यूपी चुनाव को लेकर मुकेश सहनी का बड़ा ऐलान, समाज को करेंगे एकजुट, 25 जुलाई से निकालेंगे यात्रा
Mukesh Sahani News: वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी ने यूपी में 25 जुलाई से 101 दिनों की 'निषाद आरक्षण संकल्प यात्रा' का ऐलान किया है. 1 करोड़ निषाद गंगाजल लेकर संकल्प लेंगे. संजय निषाद पर साधा निशाना.

विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के संस्थापक एवं बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने बुधवार (17 जून) को उत्तर प्रदेश के संतकबीर नगर में आयोजित "उत्तर प्रदेश संवाद एवं रात्रि प्रवास" कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों को संबोधित करते हुए निषाद समाज के आरक्षण, राजनीतिक भागीदारी और सामाजिक अधिकारों को लेकर बड़ा आंदोलन खड़ा करने का ऐलान किया. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में समाज को संगठित कर आरक्षण के लिए निर्णायक लड़ाई लड़ी जाएगी.
मुकेश सहनी ने कहा कि वे प्रदेशभर में पार्टी कार्यकर्ताओं, नेताओं और समाज के लोगों से संवाद स्थापित करने के लिए लगातार दौरा कर रहे हैं. इसी क्रम में संतकबीर नगर पहुंचे हैं. उन्होंने घोषणा की कि 25 जुलाई से उत्तर प्रदेश में 101 दिनों की "निषाद आरक्षण संकल्प यात्रा" निकाली जाएगी, जो प्रदेश के विभिन्न जनपदों में जाकर समाज को उनके अधिकारों और राजनीतिक ताकत के प्रति जागरूक करेगी.
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आने वाली पीढ़ियों के भविष्य का है संघर्ष
उन्होंने कहा कि निषाद समाज पिछले 12 वर्षों से अपने अधिकारों और आरक्षण की मांग को लेकर संघर्षरत है. संतकबीर नगर की धरती का उल्लेख करते हुए सहनी ने कहा कि यह वह भूमि है जहां समाज के लोगों ने आरक्षण के लिए संघर्ष किया और शहादत भी दी. उन्होंने अमर शहीद अखिलेश निषाद को याद करते हुए कहा कि समाज का यह संघर्ष किसी एक व्यक्ति का नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य का संघर्ष है.
इस दौरान सहनी ने निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं मंत्री डॉ. संजय निषाद पर भी तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि कभी निषाद समाज को आरक्षण दिलाने का सपना दिखाने वाले नेता आज सत्ता और परिवारवाद में उलझ गए हैं. उन्होंने कहा कि समाज को आरक्षण दिलाने का वादा करने वाले लोग आज अपने परिवार को राजनीतिक रूप से स्थापित करने में लगे हैं, जबकि समाज के मूल मुद्दों को पीछे छोड़ दिया गया है.
संघर्ष करना राजनीतिक जीवन का है प्रमुख उद्देश्य- मुकेश सहनी
वीआईपी प्रमुख ने कहा कि वर्ष 2022 में बिहार सरकार में मंत्री रहते हुए भी उन्होंने "आरक्षण नहीं तो गठबंधन नहीं, गठबंधन नहीं तो वोट नहीं" का नारा दिया था और इसी मुद्दे पर सत्ता छोड़ने से भी पीछे नहीं हटे. उन्होंने दावा किया कि समाज के अधिकारों के लिए संघर्ष करना उनके राजनीतिक जीवन का प्रमुख उद्देश्य है.
मुकेश सहनी ने कहा कि आने वाले समय में एक करोड़ निषाद समाज के लोगों को गंगाजल हाथ में लेकर यह संकल्प दिलाया जाएगा कि यदि वर्ष 2027 से पहले केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार निषाद समाज को आरक्षण नहीं देती है तो वे राजनीतिक रूप से अपना निर्णय स्वयं लेंगे. इस संकल्प का वीडियो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और विपक्षी दलों के नेताओं तक भी पहुंचाया जाएगा.
अलग राजनीतिक रास्ता तय करेगा निषाद समाज- मुकेश सहनी
उन्होंने कहा कि यदि डॉ. संजय निषाद समाज के हित में सरकार पर दबाव बनाकर आरक्षण दिलाने का प्रयास करते हैं तो उन्हें पूरा समर्थन मिलेगा, लेकिन यदि समाज के मुद्दों की अनदेखी जारी रहती है तो निषाद समाज अपना अलग राजनीतिक रास्ता तय करेगा.
सहनी ने कहा कि उनका संघर्ष किसी पद या सत्ता के लिए नहीं बल्कि समाज के बच्चों को शिक्षा, रोजगार और सम्मानजनक अवसर दिलाने के लिए है. उन्होंने विश्वास जताया कि समाज की एकजुटता और जनदबाव के बल पर आरक्षण की लड़ाई को निर्णायक मुकाम तक पहुंचाया जाएगा.
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