लखनऊ विश्वविद्यालय अब तैयार करेगा कई विषय की हिंदी भाषा में किताबें, 17 किताबों का पहले कर चुका है अनुवाद
लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति ने बताया कि उनकी कोशिश है कि अलग-अलग यूनिवर्सिटीज से बातचीत करके अगले ढाई साल में लगभग 300 से अधिक विषयों की किताबों को हिंदी में लिखा जाए.

UP News: यूजीसी और भारतीय भाषा समिति, भारत सरकार की ओर से नई दिल्ली में आयोजित एक बैठक में भारतीय भाषाओं में पुस्तक तैयार करने को लेकर विस्तार से हुई चर्चा. इस बैठक में देशभर के डेढ़ सौ से अधिक विश्वविद्यालय के कुलपतियों ने हिस्सा लिया, जिसमें हिंदी में पाठ्य पुस्तकें तैयार करने को लेकर चर्चा हुई. इस बैठक में लखनऊ यूनिवर्सिटी को सभी कोर्सों की हिंदी में किताबें तैयार करने का जिम्मा सौंपते हुए नोडल बनाया गया है.
लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर आलोक कुमार ने एबीपी लाइव से बातचीत में कहा कि लखनऊ विश्वविद्यालय को हिंदी भाषा में पाठ्य पुस्तकें तैयार करने के लिए नोडल संस्थान बनाया गया है जो कि हमारे लिए एक बड़ी उपलब्धि है. वीसी ने कहा कि इतनी बड़ी जिम्मेदारी मिलना अपने आप में गर्व की बात है. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय पहले से भी 17 पाठ्य पुस्तकों का अनुवाद कर चुका है. पिछली क्षेत्रीय भाषाओं में अनुवादित पुस्तकों का विमोचन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था.
BJP में तेज हुई कलह! केशव मौर्य के साथ आए विधायक सुशील सिंह, कह दी बड़ी बात
हिंदी में लिखी जाएंगी 300 से ज्यादा विषय की किताबें
लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति ने बताया कि उनकी कोशिश है कि अलग-अलग यूनिवर्सिटीज से बातचीत करके अगले ढाई साल में लगभग 300 से अधिक विषयों की किताबों को हिंदी में लिखा जाए. आपको बता दें कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत कई चीजों में बदलाव हुए हैं. उसी कड़ी में हिंदी भाषा में पढ़ाई के लिए छात्रों को हिंदी भाषा में पठन पाठन की सामग्री मुहैया कराई जानी है.
इसी के तहत हिंदी भाषा में किताबों को लिखने को लेकर चर्चा हुई है. हिंदी भाषा में किताबें आने से वह विषय जिसमें अभी तक हिंदी भाषा में किताबें नहीं है, उसको छात्रों को पढ़ने में काफी आसानी होगी. मैकेनिक्स, फिजिक्स, केमेस्ट्री समेत तमाम वो विषय जिसको छात्र हिंदी में पढ़ना चाहते हैं, वो आसानी से पढ़ सकेंगे.
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL





















