महोबा में सियार ने किया महिला पर हमला, देवर ने जान पर खेलकर बचाई भाभी की जान
Mahoba News: महोबा के कुलपहाड़ कस्बे के नन्ना ढाबा के पास झाड़ियों के पीछे छिपे सियार ने महिला पर हमला कर दिया. देवर ने साहस का परिचय देते हुए अपनी भाभी की जान बचाई.

महोबा में एक आदमखोर सियार और इंसानी साहस के बीच खूनी संघर्ष की रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है. कुलपहाड़ कस्बे में बकरियां चरा रही एक महिला पर जंगली सियार ने जानलेवा हमला कर उसका हाथ जबड़े में दबोच लिया. चीख-पुकार सुनकर दौड़े पति और देवर ने जान की बाजी लगा दी. देवर ने सियार की गर्दन दबोची तो परिजनों ने लाठी-डंडों से सियार को पीट-पीटकर ढेर कर दिया. घायल महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
जानकारी के मुताबिक, यह घटना कुलपहाड़ कस्बे के नन्ना ढाबा के पास की है, जहां 40 वर्षीय रामकुंवर घर के पास ही अपनी बकरियों की देखभाल कर रही थीं. तभी झाड़ियों के पीछे छिपे एक खूंखार सियार ने उन पर हमला कर दिया. वह कुछ समझ पाती कि सियार ने उनके हाथ को अपने जबड़ों में जकड़ लिया और उन्हें घसीटने लगा.
देवर ने साहस दिखाकर बचाई जान
महिला की चीखें सुनकर उसका पति मैयादीन, देवर घनश्याम और देवरानी अनीता मौके की ओर भागे. सियार महिला को अपना निवाला बनाने की कोशिश कर रहा था. तभी देवर घनश्याम ने अपनी जान की परवाह किए बगैर सियार से भिड़ गया. उसने सियार की गर्दन को पीछे से दबोच लिया.
परिजनों की ने सियार की पीट-पीटकर हत्या
वहीं, पति मैयादीन और देवरानी अनीता ने मोर्चा संभाला. महिला को बचाने के लिए परिजन लाठी-डंडों के साथ सियार पर टूट पड़े. एक तरफ से गर्दन दबोची गई थी और दूसरी तरफ से लाठियों की बौछार हो रही थी. काफी देर तक चले इस खूनी संघर्ष के बाद आदमखोर सियार बेदम होकर गिर पड़ा और उसकी मौत हो गई. तब कहीं जाकर रामकुंवर का हाथ सियार के खूनी जबड़े से आजाद हो सका.
महिला को अस्पताल में कराया गया भर्ती
परिजनों ने आनन-फानन में लहूलुहान रामकुंवर को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुलपहाड़ में भर्ती कराया. डॉक्टरों के मुताबिक महिला के हाथ में गहरे जख्म आए हैं. इस घटना के बाद से इलाके में दहशत का माहौल है, लेकिन हर कोई परिवार के इस साहस की मिसाल दे रहा है जिसने मिलकर मौत को मात दे दी.
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL
























