Jama Masjid Exclusive: लाल डायरी में दर्ज हैं जामा मस्जिद के बाहर अतिक्रमण के सबूत! ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आया सच
abp Exclusive: दिल्ली हाईकोर्ट ने जामा मस्जिद के बाहर अतिक्रमण के संदर्भ में एमसीडी को सर्वे करने के आदेश दिए हैं. आइए हम आपको जामा मस्जिद की Exclusive ग्राउंड रिपोर्ट से रुबरू कराते हैं.

राजधानी दिल्ली में अभी तुर्कमान गेट स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण और हिंसा का मामला शांत नहीं हुआ है. इस बीच जामा मस्जिद के पास अवैध पार्किंग और फेरी, दुकानों को हटाने की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने नगर निगम को दो महीने में सर्वे करने का आदेश दिया है. आइए हम आपको इस पूरे मामले की विस्तार से जानकारी देते हैं कि याचिकाकर्ता और अतिक्रमण के आरोपियों का क्या कहना है. साथ ही हम यह भी बताएंगे कि जमीनी हकीकत क्या है?
जामा मस्जिद के मुख्य गेट के पास गेट नंबर 6 और 7 पर भीतर की तरफ कथित रूप से अवैध पार्किंग बनी हुई है. साथ ही गेट 7 से गेट 5 तक पूरा फुटपाथ अवैध फेरी और गाड़ियों से पटा हुआ है. गेट नंबर 12 से गेट नंबर 2 तक सरकारी सड़क पर तकरीबन 700 से ज्यादा अवैध अतिक्रमण करके कपड़ेे, ड्राई फ्रूट्स, किताबें और बैग की दुकानें चलाई जा रहीं हैं.

जामा मस्जिद के आसपास अवैध पार्किंग और अवैध व्यवसायिक प्रतिष्ठान को हटाने की याचिका 4 लोगों द्वारा दायर की गई थी जिसमें से एक हैं अब्दुल आमिर. एबीपी न्यूज़ के साथ जामा मस्जिद के बाहर एक्सक्लूसिव बातचीत में याचिकाकर्ता अब्दुल आमिर ने जामा मस्जिद प्रशासन पर अवैध पार्किंग के आरोप लगाए और दावा किया कि बिना एमसीडी की अनुमति के सरकारी जमीन पर जामा मस्जिद प्रशासन अवैध पार्किंग और अवैध दुकानें संचालित कर रहा है.

इतना ही नहीं याचिकाकर्ता अब्दुल आमिर ने जामा मस्जिद के गेट नंबर 5 के भीतर अवैध VIP पार्किंग का आरोप लगाया जिसकी पुष्टि उनके मुताबिक गेट के बाहर रखी हुई पार्किंग स्लिप और लाल डायरी कर रही है. जिसमें हर महीने 40 से ज्यादा गाड़ियों से 2,500 से लेकर 8,000 रुपये तक वसूलने का जिक्र है. याचिकाकर्ता के मुताबिक ये डायरी हर महीने के लाखों रुपये अवैध पार्किंग से वसूलने की गवाही दे रही है.
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— ABP News (@ABPNews) January 8, 2026
पार्किंग के अलावा याचिका में जिक्र किया गया है कि जामा मस्जिद के पास बने एमसीडी के पार्क के पास अवैध व्यवसायिक प्रतिष्ठान हैं. एबीपी न्यूज़ की टीम जब मौके पर पहुंची तो पाया कि गेट नंबर 12 से लेकर गेट 2 तक 700 से ज्यादा अवैध दुकानें यहां बीते 4 दशकों से अधिक समय से संचालित की जा रहीं हैं. ये दुकानें मीना बाजार नाम से प्रसिद्ध हैं. यहां कोई कड़ाा बेच रहा है तो कोई ड्राई फ्रूट्स तो कोई बैग तो कोई सुरमा तो कोई घड़ियां.

जामा मस्जिद के गेट 12 से गेट 2 तक अवैध दुकानें संचालित करने वालो की माने तो ये दुकानें उनकी जीविका का एकमात्र साधन है. ऐसे में दुकान हट गई तो घर कैसे चलेगा, परिवार कैसे पालेंगे. कुछ लोग याचिकाकर्ताओं पर भी आरोप लगा रहे हैं कि वो पैसा ना मिलने पर दुकानें हटवाना चाहते हैं. सबका अपना अपना डर है, अपने-अपने कारण हैं. दुकान चलाने वालों में किसी के हाथ नहीं है, तो किसी की सर्जरी हुई है. कोई विधवा,सरकारी जमीन पर दुकान चला कर बच्चों का पेट भर रही है.

कुल मिलाकर दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली एमसीडी को 2 महीने के भीतर पूरे इलाके का सर्वे करके रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है. ऐसे में देखना होगा कि एमसीडी की रिपोर्ट के बाद दिल्ली हाईकोर्ट क्या रुख अपनाता है?
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