एक्सप्लोरर

यूपी: कानपुर में पिछले साल रेवड़ी की तरह बंटे थे असलहों के लाइसेंस, CBI जांच की मांग पर हाईकोर्ट ने मांगा है यूपी सरकार से जवाब

कानपुर में अपराधियों के हौसले बुलंद क्यों न हों. यहां बीते वर्ष शस्त्र लाइसेंस सभी नियमों को ताक पर रखते हुये दिये गये थे. इसके अलावा कई लाइसेंस उसी दिन दे दिये गये, जिस दिन आवेदन किया गया था. न पुलिस की रिपोर्ट और न ही एलआईयू की जांच

प्रयागराज (मोहम्मद मोइन). कानपुर में विकास दुबे जैसे अपराधियों के हौसले इसलिए बुलंद थे, क्योंकि वहां का सरकारी अमला उन पर शिकंजा कसने के बजाय उसकी आवभगत में लगा रहता था. आपराधिक मुक़दमे वालों को भी वहां असलहों के लाइसेंस रेवड़ी की तरह बांटे गए थे. न पुलिस की रिपोर्ट, न जांच और न ही दूसरी प्रक्रियाओं का पालन. जिस पर मन आया, उसे लाइसेंस देकर हथियार चलाने की छूट दे दी जाती थी. तमाम अपराधियों के क्रिमिनल रिकार्ड छिपाकर उन्हें लाइसेंस की खैरात दी गई तो साथ ही कई हिस्ट्रीशीटरों को असलहे की दुकान खोलने की भी मंजूरी दी गई थी.

पिछले साल अगस्त महीने में सत्तर से ज़्यादा लोगों को उसी दिन लाइसेंस दे दिया गया, जिस दिन उन्होंने आवेदन किया था. जिसे लाइसेंस देने में कोई तकनीकी पेंच फंसा, उसके नाम फर्जी लाइसेंस जारी कर दिया गया. इन लाइसेंसों के न तो तो कहीं रिकार्ड दर्ज हुए और न ही कहीं कोई कागज़ मिले. पिछले साल हुई एक जांच में फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ तो असलहा बाबू और कारीगर ने खुदकुशी का ड्रामा कर डाला.

आर्म्स स्कैंडल की चल रही है जांच

बहरहाल कानपुर के चर्चित आर्म्स लाइसेंस स्कैंडल की जांच अभी पूरी नहीं हो सकी है. सही जांच होने पर कई बड़े अफसरों व दूसरे रसूखदारों के भी फंसने का खतरा है, इसलिए जांच के नाम पर सिर्फ खानापूरी होने की ही उम्मीद है. वैसे इस स्कैंडल की जांच सीबीआई से कराए जाने जाने की मांग को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका भी पेंडिंग है. तकरीबन नौ महीने पहले दाखिल की गई इस जनहित याचिका पर हाईकोर्ट यूपी सरकार से जवाब तलब भी कर चुका है. कई महीने बीतने के बाद भी यूपी सरकार अभी तक अपना जवाब दाखिल नहीं कर सकी है.

याचिका में कहा गया लाइसेंस को लेकर हुआ बड़ा खेल

मेरठ के सामाजिक कार्यकर्ता लोकेश खुराना की तरफ से दाखिल पीआईएल में कहा गया था कि कानपुर में असलहों के लाइसेंस जारी किये जाने के नाम पर पिछले कई सालों में बड़ा खेल हुआ है. अफसरों के इशारे पर बड़ी संख्या में चहेतों को रेवड़ी की तरह लाइसेंस बांटे गए. क्रिमिनल्स और दागियों को भी लाइसेंस बांटने में कोताही नहीं बरती गई. तमाम लोगों का तो पुलिस वेरिफिकेशन तक नहीं कराया गया. न पुलिस की रिपोर्ट लगी और न ही एलआईयू की. तमाम लोगों ने तो जिस दिन आवेदन किया, उनको उसी दिन लाइसेंस दे दिया गया. पिछले साल अगस्त महीने में एक ही दिन में तिहत्तर लोगों को लाइसेंस दिए गए थे. इन तिहत्तर लोगों में इकतीस के खिलाफ क्रिमिनल केस दर्ज थे. नीरज सिंह गौर और विनय सिंह नाम के दो क्रिमिनल्स को तो बाकायदा नियमों को दरकिनार कर असलहा बेचने की दुकान खोलने की मंज़ूरी दे दी गई. जांच में सत्तर से ज़्यादा लोगों के लाइसेंस फर्जी पाए गए. इनका कहीं कोई रिकार्ड ही नहीं था.

