लेकिन निगाहें संघ और विहिप पर टिकी होंगी. संघ और विहिप अपने सबसे कोर मुद्दे पर पहली बार सवालों के घेरे में है. इसीलिए ऐसा माना जा रहा है कि इसका समाधान भी संघ और विहिप ही निकालेंगे.

























