Noida Flood: यमुना का रौद्र रूप, नोएडा में बाढ़ से तबाही, फार्म हाउस जलमग्न, किसानों की मेहनत पर फिरा पानी
Noida Flood News: नोएडा-ग्रेटर नोएडा में यमुना का जलस्तर 199 मीटर पहुंचने से फसलें डूब गईं और फार्म हाउस जलमग्न हो गए. लोगों और मवेशियों को सुरक्षित निकालकर शेल्टर होम में राहत व भोजन की व्यवस्था की गई.

उत्तर प्रदेश के नोएडा/ग्रेटर नोएडा में यमुना नदी इन दिनों अपने रौद्र रूप में दिखाई दे रही है. हथिनी कुंड बैराज से छोड़ा गया पानी मंगलवार शाम से ही दिल्ली-NCR की ओर बढ़ने लगा था, जिसका असर अब साफ तौर पर नोएडा और ग्रेटर नोएडा में दिख रहा है.
नदी का जलस्तर लगातार बढ़ते हुए 199 मीटर तक पहुंच गया है, जिससे डूब क्षेत्र में बने फार्महाउस और हजारों बीघा कृषि भूमि जलमग्न हो गई है. इससे किसानों की खड़ी फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं और उनका महीनों का परिश्रम पानी में बह गया है.
प्रशासन ने शुरू किया कम्युनिटी किचन
बाढ़ के चलते कई फार्महाउसों में पानी भर जाने से वहां रह रहे लोगों को प्रशासन ने तुरंत सुरक्षित बाहर निकालकर शेल्टर होम्स में शिफ्ट किया. शेल्टर होम्स में पीड़ितों के रहने और खाने-पीने की पूरी व्यवस्था की गई है. प्रशासन ने कम्युनिटी किचन शुरू कर दिया है, जहां प्रभावित परिवारों को दो समय का भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है.
जेवर क्षेत्र में बाढ़ ने सबसे ज्यादा तबाही मचाई है. हजारों बीघा भूमि पर खड़ी फसलों का नुकसान देखकर किसान गहरी मायूसी में हैं. वहीं, नोएडा के सेक्टर-168 की ऊंची इमारतों से डूब क्षेत्र का दृश्य साफ नजर आ रहा है. जहां तक नजर जाती है, पानी ही पानी दिखाई दे रहा है.
लगभग 2000 मवेशियों को भी सुरक्षित बाहर निकाला
जिलाधिकारी मेधा रूपम ने प्रभावित इलाकों का दौरा किया और बाढ़ पीड़ितों से बातचीत की. उन्होंने आश्वासन दिया कि हर परिवार को सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. डीएम ने शेल्टर होम्स का भी निरीक्षण किया और व्यवस्था को मज़बूत बनाए रखने के निर्देश दिए.
प्रशासनिक टीम और पुलिस ने मिलकर लगभग 2000 मवेशियों को भी सुरक्षित बाहर निकालकर अलग-अलग स्थानों पर पहुंचाया है. साथ ही, उनके चारे-पानी की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है, ताकि पशुपालकों को किसी तरह की अतिरिक्त परेशानी का सामना न करना पड़े.
नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी लोगों की परेशानी को गहरा रही
यमुना का यह उफान स्थानीय लोगों के लिए मुसीबत बनकर आया है. एक ओर किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण और फार्महाउस में रह रहे लोग अपनी जिदगी को लेकर चिंता में हैं.
हालांकि प्रशासन पूरी सक्रियता के साथ प्रभावितों की मदद में जुटा हुआ है, लेकिन नदी के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी लोगों की परेशानी को और गहरा रही है.
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