नोएडा की दीपिका के मामले में महिला आयोग एक्शन में, UP DGP से सात दिनों के भीतर मांगा ATR
राष्ट्रीय महिला आयोग ने पुलिस से FIR, गिरफ्तारी, जांच की स्थिति, इलेक्ट्रॉनिक और फोरेंसिक साक्ष्य, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और दहेज उत्पीड़न में शामिल सभी लोगों की भूमिका पर विस्तृत जानकारी मांगी है.

राष्ट्रीय महिला आयोग ने उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में एक नवविवाहिता की संदिग्ध मौत के मामले पर स्वतः संज्ञान लेते हुए राज्य पुलिस महानिदेशक को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. आयोग ने मामले में सात दिनों के भीतर विस्तृत Action Taken Report (ATR) भी मांगी है.
यह मामला ग्रेटर नोएडा के ईकोटेक-3 थाना क्षेत्र के जलपुरा गांव का है, जहां नवविवाहिता दीपिका नागर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. परिजनों ने ससुराल पक्ष पर दहेज उत्पीड़न और हत्या का आरोप लगाया है.
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में गंभीर चोटों का खुलासा
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मृतका के शरीर पर कई गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं. रिपोर्ट के अनुसार, दाहिने चेहरे पर करीब 12 सेंटीमीटर लंबी सूजन, बाएं हाथ और कोहनी पर गहरी चोटें, दाहिनी जांघ पर लंबा दबाव चिन्ह और बाएं घुटने पर गंभीर घाव दर्ज किया गया है.
इसके अलावा कमर और पेट के निचले हिस्से में चोटें, हाथों के चारों ओर घर्षण के निशान और बाएं कान से रक्तस्राव की पुष्टि भी हुई है. रिपोर्ट में मस्तिष्क में हेमेटोमा, तिल्ली फटना और शरीर के भीतर गंभीर रक्तस्राव जैसी स्थितियां भी सामने आई हैं, जिन्हें गंभीर हिंसक आघात का संकेत माना जा रहा है.
विसरा को सुरक्षित कर विषैले पदार्थों की जांच के लिए भेजा गया है.
परिवार का आरोप
मृतका की मां सरोज नागर ने मीडिया से कहा कि उन्हें देर रात सूचना मिली कि उनकी बेटी छत से गिर गई है, लेकिन घटना की परिस्थितियों को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई. परिवार का आरोप है कि पिछले कई महीनों से बेटी को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था.
राष्ट्रीय महिला आयोग ने पुलिस से FIR, गिरफ्तारी, जांच की स्थिति, इलेक्ट्रॉनिक और फोरेंसिक साक्ष्य, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और दहेज उत्पीड़न में शामिल सभी लोगों की भूमिका पर विस्तृत जानकारी मांगी है.
आयोग ने यह भी पूछा है कि पीड़ित परिवार को कानूनी सहायता, सुरक्षा और मुआवजा उपलब्ध कराया गया या नहीं, साथ ही भविष्य में ऐसे मामलों की रोकथाम के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी भी तलब की गई है.
NCW ने कहा है कि दहेज उत्पीड़न और महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई जरूरी है.
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Source: IOCL

























