ओपी राजभर के खिलाफ ABVP ने खोला मोर्चा, घर पर पत्थरबाजी का आरोप, फूंका पुतला
UP News: उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर के आवास पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया.

उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के नेता ओम प्रकाश राजभर के लखनऊ स्थित सरकारी आवास पर 3 सिंतबर 2025, बुधवार को जमकर हंगामा हुआ. राजभर के आवास के बाहर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अनुषांगिक संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् ने उनके एक बयान की वजह से हंगामा किया.
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओपी राजभर की 'असंवेदनशील व अभद्र टिप्पणी' के विरोध में उनके आवास के बाहर प्रदर्शन करते हुए पुतला दहन किया. जानकारी के अनुसार बाराबंकी में श्रीरामस्वरूप मेमोरियल विश्वविद्यालय में पुलिसिया कार्रवाई पर राजभर ने टिप्पणी की थी. यह टिप्पणी एबीवीपी को नागवार गुजरी. जिसके बाद कार्यकर्ताओं का एक समूह उनके सरकारी आवास पर पहुंचा और उनका पुतला फूंका. राजभर के बेटे अरुण राजभर ने एक बयान में दावा किया कि उनके पिता के आवास पर पत्थर फेंके गए.
अरुण राजभर का आरोप- गाली गलौच हुई और फेंका पत्थर
सुभासपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण राजभर ने कहा कि लखनऊ आवास पर कुछ अराजक तत्व पत्थर फेंके गए और ओम प्रकाश राजभर को गाली दी गई. अति पिछड़े वर्ग के नेता का साथ इस तरह का व्यवहार ठीक नहीं है. यह गुंडागर्दी है. उन्होंने मांग की है कि प्रशासन ऐसे लोगों के खिलाफ कठोर कार्यवाही करे. अरुण ने कहा कि आवास के बाहर लोगों ने जो किया वह छात्र का परिचय नहीं हो सकता है.
उन्होंने कहा कि राजभर को गाली देकर सिर्फ एक व्यक्ति नहीं बल्कि पूरे समाज को अपशब्द कहा जा रहा है. अरुण ने कहा कि अगर किसी को शिकायत है तो वह सीएम, पीएम और संबंधित अधिकारियों के पास जाए. देश कानून और संविधान से चलेगा. अपने पूरे बयान के दौरान अरुण राजभर ने एक बार भी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् का जिक्र नहीं किया. उन्होंने कहा कि यह सब केवल सस्ती लोकप्रियता के लिए किया जा रहा है. यह सब एक साजिश के तहत हो रहा है.
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ओपी राजभर के बयान का किया बचाव
अरुण राजभर ने कहा कि यह गुंडागर्दी है और लोगों में विभेद पैदा करने की कोशिश की जा रही है. बाराबंकी मामले का जिक्र करते हुए अरुण राजभर ने अपने पिता और काबीना मंत्री के बयान का बचाव किया. उन्होंने कहा कि सुभासपा चीफ ने कुछ गलत नहीं कहा. कानून हाथ में लेंगे तो पुलिस आप पर कार्रवाई करेगी तो उसमें उन्होंने क्या गलत कहा?
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् का जिक्र किए बिना अरुण राजभर ने कहा कि यह जो आवास के बाहर किया गया, वह छात्र होने का परिचय नहीं है. अराजकता फैलाने की कोशिश हो रही है और हमें उम्मीद है कि प्रशासन इस पर एक्शन लेगा.
ओपी राजभर ने ABPV पर क्या कहा था?
श्रीरामस्वरूप मेमोरियल विश्वविद्यालय के बाहर एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर लाठी चार्ज को लेकर राजभर ने कहा था कि- कानून अपने हाथ में लेने की किसी को इजाजत नहीं है, यहां लोकतंत्र है. शिक्षा मंत्री, मुख्यमंत्री, राज्यपाल, प्रमुख सचिव से मिलते, अगर आपकी बात न सुनी जाती तब उसके बाद आप धरना देते . इन लोगों को अपने हाथ में कानून नहीं लेना चाहिए. अगर कोई कानून हाथ में लेगा तो पुलिस एक्शन लेगी.
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