डीएम ऑफिस में तैनात क्लर्क था मास्टर माइंड

कानपुर के डीएम आफिस में तैनात आर्म्स क्लर्क विनीत और प्राइवेट असलहा कारीगर जितेंद्र इस स्कैंडल के मास्टर माइंड थे. पिछले साल मामले का खुलासा होने पर इनके पास से लाखों की रकम और तमाम अहम दस्तावेज बरामद हुए थे. इन्होंने नशीली दवाएं खाकर खुदकुशी की कोशिश की थी. कई दिनों तक आईसीयू में एडमिट थे. कुछ छोटे लोग बलि का बकरा बनाए गए थे. उन्हें सस्पेंड किया गया था, लेकिन समझा जा सकता है कि क्रिमिनल्स और दागियों को असलहों के लाइंसेस पंजीरी की तरह बांटे जाने का खेल बड़े पदों पर बैठे ज़िम्मेदार लोगों की सहमति के बिना कतई मुमकिन नहीं है.

स्थानीय प्रशासन से लेकर सरकार तक जब इस मामले में लीपापोती करने लगे तो मेरठ के सामाजिक कार्यकर्ता लोकेश खुराना ने सीबीआई जांच की मांग को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में पीआईएल दाखिल की. याचिकाकर्ता के वकील रंजीत सक्सेना के मुताबिक़ कानपुर में असलहा लाइसेंस में गड़बड़ी का मामला काफी बड़ा है. जांच वही लोग कर रहे हैं, जो खुद आरोपों के घेरे में हैं. स्थानीय प्रशासन की जांच में सिर्फ लीपापोती ही होनी है और उसमे असली खिलाड़ियों को बचाने की पूरी आशंका है, इसलिए सिर्फ सीबीआई जांच से ही ज़िम्मेदार लोगों की भूमिका तय कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है.

एडवोकेट रंजीत सक्सेना का कहना है कि उनकी पीआईएल पर हाईकोर्ट यूपी सरकार को नोटिस जारी कर उससे जवाब तलब कर चुकी है, लेकिन कई महीने बीतने के बावजूद सरकार अभी तक अपना जवाब दाखिल नहीं कर सकी है. उनके मुताबिक़ अगर सरकारी अमला पहले ही गंभीर हो जाता और क्रिमिनल्स पर शिकंजा कसकर उनके असलहे जब्त कर लेता तो शायद आठ पुलिसवालों को अपनी जान न गंवानी पड़ती. उनका कहना है कि विकास दुबे और उसके साथियों के क्रिमिनल रिकार्ड चेक कराने और उनको मिले असलहों के लाइसेंस के बारे में जांच कराकर ज़िम्मेदार लोगों के खिलाफ इस पीआईएल में अलग से सप्लीमेंट्री एप्लीकेशन दाखिल कर अर्जेन्ट सुनवाई किये जाने की मांग की जाएगी.

ये भी पढ़ें.

उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण के 1685 नए मामले आए सामने, 1000 के पार पहुंची मृतकों की संख्या

बिकरू मुठभेड़: शशिकांत की पत्नी का ऑडियो वायरल, भाभी क्या होगा अब?

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Mahoba News: ट्रिपल मर्डर में हत्यारे को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दी फांसी की सजा, सिलबट्टे से कुचलकर की थी हत्या
महोबा ट्रिपल मर्डर में हत्यारे को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दी फांसी की सजा, सिलबट्टे से कुचलकर की थी हत्या
Mathura News: गीता प्रवचन के नाम पर महिलाओं का रेप करता था 'आध्यात्मिक गुरु' अभिषेक, आरोपी गिरफ्तार
मथुरा: गीता प्रवचन के नाम पर महिलाओं का रेप करता था 'आध्यात्मिक गुरु' अभिषेक, आरोपी गिरफ्तार
Gorakhpur News: जनता दर्शन में CM योगी सख्त, जमीन विवाद में लापरवाही पर सस्पेंड होंगे अधिकारी, दिए ये निर्देश
जनता दर्शन में CM योगी सख्त, जमीन विवाद में लापरवाही पर सस्पेंड होंगे अधिकारी, दिए ये निर्देश
UPITS 2026: यूपी में जुटेंगे 85 देशों के खरीदार, होंगे 3200 करोड़ के MoU, अर्थव्यवस्था को लगेंगे पंख
यूपी में जुटेंगे 85 देशों के खरीदार, होंगे 3200 करोड़ के MoU, अर्थव्यवस्था को लगेंगे पंख

