पीलीभीत: ऑपरेश के दौरान महिला के पेट में छूटा स्पंज, जांच में डॉक्टरों की लापरवाही उजागर
Pilibhit News: पीलीभीत में बीते साल एक महिला की मौत डॉक्टरों की लापरवाही की वजह से हो गई थी. इस मामले में डीएम ने दो सदस्यी जांच कमेटी गठित की थी, जिसने अब अपनी रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंप दी है.

Pilibhit News Today: पीलीभीत में बीते साल दिसंबर माह में एक महिला का ऑपरेशन के दौरान पेट में स्पंज छूट गया था, जिससे पीड़ित महिला की मौत हो गई. इस मामले की जांच के बाद इलाज करने वाले चिकित्सकों को दोषी पाया गया है. इसमें तीन स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय संबद्ध अस्पताल के चिकित्सक शामिल हैं.
महिला के मौत की जांच के लिए जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह की ओर से दो सदस्यीय समिति गठित की थी. इस समिति ने अब जांच के बाद अपनी रिपोर्ट सौंप दी है. डीएम ने रिपोर्ट के परीक्षण करने के आदेश दिए हैं, जिसके बाद दोषियों पर कार्यवाही की जाएगी. दरअसल, बीते साल 7 दिसंबर से 23 जुलाई तक मृतक महिला खीलावती का एक निजी अस्पताल में बच्चेदानी का ऑपरेश किया गया.
क्या है पूरा मामला?
ऑपरेशन के बाद भी खीलावती को आराम नहीं मिला और उसे सूजन और मवाद की शिकायत बनी रही. इस दौरान उसने कई बार डॉक्टर को दिखाया, लेकिन आराम नहीं मिला. बीते 13 नवंबर को खीलावती ने स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय संबद्ध अस्पताल में आकर दिखाया. 15 नवंबर को एक छोटा ऑपरेशन किया गया. मेडिकल कॉलेज में 16 नवंबर को हुए सीटी स्कैन में महिला के पेट में ऑपरेशन के दौरान स्पंज छोड़े जाने की पुष्टि हुई.
अस्पताल के चिकित्सकों ने मरीज से स्पंज की बात छिपाते हुए उसे दस दिन भर्ती रखकर 26 नवंबर को मेडिकल कॉलेज से डिस्चार्ज कर दिया. इसके बाद 1 और 5 दिसंबर को बरेली के एक अस्पताल में खीलावती की दो सर्जरी की गई. दूसरी सर्जरी के बाद खीलावती की मौत हो गई. मामले में 10 दिसंबर को डीएम ने कमेटी गठित कर जांच के आदेश दिए. कमेटी ने जांच के दौरान सभी पक्षों के बयान दर्ज किए, साथ ही अभिलेखों का अवलोकन किया.
'डॉक्टरों की घोर लापरवाही उजागर'
जांच रिपोर्ट के मुताबिक, खीलावती के इलाज में शामिल रहे सभी चिकित्सक और चिकित्सा शिक्षक दोषी पाए गए हैं. स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय संबद्ध अस्पताल में जनरल सर्जरी विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रुचिता बोरा, सीनियर रेजिडेंट डॉ. सैफ अली, ऑब्स एंड गायनी की सीनियर रेजिडेंट डॉ. आशा गंगवार और निजी अस्पताल के डॉक्टरों को दोषी पाया गया है.
जिला पीलीभीत के सीएमओ आलोक कुमार ने बताया है अभी कार्रवाई नहीं की गई है. जांच रिपोर्ट बनाकर जिलाधिकारी को सौंप दी गई है. इस पूरी जांच में डॉक्टरों की घोर लापरवाही सामने आई है. पीड़ित पति का तक कहना है कि उसकी कहीं भी सुनवाई नहीं हुई है. वह लगातार अधिकारियों के चक्कर काट रहा है.
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