NIA के DSP तंजील हत्याकांड में बड़ा उलटफेर, फांसी की सजा पाए रेयान को हाई कोर्ट ने किया बरी
Bijnor News In Hindi: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2016 के तंजील अहमद हत्याकांड में फांसी पाए आरोपी रेयान को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है. जबकि सह-आरोपी मुनीर की अपील के दौरान मृत्यु हो चुकी है.

साल 2016 में हुए एनआईए के डीएसपी मोहम्मद तंजील अहमद हत्याकांड मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है. कोर्ट ने इस मामले में फांसी की सजा पाए आरोपी रेयान को बरी कर दिया है. यह फैसला जस्टिस सिद्धार्थ की सिंगल बेंच ने सुनाया.
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह मामला 2 अप्रैल 2016 का है, जब बिजनौर जिले के स्योहारा क्षेत्र में एनआईए के डीएसपी मोहम्मद तंजील अहमद और उनकी पत्नी फरजाना पर अज्ञात हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं थीं. इस हमले में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई थी. हमलावरों ने डीएसपी तंजील पर करीब 24 गोलियां चलाई थीं, जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनके शरीर पर 33 घाव पाए गए थे.
निचली अदालत ने सुनाई थी फांसी की सजा
इस सनसनीखेज घटना के बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने लंबे समय तक इलाके में जांच की थी. शुरुआत में इस हत्याकांड को आतंकी घटना माना जा रहा था, लेकिन बाद में जांच का रुख बदला. निचली अदालत ने इस मामले में आरोपी मुनीर और रेयान को दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई थी और एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था. हालांकि, अन्य आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया था.
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आरोपी रेयान को हाईकोर्ट ने किया बरी
हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दलील दी कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे साबित करने में असफल रहा है. कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पाया कि सबूत पर्याप्त नहीं हैं, इसलिए आरोपी रेयान को बरी किया जाता है. गौरतलब है कि अपील लंबित रहने के दौरान सह-आरोपी मुनीर की मौत हो चुकी है. हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद इस मामले में एक नया मोड़ आ गया है और लंबे समय से चल रही कानूनी प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े हो गए हैं.
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