वीडियोज

Sansani | Crime News | Malviya Nagar Fire:होटल नहीं, 'गैस चेंबर' में तड़पकर मरे 21 लोग!
Malviya Nagar Fire | Fire Incident | Delhi News | Janhit: मालवीय नगर का खौफनाक सच!
Malviya Nagar Fire | Fire Incident | Delhi News: ऑनलाइन बुकिंग चालू, पर सिस्टम 'अंधा'!
Malviya Nagar Fire | Bharat Ki Baat: खिड़कियां सील, बंद इमरजेंसी एग्जिट! रूह कंपा देने वाली दास्तां!
Malviya Nagar Fire | Fire Incident | Sandeep Chaudhary:मालवीय नगर अग्निकांड पर सबसे तीखा प्रहार!

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'एक साल के भीतर नरेंद्र मोदी नहीं होंगे प्रधानमंत्री', राहुल गांधी का बड़ा दावा, कहा- अंदर की जानकारी...
'एक साल के भीतर नरेंद्र मोदी नहीं होंगे प्रधानमंत्री', राहुल गांधी का बड़ा दावा, कहा- अंदर की जानकारी...
गाजीपुर में विनीत राय हत्याकांड का मुख्य आरोपी कमलेश बिंद ढेर, 50 हजार का था इनाम
गाजीपुर में विनीत राय हत्याकांड का मुख्य आरोपी कमलेश बिंद ढेर, 50 हजार का था इनाम
अफगानिस्तान टेस्ट से पहले मुश्किल में टीम इंडिया, स्टार खिलाड़ी पर मंडराया बाहर होने का खतरा
अफगानिस्तान टेस्ट से पहले मुश्किल में टीम इंडिया, स्टार खिलाड़ी पर मंडराया बाहर होने का खतरा
टीचर भर्ती घोटाला में अभिषेक बनर्जी की बढ़ीं मुश्किलें, 15 जून को पेश होने का ED ने किया समन
टीचर भर्ती घोटाला में अभिषेक बनर्जी की बढ़ीं मुश्किलें, 15 जून को पेश होने का ED ने किया समन
ममता बनर्जी की पार्टी में बड़ी टूट, ऋतब्रत बनर्जी के साथ बागी 58 टीएमसी MLA को स्पीकर की मंजूरी
ममता बनर्जी की पार्टी में बड़ी टूट, ऋतब्रत बनर्जी के साथ बागी 58 टीएमसी MLA को स्पीकर की मंजूरी
Karnataka New CM DK Shivakumar: डीके शिवकुमार के हाथ अब कर्नाटक की कमान, तीन साल बाद पावर ट्रांसफर, देखें नए मंत्रियों की पूरी लिस्ट
डीके शिवकुमार के हाथ अब कर्नाटक की कमान, तीन साल बाद पावर ट्रांसफर, देखें नए मंत्रियों की लिस्ट
फोल्डेबल आईफोन को हीट से बचाने के लिए स्पेशल प्लान, कूलिंग के लिए मिलेगा यह खास सिस्टम
फोल्डेबल आईफोन को हीट से बचाने के लिए स्पेशल प्लान, कूलिंग के लिए मिलेगा यह खास सिस्टम
Explained: 15 हजार करोड़ रुपए का कारोबार और 6 हजार से ज्यादा कोचिंग सेंटर्स! कैसे नया 'कोटा' बनता जा रहा बिहार?
15 हजार करोड़ रुपए का कारोबार और 6 हजार से ज्यादा कोचिंग सेंटर्स! कैसे नया 'कोटा' बन रहा बिहार?
Embed widget