महोबा में ऐतिहासिक कजली मेले की तैयारियां तेज, सुरक्षा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर खास फोकस
Mahoba News:DM गजल भारद्वाज और SP प्रबल प्रताप सिंह ने मेले की तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी.मंडलायुक्त ने अधिकारियों को मेले के दौरान सुरक्षा,भीड़ नियंत्रणऔर व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए.

उत्तर प्रदेश के महोबा में 10 अगस्त से शुरू होने वाले ऐतिहासिक कजली मेले की तैयारियां तेज हो गई हैं. इस विश्व प्रसिद्ध सांस्कृतिक मेले को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण, और सुविधाओं को सुनिश्चित करने के लिए व्यापक इंतजाम शुरू कर दिए हैं. गुरुवार को मंडलायुक्त अजीत कुमार और डीआईजी राजेश एस. ने कीरत सागर मेला स्थल का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया.
निरीक्षण के दौरान महोबा डीएम गजल भारद्वाज और एसपी प्रबल प्रताप सिंह ने मेले की तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी. मंडलायुक्त ने अधिकारियों को मेले के दौरान सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन, महिला सुरक्षा, और अग्निशमन व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि इस बार कीरत सागर तालाब पूरी तरह भरा हुआ है, जिसके चलते किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए NDRF और SDRF की टीमें 24 घंटे तैनात रहेंगी.
सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है मेला
मंडलायुक्त अजीत कुमारने बताया कि कजली मेला महोबा की सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है. हमारा लक्ष्य श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुरक्षित और सुगम अनुभव प्रदान करना है. सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं.
सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम
डीआईजी राजेश एस. ने बताया कि मेले में 1500 पुलिसकर्मियों की तैनाती की जा रही है. मेला क्षेत्र में सीसीटीवी कैमरे और महिला सुरक्षा बल की विशेष व्यवस्था की गई है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके.
मेले की अन्य तैयारियां
- विद्युत आपूर्ति: निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए विद्युत विभाग को विशेष निर्देश दिए गए हैं.
- अग्निशमन व्यवस्था: दमकल विभाग की गाड़ियों के लिए सुगम आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है.
- नगर पालिका की भूमिका: नगर पालिका के ईओ अवधेश कुमार के नेतृत्व में मेला मैदान की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है. भव्य झांकी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की तैयारियां भी जोरों पर हैं.
ईओ नगर पालिका अवधेश कुमार ने कहा कि मेले की सभी व्यवस्थाओं को समय पर पूरा किया जा रहा है. स्वच्छता, सजावट, और झांकियों के लिए विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि मेले की भव्यता बरकरार रहे.
कजली मेले का सांस्कृतिक महत्व
इतिहासकार शरद तिवारी दाऊने बताया कि कजली मेला महोबा की पहचान है. यह मेला स्थानीय लोक संस्कृति, कला, और परंपराओं को प्रदर्शित करता है, जो इसे देश-विदेश में प्रसिद्ध बनाता है.























