UP News: स्वावलंबन की उड़ान! 'मिशन शक्ति' से कैसे सशक्त हो रही हैं उत्तर प्रदेश की महिलाएं? जानिए
UP News: मिशन शक्ति उत्तर प्रदेश में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को मजबूत बनाने वाला अभियान है. हेल्प डेस्क, 1090, पिंक पेट्रोल, वन स्टॉप सेंटर बना रही हैं.

UP News: उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से साल 2020 में शारदीय नवरात्रि के शुभ अवसर पर शुरू किया गया 'मिशन शक्ति' एक महत्वाकांक्षी और बहुआयामी अभियान है, जिसका मुख्य उद्देश्य राज्य की महिलाओं और बालिकाओं कीसुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन सुनिश्चित करना है. यह अभियान मात्र एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि समाज की आधी आबादी को सशक्त बनाने की एक व्यापक पहल है, जो चरणबद्ध तरीके से महिलाओं के जीवन को रूपांतरित कर रही है.
सुरक्षा: हर कदम पर मजबूत सुरक्षा घेरा
मिशन शक्ति का सबसे पहला और महत्वपूर्ण फोकस महिलाओं के लिए एक सुरक्षित वातावरण का निर्माण करना है. इस दिशा में कई ठोस कदम उठाए गए हैं:
- महिला हेल्प डेस्क: राज्य के 1,647 से अधिक थानों मेंमहिला हेल्प डेस्क सक्रिय किए गए हैं, जहां प्रशिक्षित महिला पुलिसकर्मी पीड़ितों की शिकायतों को संवेदनशीलता से सुनती हैं और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करती हैं.
- वीमेन पावर लाइन 1090: इस हेल्पलाइन को 80 अतिरिक्त टर्मिनलों के साथ विस्तारित किया गया है, जिसने अब तक7.78 लाख से अधिक मामलों का सफलतापूर्वक समाधान किया है. यह उत्पीड़न के मामलों में गुमनाम रिपोर्टिंग की सुविधा भी देता है.
- एंटी-रोमियो स्क्वॉड और पिंक पेट्रोल: स्कूल, कॉलेज और भीड़-भाड़ वाले इलाकों मेंएंटी-रोमियो स्क्वॉड नियमित रूप से गश्त करते हैं, जबकि 100 दोपहिया और 10 चारपहियापिंक पेट्रोल वाहन (लखनऊ से शुरुआत) त्वरित प्रतिक्रिया और घटनास्थल पर तत्काल पहुंच सुनिश्चित करते हैं.
- साइबर मॉनिटरिंग सेल: तकनीक का उपयोग करके साइबर अपराधों, स्टॉकर्स और फर्जी खातों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है, साथ ही शिक्षण संस्थानों मेंसाइबर सुरक्षा कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं.
सम्मान: गरिमापूर्ण जीवन का अधिकार
अभियान के तहत महिलाओं को गरिमापूर्ण जीवन प्रदान करने पर बल दिया गया है:
- वन स्टॉप सेंटर (OSC): हिंसा से प्रभावित महिलाओं को एक ही छत के नीचे चिकित्सा सहायता, कानूनी सलाह, अस्थायी आश्रय, पुलिस सहायता और मनोवैज्ञानिक परामर्श जैसी एकीकृत सहायता प्रदान की जा रही है. अब तक 2.10 लाख से अधिक मामलों में राहत प्रदान की गई है.
- कन्या सुमंगला योजना: यह योजना महिला भ्रूण हत्या को रोकने, बाल विवाह को समाप्त करने और शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अप्रैल 2019 में शुरू की गई थी. इसके तहत बेटी के जन्म से लेकर स्नातक तक 15,000 की वित्तीय सहायता (छह चरणों में) प्रदान की जाती है. इस योजना से23.40 लाख से अधिक बालिकाओं को लाभ मिला है.
स्वावलंबन: आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम
महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना मिशन शक्ति का एक अभिन्न अंग है:
- बीसी सखी और लखपति दीदी: स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को उद्यमिता के लिए प्रेरित किया जा रहा है.बीसी सखी (बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट सखी) ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाएं पहुंचाकर महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रही हैं.
- ड्राइविंग और ई-ऑटो रिक्शा प्रशिक्षण: महिलाओं को पारंपरिक रूप से पुरुष-प्रधान व्यवसायों में प्रवेश करने के लिए प्रशिक्षण और वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं.
मिशन शक्ति, अपने विभिन्न चरणों (फेज 1 से 5.0 तक) के माध्यम से, महिलाओं के बीच जागरूकता बढ़ा रहा है और उन्हें उनके कानूनी अधिकारों और सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दे रहा है. यह अभियान उत्तर प्रदेश में नारी शक्ति को एक नई दिशा और पहचान दे रहा है, जहां "नारी शक्ति ही राष्ट्र शक्ति है" के संदेश को साकार किया जा रहा है.
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL






















