Mahoba News: जिला अस्पताल में 'स्ट्रेचर' पर स्वास्थ्य व्यवस्था? स्टाफ की भारी कमी, घंटों से तड़प रहे घायल बेड से गिरे
UP News In Hindi: महोबा जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में स्टाफ की कमी के चलते सड़क हादसों में घायल मरीजों को घंटों इलाज नहीं मिल पा रहा है. जिसके चलते एक मरीज तड़प कर अंत में बेड से नीचे गिर पड़ा.

उत्तर प्रदेश के महोबा जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड से लापरवाही की रोंगटे खड़े कर देने वाली तस्वीरें सामने आई हैं. यहां स्टाफ की कमी के चलते सड़क हादसों में घायल मरीजों को घंटों इलाज नहीं मिल पा रहा है. इसके चलते तड़पते मरीज बेड से नीचे गिर रहे हैं और मजबूर परिजन खुद ही अपने घायल मरीजों के जख्मों पर पट्टी बांधने को मजबूर हैं. कैमरे में कैद हुए वीडियो ने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है.
इलाज के लिए तड़प कर बेड से नीचे जमीन पर गिरे घायल
महोबा में स्वास्थ्य सेवाएं खुद बीमार नजर आ रही हैं. जिला अस्पताल का इमरजेंसी वार्ड, जहां हर पल जिंदगी और मौत के बीच जंग चलती है, आज खुद अव्यवस्थाओं का शिकार है. स्टाफ की भारी किल्लत के चलते यहां आने वाले गंभीर मरीजों की जिंदगी से सरेआम खिलवाड़ हो रहा है. कैमरे में कैद हुए विचलित करने वाले वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे सड़क हादसे में घायल युवक सोनू और पुष्पेंद्र आधे घंटे तक इलाज के लिए तड़पते रहे और अंत में एक घायल बेड से नीचे जमीन पर गिर पड़ा, लेकिन उसे उठाने वाला कोई स्टाफ मौजूद नहीं था.
अस्पताल की इस बदहाली ने तीमारदारों को खुद ही इलाज करने को मजबूर कर दिया है. सिरमौर गांव से आए सड़क हादसे के घायलों के साथ मौजूद परिजन दिलीप ने जब देखा कि कोई वार्डबॉय मदद के लिए नहीं आ रहा, तो उसने खुद ही अपने हाथ में पट्टी उठाई और मरीज के जख्मों को साफ करना शुरू कर दिया.
घंटों गुहार लगाने के बाद भी इमरजेंसी वार्ड में कोई सुनवाई नहीं
पुष्पेंद्र के भाई शिवम और बीजा नगर के वीरेंद्र का आरोप है कि घंटों गुहार लगाने के बाद भी इमरजेंसी वार्ड में कोई सुनवाई नहीं होती. सरकारी अस्पताल की इस अनदेखी से मरीजों में भारी आक्रोश है. इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर नवीन चौहान ने भी दबे स्वर में सिस्टम की नाकामी को स्वीकार किया है.
उन्होंने माना कि मात्र दो-तीन कर्मचारियों के भरोसे पूरे इमरजेंसी वार्ड की जिम्मेदारी है, जिससे एक साथ कई घायल आने पर स्थिति अनियंत्रित हो जाती है. डॉक्टर ने स्पष्ट कहा कि उन्होंने सीएमएस से स्टाफ बढ़ाने की मांग की है.
सीएमएस डॉक्टर का आश्वासन, जल्द ही वार्ड में अतिरिक्त स्टाफ होंगे तैनात
दूसरी ओर सीएमएस डॉक्टर सुरेश ने मामले का बचाव करते हुए कहा कि शाम के समय एक साथ 10 घायलों के आ जाने से लोड बढ़ गया था. हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि तीमारदारों द्वारा खुद पट्टी करना एक गंभीर विषय है. उन्होंने आश्वासन दिया है कि इस पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और जल्द ही इमरजेंसी वार्ड में अतिरिक्त स्टाफ तैनात किए जाएंगे ताकि भविष्य में किसी मरीज को स्ट्रेचर से नीचे न गिरना पड़े.
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Source: IOCL

























