भारत, चीन, पाकिस्तान समेत 60 देशों के खिलाफ ट्रंप ने चलाया डंडा, एक दिन पहले 16 देशों के खिलाफ शुरू की थी जांच
Forced Labour Probe: इस जांच के जरिए यह देखा जाएगा कि अलग-अलग देशों की नीतियों का असर अमेरिकी कारोबार और कामगारों पर किस तरह पड़ रहा है.

अमेरिका ने दुनिया के 60 देशों के खिलाफ एक बड़ी व्यापारिक जांच शुरू की है. इस जांच का मकसद यह पता लगाना है कि इन देशों ने जबरन मजदूरी से बनाए गए सामान के आयात पर रोक लगाने के लिए क्या कदम उठाए हैं. इस सूची में भारत भी शामिल है. अमेरिका का कहना है कि कई देशों ने ऐसे सामान को अपने बाजार में आने से रोकने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए हैं. इसी वजह से यह जांच शुरू की गई है.
अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर ने कहा कि जबरन मजदूरी के खिलाफ पूरी दुनिया में सहमति है, लेकिन कई सरकारें ऐसे सामान के आयात पर प्रभावी रोक लगाने में असफल रही हैं. उन्होंने कहा कि इस जांच के जरिए यह पता लगाया जाएगा कि अलग अलग देशों ने जबरन मजदूरी से बने सामान को रोकने के लिए क्या कदम उठाए और अगर ऐसा नहीं किया गया तो उसका असर अमेरिका के उद्योगों और कामगारों पर कैसे पड़ा.
एक दिन पहले 16 देशों पर भी शुरू हुई थी जांच
यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब एक दिन पहले ही अमेरिका ने 16 देशों के खिलाफ भी जांच शुरू करने की घोषणा की थी. उस जांच में यह देखा जा रहा है कि क्या इन देशों की उत्पादन और निर्माण से जुड़ी नीतियां अमेरिका के व्यापार के लिए बोझ बन रही हैं या उस पर रोक लगा रही हैं. उस सूची में भी भारत का नाम शामिल था.
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कई बड़े देश भी जांच के दायरे में
इस जांच में सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि पाकिस्तान, चीन, रूस, थाईलैंड, बांग्लादेश, वेनेजुएला और कंबोडिया जैसे कई देश भी शामिल हैं. इसके अलावा अल्जीरिया, अंगोला, अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, बहामास, बहरीन, ब्राजील, कनाडा, चिली, कोलंबिया, कोस्टा रिका, डोमिनिकन गणराज्य, इक्वाडोर, मिस्र, एल साल्वाडोर, यूरोपीय संघ, ग्वाटेमाला, गुयाना, होंडुरास, हांगकांग, इंडोनेशिया, इराक, इजरायल, जापान, जॉर्डन, कजाकिस्तान, कुवैत, लीबिया, मलेशिया, मेक्सिको, मोरक्को, न्यूजीलैंड, निकारागुआ, नाइजीरिया, नॉर्वे, ओमान, पेरू, फिलिपींस, कतर, सऊदी अरब, सिंगापुर, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, श्रीलंका, स्विट्जरलैंड, ताइवान, त्रिनिदाद और टोबैगो, तुर्किये, संयुक्त अरब अमीरात, यूनाइटेड किंगडम, उरुग्वे और वियतनाम जैसे देश भी शामिल हैं.
किस कानून के तहत हो रही है जांच
यह जांच 1974 के व्यापार कानून की धारा 301 (बी) के तहत की जा रही है. इस कानून के तहत अमेरिका उन विदेशी नीतियों और व्यापारिक तरीकों की जांच करता है जो उसके कारोबार को नुकसान पहुंचाते हैं या उस पर रोक लगाते हैं.
अप्रैल में होगी सुनवाई
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि ने कहा कि इस जांच से जुड़ी सुनवाई अप्रैल महीने में की जाएगी. इसमें उद्योगों से जुड़े लोगों और विशेषज्ञों की राय भी ली जाएगी. यह जांच ऐसे समय शुरू हुई है जब हाल ही में अमेरिका के सर्वोच्च न्यायालय ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा कई देशों पर लगाए गए शुल्कों को रद्द कर दिया था. इसके बाद ट्रंप प्रशासन ने एक नए प्रावधान के तहत दुनिया भर से आने वाले सामान पर 10 प्रतिशत अस्थायी शुल्क लगा दिया है. यह व्यवस्था जुलाई तक लागू रहने वाली है.
ट्रंप ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय का फैसला उन्हें निराश करने वाला था, लेकिन उनके पास व्यापार नीति लागू करने के और भी कई रास्ते हैं. जरूरत पड़ने पर वे अमेरिकी उद्योगों की सुरक्षा के लिए और कदम उठा सकते हैं.
Source: IOCL


























