नेपाल फ्लैश फ्लड का असर कुशीनगर में भी! नारायणी नदी पर अलर्ट, प्रशासन ने लगाया कैंप
Nepal Flood के बीच यूपी के कुशीनगर में स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर और पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने संभावित खतरे वाले इलाकों का दौरा किया.

नेपाल में ग्लेशियर टूटने से कुशीनगर से बहने वाली नारायणी नदी के जलस्तर में भारी वृद्धि होने की संभावना बढ़ गई है. नारायणी नदी का जलस्तर बढ़ने की संभावना से कुशीनगर जिले के तटीय इलाकों में जलप्रलय का खतरा मंडराने लगा है.
नारायणी नदी के किनारे बसे गाँवों के लोगों की बेचैनी बढ़ गई है. संभावित बाढ़ की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है. नारायणी नदी के किनारे रहने वाले ग्रामीण बाढ़ की आहट मात्र से सहमे हुए हैं और सुरक्षित स्थानों की तलाश में जुट गए हैं. जिलाधिकारी और एसपी ने पूरी टीम के साथ नदी के किनारे बसे गावो का दौरा कर लोगों को हर तरह का संभव मदद का भरोसा दिलाया और पूरी टीम को लगा दिया है.
नदी के जलस्तर में वृद्धि होने की संभावना
नेपाल क्षेत्र के अंतर्गत चीन-तिब्बत सीमा से लगे रसुवा जिले में भारी अतिवृष्टि के कारण ग्लेशियर जनित झील के फटने (Glacial Lake Outburst) की सूचना के बाद नारायणी नदी के जलस्तर में वृद्धि होने की संभावना बनी हुई है. प्रशासन को मिली सूचना के अनुसार वाल्मीकि बैराज से लगभग 2.50 लाख से 3.00 लाख क्यूसेक तक पानी का डिस्चार्ज प्रवाहित होने की संभावना है.
संभावित जलस्तर वृद्धि के बाद बाढ़ की आशंका को देखते हुए कुशीनगर जिला प्रशासन भी अलर्ट मोड में आ गया है. जिला प्रशासन ने सभी सम्बंधित विभागों को संभावित बाढ़ के खतरे से निपटने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया है. खड्डा और तमकुहीराज क्षेत्र के तटीय इलाकों में एसडीआरएफ की टीम को तैनात कर दिया है.
एसडीआरएफ की टीम की तैनाती
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर और पुलिस अधीक्षक केशव कुमार ने संभावित खतरे वाले इलाकों का दौरा किया. निरीक्षण के दौरान शिवपुर सहित आसपास के ग्रामों के ग्रामीणों से संवाद करने के बाद उन्हें संभावित जलस्तर वृद्धि के संबंध में जागरूक किया. उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि प्रशासन द्वारा जारी की जाने वाली सूचनाओं एवं चेतावनियों का गंभीरता से पालन करें तथा नदी के समीप अनावश्यक रूप से न जाएं. साथ ही पशुओं को भी नदी एवं निचले क्षेत्रों से सुरक्षित स्थानों पर रखने की अपील की गई.
संभावित आपात स्थिति को देखते हुए मौके पर एसडीआरएफ की टीम की तैनाती कर दी गई है. एसडीआरएफ की टीम को आवश्यक राहत एवं बचाव उपकरणों के साथ अलर्ट मोड में रखा गया है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य संचालित किया जा सके.





















