कुशीनगर न्यूजः दशकों से बंद पड़ी पडरौना चीनी मिल शुरू करने की कवायद, डीएम की कृषक एवं कर्मचारी प्रतिनिधियों के साथ बैठक
UP News: कृषकों एवं पडरौना चीन मिल के कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई. इसमें दशकों से बंद पड़ी चीनी मिलों को शुरू करने पर सहमति बनी है.

कुशीनगर जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर की अध्यक्षता में जनपद के प्रतिनिधित्व करने वाले कृषकों एवं पडरौना चीन मिल के कर्मचारियों के प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई. जिलाधिकारी ने कहा कि पडरौना चीनी मिल को चालू कराने के प्रयास अंतर्गत आज की बैठक की गई है.
उन्होंने सभी को आश्वस्त किया कि प्रयास का बेहतर परिणाम होंगे. डीएम ने कहा कि किसानों का बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान, मिल कर्मचारियों के बकाया वेतन तथा क्षेत्र के किसानों में खुशहाली लाकर रोजगार के अवसर प्रदान किए जाने का प्रयास किया जा रहा है.
मिल चालू करने को लेकर आगामी बैठकों में दी जाएगी जानकारी
उन्होंने कहा कि मिल चालू कराने हेतु धन की आवश्यकता होगी, उसकी व्यवस्था कहां से की जाएगी, क्या जो व्यक्ति मिल चलाएगा वो बकाया भुगतान करेगा, मिल चालू कराने में कुल कितना व्यय होगा, आदि के संबंध में सभी आंकड़े संकलित कर आगामी बैठकों में इसकी जानकारी दी जाएगी.
कोर्ट केस वापस लेने पर सहमत हुए कृषक
जिलाधिकारी ने कहा कि यदि किसानों एवं मिल कर्मचारियों के बकाए का भुगतान कर दिया जाय तो इस बात पर सभी की सहमति है कि जो भी कोर्ट में अपील दाखिल की गई है उसे वापस लेने हेतु वे सहमत हैं. इस पर कृषक प्रतिनिधियों ने सहमति व्यक्त की है. जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इच्छा है की कृषक हित में पडरौना मिल को चालू कराया जाय.
जिलाधिकारी ने कहा कि एक तरफ समझौता होगा, दूसरी तरफ बकाए की धनराशि अंतरित कर दी जाएगी. व्यवहारिक दृष्टिकोण से जो भी देय धनराशि है उसका संकलन कर आगामी 10 से 12 दिनों में दूसरी बैठक में पूर्ण विवरण प्रस्तुत किया जाएगा.
मिल की जमीन से हटेगा अवैध कब्जा
उन्होंने मिल कि जमीन पर हुए अतिक्रमण को खाली कराए जाने के क्रम में सभी कृषक बंधुओं को प्रशासन के साथ सहयोग करने की अपेक्षा की गई. जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी पडरौना को निर्देशित किया कि गलत तरीके से जो भी मिल की जमीनों पर अवैध कब्जा किए हैं उसे चिन्हित कर खाली कराया जाए.
चीनी मिल के कुल भूमि की जानकारी लेने के क्रम में बताया गया कि 54 एकड़ के लगभग भूमि है. इस क्रम में मिल कर्मचारियों द्वारा मिल से संबंधित आवश्यक जानकारी एवं प्रपत्र उपलब्ध कराए गए. इसमें से कुछ जमीनों की नीलामी प्रशासन द्वारा की जा चुकी है. जिसपर नीलामी लेने वालों को कब्जा भी दिया जा चुका है.
एक साल के अंदर शुरू की जाएगी मिल
कृषक प्रतिनिधि द्वारा इस अवसर पर आश्वस्त किया गया कि इस कार्य हेतु हर मजदूर, किसान जिला प्रशासन के साथ खड़ा है. जिलाधिकारी ने कहा कि एक साल के अंदर चीनी मिल को चालू कराने का प्रयास किया जाएगा. कृषक पक्षकार बुंदल पांडेय द्वारा इस अवसर पर कहा गया कि किसी भी किसान द्वारा किसी भी कोर्ट में कोई अपील/केस नहीं किया गया है, जनपद का हर किसान चाहता है कि चीनी मिल किसी तरह चालू हो जाय.
जिलाधिकारी ने कहा कि बिड़ला ग्रुप की ढाडा चीनी मिल द्वारा प्लांट लगाए जाने हेतु 20 परिवारों द्वारा भूमि सर्किल रेट के चार गुना मुआवजा दिए जाने के बाद भी सहमति नहीं बनने के क्रम में कृषक प्रतिनिधियों को अवगत कराते हुए इस कार्य में सहयोग की अपेक्षा की गई जिस पर एक डेढ़ माह के अंदर वार्ता कर मामले का निस्तारण करा लिए जाने का आश्वासन भी कृषक प्रतिनिधियों द्वारा दिया गया.
बेठक में ये लोग रहे मौजूद
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी वैभव मिश्रा, उप जिलाधिकारी पडरौना ऋषभ पुंडीर, कृषक प्रतिनिधि छोटेलाल सिंह,संजय मल्ल, बुंदल पांडेय,राकेश दत्त शुक्ला,मिल कर्मचारी मनोज श्रीवास्तव, टी0 एन सिंह,महेंद्र सिंह, ओम प्रकाश, कामेश्वर तिवारी के साथ लेखपाल योगेंद्र गुप्ता आदि उपस्थित रहे.
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Source: IOCL





















