पीएम मोदी की अपील का असर, तेल बचाने के लिए पैदल निकले नैनीताल HC के जज, मनाया 'नो व्हीकल डे'
Nainital High Court: पीएम मोदी ने तेल बचाने की अपील की है जिसके बाद नैनीताल हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस ने शुक्रवार को 'नो व्हीकल डे' मनाया और कोर्ट से पैदल मार्च किया.

पीएम मोदी की पेट्रोल-डीजल की बचत करने की अपील का असर चारों तरफ़ देखने को मिल रहा है. इसी क्रम में उत्तराखंड हाईकोर्ट को मुख्य न्यायाधीश राकेश थपलियाल ने तेल बचाने के लिए 'नो व्हीकल डे' मनाया और अपने आवास से कोर्ट तक पैदल मार्च किया. उन्होंने कहा कि हमें देश की परिस्थितियों को देखते हुए अपना योगदान देना चाहिए. उनके साथ अन्य जज और बार एसोसिएशन के सदस्यों ने भी पैदल मार्च किया.
शुक्रवार को नैनीताल हाईकोर्ट की ओर से 'नो फ्यूल डे' मनाया गया. जिसमें चीफ जस्टिस राकेश थपलियाल के साथ जज मंनोज कुमार गुप्ता, वरिष्ठ न्यायाधीश मंनोज कुमार तिवारी, न्यायमूर्ति रविन्द्र मैठाणी, न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल, न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित, न्यायमूर्ति आलोक मेहरा, न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय, न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह के अलावा मैम्बर सचिव प्रदीपमणि त्रिपाठी, उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार समेत तमाम वकील और कर्मचारी पैदल आते-जाते दिखाई दिए.
पीएम मोदी की अपील पर पैदल यात्रा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश वासियों से विदेश मुद्रा भंडार बचाने के लिए एक साल तक सोना नहीं खरीदने और तेज बचाने की सलाह दी है. जिसके बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, सभी मंत्रियों और ब्यूरोक्रेट्स के साथ नैनीताल के जिलाधिकारी, एसएसपी और सीडीओ ने पहले ही नजदीक दूरी वाले स्थानों तक पैदल चलने के साथ एक दिन 'नो वेहकल डे' मनाया.
मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव आरके सुधांशु की तरफ से जारी पत्र में समस्त प्रमुख सचिव, विशेष प्रमुख सचिव, सचिव, विशेष सचिव के साथ आयुक्त गढ़वाल और कुमाऊं, समस्त विभागाध्यक्ष और सभी जिलाधिकारियों को 'वर्क फ्रॉम होम' और 'प्रशासनिक दक्षता', ईंधन की खपत कम करना, कार पूलिंग और साइकिलिंग का प्रयोग करने को कहा गया है.
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इसके साथ ही राज्य में स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा, खाद्य तेल की खपत कम करना, प्राकृतिक खेती और उर्वरक निर्भरता कम करना, सोने की अनावश्यक खरीद कम करना, स्वच्छ ऊर्जा विकल्प को बढ़ाना, सौर ऊर्जा और बायोगैस, लंबित अनुमोदनों में तेजी के साथ सरकारी मितव्ययता और नेतृत्व को बढ़ाने के लिए कहा गया है.
चीफ जस्टिस ने इसी अपील को देखते हुए ये फैसला लिया और कोर्ट के सभी जज, कर्मचारियों और वकीलों को पैदल चलकर फ्यूल बचाने और अपना स्वास्थ्य ठीक करने की सलाह दी. उन्होंने इस कदम को राष्ट्र की परिस्थितियों के अनुसार चलकर राष्ट्र को शक्तिशाली बनाने में योगदान बताया और कहा कि आगे भी इसकी कोशिश रहेगी. अधिवक्ताओं को वर्चुअल मोड़ में न्यायालय से जुड़ने को कहा गया है.






















